इंडियन नेवी की जांबाजी के कायल हुए बुल्गारिया के राष्ट्रपति, समुद्री लुटेरों से नागरिकों को बचाया तो कही ये बा
भारतीय नौसेना ने बीते शनिवार को हिंद महासागर और अरब सागर में अपने दबदबे का नमूना पेश करते हुए समुद्री लुटेरों द्वारा हाईजैक हुए जहाज एम वी रुएन को बचाया था। इस ऑपरेशन के तहत नौसेना ने 35 सोमालियन समुद्री लुटेरों को आत्मसमर्पण करने को मजबूर कर दिया और 17 क्रू मेंबर की जान बचाई।
जहाज में मौजूद क्रू सदस्यों में बुल्गारिया के 7 नागरिक थे। इसे लेकर बुल्गारिया के राष्ट्रपति का बयान सामने आया है। राष्ट्रपति रुमेन रादेव ने सोमवार को रेस्क्यू मिशन के लिए PM मोदी और नौसेना को धन्यवाद दिया है।

रादेव ने सोमवार को ट्वीट किया, ''अपहृत बल्गेरियाई जहाज 'रूएन' और 7 बल्गेरियाई नागरिकों सहित उसके चालक दल को बचाने में भारतीय नौसेना की बहादुरीपूर्ण कार्रवाई के लिए पीएम नरेंद्र मोदी को मेरा हार्दिक आभार।''
इसके जवाब में पीएम मोदी ने बुल्गारिया के राष्ट्रपति से कहा, "हम आपके संदेश की सराहना करते हैं। हमें खुशी है कि सभी क्रू सदस्य सुरक्षित हैं और जल्द ही घर लौट जाएंगे। भारत हिंद महासागर में समुद्री लुटेरों और आतंकियों के खिलाफ लड़ता रहेगा। हम नेविगेशन की आजादी की रक्षा करते रहेंगे।"
इससे पहले बुल्गारिया की डिप्टी पीएम मारिया गेब्रियल ने भी एक्स पर एक पोस्ट में आभार व्यक्त किया था, जिस पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने जवाब देते हुए कहा, "दोस्त इसी के लिए होते हैं।"
आपको बता दें कि एमवी रुएन का सोमालियाई लुटेरों ने पिछले साल 14 दिसंबर को अपहरण कर लिया था। इस घटना के करीब 3 महीने के बाद 16 मार्च को अरब सागर में 40 घंटे लंबे ऑपरेशन के बाद भारतीय नौसेना ने एमवी रुएन को मुक्त कराया।
इस महत्वपूर्ण ऑपरेशन में नौसेना के आईएनएस कोलकाता और आईएनएस सुभद्रा युद्धपोत, ड्रोन्स और मरीन कमांडो शामिल हुए। नौसेना ने बताया कि ऑपरेशन के तहत वायुसेना के सी-17 ग्लोबमास्टर ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट की मदद से मार्कोस कमांडो को भारतीय तट से 1400 समुद्री मील दूर अरब सागर में एयरड्रॉप किया गया।
इसके साथ ही मार्कोस कमांडो के लिए कई विशेष नौकाएं भी अरब सागर में गिराई गईं। इन नौकाओं की मदद से भारतीय मार्कोस कमांडो अगवा किए गए व्यापारिक जहाज एमवी रुएन पर सवार हुए और वहां ऑपरेशन चलाकर समुद्री लुटेरों को आत्मसमर्पण के लिए मजबूर कर दिया।
भारतीय नौसेना ने घटना का एक वीडियो शेयर किया था। नौसेना ने बताया था कि 14 दिसंबर को भी समुद्री लुटेरों ने माल्टा के जहाज MV रुएन को हाईजैक कर लिया था। वो इस जहाज का इस्तेमाल समुद्र में डकैती करने के लिए कर रहे थे।












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