BRICS: 'दोहरे मापदंडों की जगह नहीं', PM मोदी ने लगाई पाकिस्तान को लताड़, जानिए क्या-क्या कहा?
BRICS: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में कहा कि 'वैश्विक शासन के संस्थानों में व्यापक सुधार आवश्यक हैं क्योंकि ये निकाय ग्लोबल साउथ की चिंताओं और हितों को संबोधित करने में विफल रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा कि 'हाल ही में पहलगाम में अमानवीय और कायराना आतंकी हमला हुआ, यह मानवता पर हमला था।'

ब्रिक्स में पीस एंड सिक्योरिटी एंड रिफॉर्म ऑफ ग्लोबल गवर्नेंस सत्र के दौरान पीएम मोदी ने शांति और भाईचारे के प्रति भारत की प्रतिबद्धता जताते हुए पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा कि 'अब दोहरे मापदंडों की कोई जगह नहीं है, यदि कोई देश आतंकवाद का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से आतंकवाद का समर्थन करता है तो उसे उसकी कीमत चुकानी होगी।'
शांति और सुरक्षा और वैश्विक शासन के सुधार पर केंद्रित एक सत्र को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि' इन संस्थानों ने ग्लोबल साउथ को निर्णय लेने की टेबल पर जगह देने में विफलता के अलावा, दुनिया भर के संघर्षों, स्वास्थ्य और आर्थिक संकटों और साइबर और अंतरिक्ष में नई चुनौतियों का कोई समाधान नहीं है।'
'सांकेतिक इशारों से ज्यादा कुछ नहीं' ( BRICS)
इसके बाद पीएम मोदी ने कहा कि 'दोहरे मानकों का शिकार होने के अलावा, ग्लोबल साउथ को जलवायु वित्त, सतत विकास और प्रौद्योगिकी पहुंच में 'सांकेतिक इशारों से ज्यादा कुछ नहीं' मिला है। उन्होंने हिंदी में बोलते हुए कहा, 'चाहे वह विकास, संसाधनों का वितरण या सुरक्षा संबंधी मुद्दे हों, ग्लोबल साउथ के हितों को प्राथमिकता नहीं दी गई है, मानवता का दो-तिहाई हिस्सा 20वीं सदी में निर्मित वैश्विक संस्थानों में पर्याप्त रूप से प्रतिनिधित्व नहीं करता है। आज की वैश्विक अर्थव्यवस्था का अधिकांश हिस्सा बनाने वाले देश निर्णय लेने की टेबल पर नहीं हैं।'
'BRICS प्लस' या 'ब्रिक्स+' के नाम से भी जाना जाने लगा है
आपको बता दें कि 'ब्रिक्स (BRICS) एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है जिसमें ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं। हाल ही में इसमें नए देशों को शामिल कर इसे 'ब्रिक्स प्लस' या 'ब्रिक्स+' के नाम से भी जाना जाने लगा है। यह समूह विकासशील देशों की आवाज को मजबूती से वैश्विक मंच पर रखने का कार्य करता है।
BRICS की स्थापना
- ब्रिक्स समूह की नींव वर्ष 2006 में रखी गई थी और इसका पहला औपचारिक शिखर सम्मेलन 2009 में हुआ था।
- इसका उद्देश्य वैश्विक दक्षिण यानी विकासशील देशों को वैश्विक आर्थिक एवं राजनीतिक निर्णयों में अधिक भागीदारी दिलाना था।

BRICS में भारत की भूमिका
भारत ब्रिक्स का एक संस्थापक सदस्य होने के नाते इसकी रणनीतिक दिशा तय करने में प्रमुख भूमिका निभाता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सम्मेलन में 'वसुधैव कुटुम्बकम्' के सिद्धांत पर जोर देते हुए शांति, सतत विकास और आतंकवाद के खिलाफ एकजुट लड़ाई का आह्वान किया है।












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