पेट्रोल के लिए अब नेपाल को नहीं भारत की जरूरत, चीन से होगी सप्लाई
काठमांडू। नेपाल में नए संविधान के लागू होने के बाद और नई सरकार के आने के बाद भारत के साथ उसके रिश्ते एक नए मोड़ पर पहुंचते नजर आ रहे हैं। ताजा उदाहरण है भारत पर पेट्रोल के लिए नेपाल की निर्भरता का खत्म होना। नेपाल को ईंधन देने के मामले में भारतीय कंपनी इंडियन ऑय कारपोरेशन(आईओसी) का नियंत्रण बुधवार को खत्म हो गया है।

अब चीन से नेपाल आएगा पेट्रोल
नेपाल ने बुधवार को चीन से हर तरह के ईंधन के आयात के लिए पेट्रो चाइना के साथ समझौता ज्ञापन (मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग) पर दस्तखत किए।
अधिकारियों ने बताया कि नेपाल ऑयल कारपोरेशन (एनओसी) और पेट्रो चाइना के बीच समझौते पर दस्तखत बीजिंग में किए गए। बीते एक महीने से अनधिकृत रूप से भारत द्वारा नेपाल को सामानों और ईंधन की आपूर्ति पर लगाई गई रोक के बीच यह समझौता हुआ है।
भारत ने अपनी तरफ से ऐसी किसी भी रोक की बात को हमेशा गलत बताया है। चीन में नेपाल के राजदूत महेश मास्के ने समझौते पर दस्तखत के बाद नेपाली मीडिया से कहा कि नेपाल में चीन से ईंधन आने का रास्ता खुल गया है।
चीन के साथ हुआ समझौता
पेट्रो चाइना के झांग तोंग और नेपाल ऑयल कॉर्प के गोपाल बहादुर खड़का ने समझौते पर दस्तखत किए। समझौते का विवरण नहीं मिल सका है। अभी यह साफ नहीं है कि नेपाल तुंरत कितना ईंधन चीन से मंगाएगा।
सूत्रों की मानें तो भारत की तरफ से इस रोक के बाद नेपाल में ईंधन, जरूरी सामानों और दवाओं की बड़े पैमाने पर किल्लत महसूस की जा रही है।
हजारों स्कूलों को बंद हैं और गाड़ियां भी चलनी बंद हो गई हैं। वहीं, नेपाल की अर्थव्यवस्था पर काफी बुरा असर पड़ा है। नेपाल और भारत ने दो महीने पहले ही एक तेल पाइपलाइन के समझौते पर दस्तखत किए थे।
चीन करेगा गैसोलिन की सप्लाई
चीन ने यह भी कहा है कि वह नेपाल को 13 लाख लीटर गैसोलिन की आपूर्ति करेगा। अभी तक नेपाल ने चीन से कभी भी गैसोलिन का आयात नहीं किया था।












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