BRICS Summit: क्या पुतिन ने भारत और चीन में करवाया 'युद्धविराम'? ये तस्वीर देखकर अमेरिका के पेट में होगा दर्द!
BRICS Summit: डिप्लोमेसी की दुनिया में तस्वीरों के जरिए, हावभाव के जरिए, गले लगाने, हाथ मिलाने या नजर मिलाने तक को एक संदेश की तरह देखा जाता है और कजान में चल रहे ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की आई एक तस्वीर ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी तरफ खींच लिया है।
कजान में आयोजित एक अनौपचारिक ब्रिक्स शिखर सम्मेलन रात्रिभोज में, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और उनके चीनी समकक्ष शी जिनपिंग के बीच बातचीत के दौरान हाथ हिलाकर अभिवादन किया, जिससे नेताओं के बीच सौहार्दपूर्ण माहौल का पता तो चलता ही है, इसके साथ ही, अमेरिका के लिए भी ये तस्वीर, एक संदेश की तरह देखा जा रहा है।

मोदी और शी जिनपिंग के बीच यह बातचीत ऐसे समय में हुई है, जब भारत और चीन ने गश्त व्यवस्था पर सहमति बना ली है और वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर सैन्य गतिरोध को सुलझा लिया है। यह दोनों देशों के बीच चार साल से चल रहे सैन्य गतिरोध को समाप्त करने की दिशा में एक बड़ी सफलता है।
The heads of delegations from BRICS countries attended a gala concert as part of the evening program at the summit in Kazan. The program included a performance of the legendary song "Kalinka." pic.twitter.com/iM1q0EaeyQ
— Sputnik (@SputnikInt) October 22, 2024
ये तस्वीर बहुत कुछ कहती है!
इस मौके पर चीन और रूस के बीच मजबूत होते संबंधों को भी दर्शाया गया है, जो पिछले कुछ वर्षों में और मजबूत हुआ है, खासकर यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के बाद, जब अमेरिका और पश्चिमी देशों ने रूस को प्रतिबंधों में जकड़ लिया है।
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दृश्यों में एक दोस्ताना पल भी कैद हुआ, जब व्लादिमीर पुतिन ने नरेंद्र मोदी से हाथ मिलाकर और गले मिलकर उनका अभिवादन किया, जिससे उनके बीच घनिष्ठ संबंध प्रदर्शित हुए। विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने मंगलवार को बताया है, कि मोदी और शी जिनपिंग आज रूस के कज़ान में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर द्विपक्षीय बैठक करेंगे।

जून 2020 में गलवान घाटी में हुई भीषण झड़प के बाद दोनों एशियाई दिग्गजों चीन और भारत के बीच संबंध काफी खराब हो गए थे, जो दशकों में उनके बीच सबसे गंभीर सैन्य संघर्ष था। हालांकि, ब्रिक्स गाला डिनर में राष्ट्रपति पुतिन को पीएम मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच बैठाया गया, जो तीनों देशों के बीच घनिष्ठ राजनयिक संबंधों की ओर बदलाव का संकेत देता है।
मोदी और शी जिनपिंग ने आखिरी बार अक्टूबर 2019 में ममल्लापुरम में अपने दूसरे अनौपचारिक शिखर सम्मेलन के दौरान एक संरचित बैठक की थी, जो सीमा गतिरोध शुरू होने से महीनों पहले हुई थी। LAC पर गश्त करने का समझौता भारत और चीन के बीच कई कूटनीतिक और सैन्य चर्चाओं का परिणाम था।
इसके बाद हाल के महीनों में वरिष्ठ नेताओं के बीच कई बैठकें हुईं। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने 4 जुलाई को कजाकिस्तान में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में और 25 जुलाई को लाओस में आसियान से संबंधित बैठकों के दौरान चीनी विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात की थी।
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने भी 12 सितंबर को सेंट पीटर्सबर्ग में ब्रिक्स बैठक में वांग से मुलाकात की।
वहीं, इस तस्वीर को देखकर अमेरिका के पेट में दर्द होना तय माना जा रहा है, क्योंकि वो जिस तरह से खालिस्तान मुद्दे को लेकर भारत को परेशान कर रहा है, उसे देखते हुए भारत की तरफ से, इस तस्वीर के जरिए अमेरिका के लिए एक संदेश माना जा रहा है, कि आज की तारीख में, भारत को आप तंग नहीं कर सकते हैं।












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