Iran-Pakistan Conflict: ईरान पर जवाबी हमला करने की नहीं है पाकिस्तान की औकात.. PAK एक्सपर्ट ने क्यों कहा?

Iran-Pakistan Conflict: पाकिस्तान ने कहा है, कि पड़ोसी देश ईरान की तरफ से किए गए हवाई हमलों के बाद बलूचिस्तान में दो बच्चों की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए हैं। ईरानी हमले को इस्लामाबाद ने अपने हवाई क्षेत्र का उल्लंघन बताया है।

पाकिस्तान ने कहा कि उसने इस घटना पर इस्लामाबाद में तेहरान के शीर्ष राजनयिक को तलब किया है, लेकिन पाकिस्तानी जनता भारी गुस्से में है और अपनी सेना से सोशल मीडिया पर ईरान के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करने के लिए कह रही है। सोशल मीडिया पर पाकिस्तानी अवाम में ईरान के खिलाफ भारी गुस्सा है और चुप्पी साधने के लिए पाकिस्तानी अपनी ही सेना की खिंचाई कर रहे हैं।

Iran-Pakistan Conflict

लिहाजा, पाकिस्तान की सेना के ऊपर ईरान के खिलाफ एक्शन लेने का प्रेशर काफी ज्यादा है। लेकिन, क्या पाकिस्तान ईरान के खिलाफ जवाबी कार्रवाई कर सकता है?

पाकिस्तान के पत्रकार और एक्सपर्ट अदनान आमिर ने कुछ संभावनाओं की तरफ इशारा किया है, कि ईरानी हमले के बाद पाकिस्तान की तरफ से क्या प्रतिक्रियाएं दी जा सकती हैं?

ईरान के खिलाफ क्या कर सकता है पाकिस्तान?

अदनान आमिर का कहना है, यह पहली बार नहीं है जब ईरान ने पाकिस्तान की सीमाओं का उल्लंघन किया है। 2013 में, ईरान ने केच में एक ड्रोन/मिसाइल हमला किया था। साल 2016 में एक ईरानी ड्रोन को लेवीज़ ने पकड़ा था, जबकि 2017 में पाकिस्तानी एयरफोर्स ने एक ईरानी ड्रोन को मार गिराया था। ऐसे कई उदाहरण हैं, जब ईरानी सेना ने संदिग्ध आतंकवादियों को गिरफ्तार करने और मारने के लिए पाकिस्तान की सीमार में प्रवेश किया है।

उन्होंने आगे लिखा है, कि "ईरान की आक्रामकता पर पाकिस्तान की प्रतिक्रिया हमेशा धीमी रहती है, क्योंकि पाकिस्तान, ईरान को दुश्मन बनाने का जोखिम नहीं उठा सकता। इसीलिए ईरान के ख़िलाफ़ पुलवामा-शैली की किसी भी जवाबी कार्रवाई की संभावना नहीं है।"

अदनान आमिर ने आगे लिखा है, कि "पाकिस्तान, ईरान पर बीएलए और बीएलएफ जैसे बलूच अलगाववादी समूहों को शरण देने का आरोप लगाता है, जबकि ईरान ने जैश अल अदल और जैश उल नस्र को पनाह देने के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया है। जबकि पाकिस्तान और ईरान के बीच संबंध स्पष्ट रूप से सौहार्दपूर्ण हैं, लेकिन सीमा पर प्रॉक्सी का उपयोग करके शीत युद्ध चल रहा है।

इसके अलावा, पाकिस्तान-ईरान संबंध वैश्विक शक्तियों के दबाव और क्षेत्रीय संघर्षों का शिकार रहा है। पाकिस्तान, ईरान से सबसे सस्ता तेल और गैस आयात कर सकता है, लेकिन अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण वो ऐसा नहीं करता है। इससे पाकिस्तान के आर्थिक हितों को नुकसान पहुंचता है।

वहीं, ईरान भी पाकिस्तान के साथ टकराव नहीं बढ़ाना चाहता। इसलिए, ईरान की तरफ से फिलहाल और उत्तेजक हमले करने की संभावना कम है। हालांकि, वह इस्लामाबाद से जैश उल अदल की संरचनाओं को ध्वस्त करने के लिए कहता रहेगा।

अदनान आमिर ने कहा है, कि "ईरान के हमले में बलूचिस्तान के पंजगु में कथित तौर पर मारी गईं दो लड़कियों को लेकर कुछ नहीं होगा और इस संघर्ष में सभी हितधारकों द्वारा उनके नुकसान को नजरअंदाज कर दिया जाएगा। यानि, पाकिस्तान की तरफ से उन लड़कियों की मौत को लेकर कुछ भी नहीं किया जाएगा।

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