अफगानिस्तान में तालिबान के आतंक के बाद जो बाइडेन की साख दांव पर, कमला हैरिस को राष्ट्रपति बनाने की मांग
वॉशिंगटन, 20 अगस्त। अफगानिस्तान से जिस तरह से अमेरिका ने अपने सैनिकों को वापस बुलाने का फैसला किया उसके बाद राष्ट्रपति जो बाइडेन लगातार आलोचनाओं का सामना कर रहे हैं। जो बाइडेन ने 31 अगस्त तक अफगानिस्तान से अमेरिक सैनिकों को वापस बुलाने का ऐलान किया था। इस ऐलान के बाद से ही अफगानिस्तान में तालिबान के लड़ाकों ने तेजी से देश के लगभग हर बड़े हिस्से पर अपना नियंत्रण कर लिया है। अफगानिस्तान छोड़ लोग यहां से किसी भी तरह से बाहर जाना चाहते हैं।

अफगानिस्तान से सेना को वापस बुलाए जाने के फैसले के बाद राष्ट्रपति जो बाइडेन की लोकप्रियता में काफी गिरावट देखने को मिली है। पिछले 7 महीने में जो बाइडेन की लोकप्रियता अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है। यही नहीं गिरती लोकप्रियता के बीच बड़ी संख्या में अमेरिकी नागरिको का मानना है कि कमला हैरिस बतौर राष्ट्रपति जो बाइडेन की जगह ले सकती हैं।
ताजा सर्वे के अनुसार रैसमसन रिपोर्ट में कहा गया है कि 43 फीसदी लोगों का मानना है कि कमला हैरिस देश को चलाने के लिए बेहतर विकल्प हैं। जबकि 55 फीसदी लोगों का मानना है कि कमला हैरिस देश नहीं चला सकती हैं। वहीं 47 फीसदी लोगों का कहना है कि कमला हैरिस बिल्कुल भी देश चलाने के लिए योग्य नहीं हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि जो लोग कमला हैरिस के पक्ष में नहीं हैं उसकी बड़ी वजह यह है कि कमला हैरिस बॉर्डर विवाद का सही हल नहीं तलाश सकी और निष्पक्ष चुनाव कराए जाने के लिए कांग्रेस द्वारा दिए गए सुझाव को लागू नहीं कर सकीं।
वहीं राष्ट्रपति जो बाइडेन की बात करें तो बतौर राष्ट्रपति उनकी स्वीकार्यता में 7 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। अफगानिस्तान सरकार गिर जाने के बाद जिस तरह से अफगानिस्तान में अफरा-तफरी मची है उसके चलते जो बाइडेन की लोकप्रियता काफी कम हुई है। सोमवार को नेशनल ओपिनियन पोल कराया गया जिसमे यह बात सामने आई कि 46 फीसदी अमेरिकी वयस्कों ने जो बाइडेन के काम को बेहतर बताया है। तालिबान के अफगानिस्तान में नियंत्रण के बाद पिछले दो दशक में अमेरिकी टैक्सपेयर का एक ट्रिलियन डॉलर खर्च हुए और हजारो अमेरिकी सैनिकों की जान चली गई है।












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