‘बिकनी किलर’ चार्ल्स शोभराज की जेल से हुई रिहाई, दो दशक बाद ली खुली हवा में सांस
नेपाल की सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को हत्यारे को रिहा करने का आदेश जारी किया था। हालांकि कुछ कानूनी अड़चनों की वजह से गुरुवार को चार्ल्स शोभराज की रिहाई नहीं हो पाई थी।

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'बिकिनी किलर' चार्ल्स शोभराज लगातार 19 सालों तक जेल की सलाखों के पीछे कैद रहने के बाद आखिरकार बाहर आ गया है। खबर है कि नेपाल की जेल से शु्क्रवार को चार्ल्स शोभराज की रिहाई हो गई है। नेपाल की सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को हत्यारे को रिहा करने का आदेश जारी किया था। हालांकि कुछ कानूनी अड़चनों की वजह से गुरुवार को चार्ल्स शोभराज की रिहाई नहीं हो पाई थी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, फ्रांस के विदेश मंत्रालय ने कहा था कि उनका दूतावास हालात पर नजर रख रहा है।
2003 से काट रहा था सजा
78 साल का शोभराज फ्रांसीसी नागरिक है। बता दें कि भारतीय और वियतनामी माता-पिता की संतान चार्ल्स शोभराज हत्या के आरोप में साल 2003 से ही उम्रकैद की सजा काट रहा था। 20 साल की सजा पूरी होने में बस एक साल का वक्त बाकी था लेकिन उसकी उम्र को देखते हुए अदालत ने रिहाई का आदेश दिया। बुधवार को सुप्रीम कोर्ट के सूत्रों के मुताबिक जस्टिस सपना प्रधान मल्ला और जस्टिस तिलक प्रसाद श्रेष्ठ की बेंच ने शोभराज को जेल से रिहा करने का फैसला सुनाया था।
बिकनी किलर नाम कैसे पड़ा?
पुलिस के मुताबिक 1970 और 1980 के दशक में चार्ल्स शोभराज ने कई हत्याएं की। शोभराज पर पूरे एशिया में 20 से ज्यादा लोगों की हत्याओं के आरोप हैं। कहा जा रहा है कि उसने लूट के इरादों से इन वारदातों को अंजाम दिया था। आरोपी पीड़ितों के खाने-पीने में नशीली चीज मिलाकर अपने मंसूबे पूरे करता था। उसने जिन लोगों की निर्मम हत्या की थी उनमें से दो महिलाओं के शव केवल बिकिनी में मिले थे। इसके बाद ही चार्ल्स शोभराज का नाम 'बिकनी किलर' पड़ गया।
भारत में काटी जेल की सजा
नेपाल में जेल की सजा काटने से पहले चार्ल्स शोभराज एक फ्रांसीसी पर्यटक को जहर देने और एक इजरायली नागरिक की हत्या करने के लिए भारत में 21 साल जेल की सजा काट चुका है।












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