'जिन्न से इमरान को किया वशीभूत, सुप्रीम कोर्ट पर काबू के लिए साधना... ', बुशरा बीबी के डायरी से खुले कई राज
Imran Khan Bushra Bibi Diary: इमरान खान को तोशाखाना भ्रष्टाचार मामले में पाकिस्तान की एक अदालत ने 3 सालों की जेल की सजा और एक लाख रुपये का जुर्माना ठोका है, दूसरी तरफ इमरान खान की पत्नी बुशरा बीबी का एक डायरी सरकार ने अपने कब्जे में लिया है, जिसमें इमरान खान और बुशरा बीबी की निजी जिंदगी को लेकर कई खुलासे किए गये हैं।
जियो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान की पूर्व प्रथम महिला और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के अध्यक्ष इमरान खान की पत्नी बुशरा बीबी की एक कथित निजी डायरी में, उनके पति के जीवन से जुड़े राजनीतिक और निजी मामलों में उनके प्रभाव के बारे में आंखें खोलने वाले खुलासे किए गए हैं।

बुशरा बीबी के डायरी ने खोले राज
जियो न्यूज के मुताबिक, ये डायरी उस वक्त सरकार के हाथ लगी है, जब बुशरा बीबी के अपने पति इमरान खान से अटक जेल में पहली बार मिलने के लिए पहुंची थीं। इमरान खान को 2018 से 2022 के दौरान प्रधानमंत्री पद पर रहते हुए सरकारी गिफ्ट्स को बेचने और 140 मिलियन रुपये का गबन करने के आरोप हैं।
इमरान खान को पिछले साल अप्रैल में अविश्वास प्रस्ताव के जरिए सत्ता से हटा दिया गया था।
बुशरा बीबी के डायरी से पता चला है, कि डायरी में पीटीआई प्रमुख इमरान खान की राजनीतिक और निजी जिंदगी को कैसे कंट्रोल करना है, उनके शासन को कैसे कंट्रोल करना है, इसको लेकर बातें लिखी गई हैं।
डायरी से पता चलता है, कि बुशरा बीबी इमरान खान को निर्देश देती थी और इमरान खान, अपनी पत्नी के सारे आदेशों का पालन करते थे। इस डायरी से पता चलता है, कि बुशरा बीबी न्यायपालिका, सेना और सरकार पर दबाव बनाने के लिए, किस वक्त क्या फैसला लेना है, वो तंत्र-मंत्र के हिसाब से तय करती थीं और किस व्यक्ति को कैसे काबू में करना है, उसके बारे में इमरान खान को बताती थीं।
इसमें राज्यपाल शासन लागू होने की स्थिति में उत्पन्न होने वाली स्थिति के बारे में भी बात की गई है, जिसमें कहा गया है, कि कानूनी टीम को शहर को प्रोटेस्ट के जरिए बंद करने के लिए तैयार रहना चाहिए और ऐसा होने पर शटर-डाउन हड़ताल का आह्वान करना चाहिए।
डायरी, कानूनी मामलों में बुशरा बीबी की भूमिका, इमरान खान और वकीलों के बीच बातचीत को भी नियंत्रित करने पर भी प्रकाश डालती है। डायरी में लिखा गया है, कि बुशरा बीबी, अपने पति इमरान खान को भी चुप रहने की हिदायत देती हैं।
बिना तारीख वाले इस डायरी में लिखा हुआ है, कि "हमें अदालत पर दबाव बनाना होगा, ताकि वह नकारात्मक फैसला न दे। दबाव डालने का मतलब है, कि अदालत में बहुत सारे लोग होने चाहिए।"
इसमें यह भी कहा गया है कि अदालत के किसी भी निगेटिव फैसले को पलटने के लिए एक "सार्वजनिक कथा/माहौल" बनाया जाना चाहिए। इसमें कहा गया है, कि "प्रसिद्ध वकीलों से फैसला कराना बेहतर है, और कोर्ट पर दबाव होना चाहिए।"
बुशरा बीबी के काबू में इमरान खान
डायरी में आगे कहा गया है, कि "आपको यह घोषणा नहीं करनी चाहिए कि आप कितने समय के लिए आ रहे हैं और पार्टी को भी इसके बारे में पता नहीं चलना चाहिए।''
इसके अलावा, डायरी में याचिकाओं, पीटीआई सीनेटर आजम स्वाति और पाकिस्तान के मुख्य न्यायाधीश (सीजेपी) उमर अता बंदियाल के संबंध में भी कई बातें लिखी गई हैं।
डायरी में इमरान खान के खान-पान और दिनचर्या पर बुशरा बीबी का कितना नियंत्रण था और उन्हें किस समय क्या खाना है, इसका भी खुलासा किया गया है। डायरी से पता चलता है, कि इमरान खान को सुबह उठते ही कहवा, जूस और शहद पीना पड़ता था।
इससे यह भी पता चलता है, कि पीटीआई अध्यक्ष को दोपहर के भोजन में विटामिन के साथ केवल मछली, मांस या कबाब खाना होता है। इसमें आगे कहा गया है, कि पूर्व प्रधानमंत्री को रात 12 बजे पीने के लिए दूध दिया जाना चाहिए।
डायरी को लेकर पीटीआई ने क्या कहा?
इमरान खान की पार्टी पीटीआई ने इस बात से इनकार किया है, कि डायरी या उसमें लिखी किसी भी चीज़ का बुशरा बीबी से कोई संबंध है।
पूर्व सत्तारूढ़ पार्टी के प्रवक्ता ने कहा, कि "पीटीआई अध्यक्ष की पत्नी का उस डायरी से कोई लेना-देना नहीं है। यह उनकी नहीं है और न ही वह इसकी पुष्टि करती हैं कि इसमें क्या लिखा है।"
उन्होंने कहा, "यह वास्तविक समस्याओं, विशेषकर सरकार के फासीवाद और उत्पीड़न और संविधान और कानून के उल्लंघन से ध्यान हटाने का एक असफल प्रयास है।"
प्रवक्ता ने आगे कहा कि चाहे वे कितनी भी साजिशें रच लें, लेकिन इन लोगों को जनता की अदालत का सामना करना पड़ेगा।












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