चीन में मिथुन चक्रवर्ती का गाना बना लोगों के विरोध की आवाज, जानें क्यों हर कोई गा रहा जिमी-जिमी आजा-आजा
चीन में इन दिनों मिथुन चक्रवर्ती के डिस्को डांसर फिल्म का एक गाना बेहद तेजी से वायरल हो रहा है। बप्पी लहरी का यह गाना चीन में लॉकडॉउन के विरोध का प्रतीक बन गया है।
चीन में इन दिनों मिथुन चक्रवर्ती के डिस्को डांसर फिल्म का एक गाना बेहद तेजी से वायरल हो रहा है। बप्पी लहरी के संगीत में पिरोए और पार्वती खान की आवाज में गाया गया 'जिमी-जिमी आजा-आजा' गाना आज लाखों लोगों द्वारा सुना जा रहा है। यह पहली बार है जब चीन में किसी भारतीय गाने को अचानक इतनी लोकप्रियता मिली है। दरअसल यह गाना लाखों चीनी लोगों के लिए सरकार द्वारा कठोर लॉकडाउन नियमों पर अपनी बढ़ती निराशा व्यक्त करने के साथ-साथ हंसी-मजाक का टूल बन गया है।

जिमी-जिमी आजा-आजा मचा रहा धूम
1982 में रिलीज हुए इस सुपरहिट गाने को चीन में शॉर्ट वीडियो प्लेटफॉर्म पर व्यापक रूप से देखा और साझा किया जा रहा है। दरअरल इस गीत के शब्द 'जिमी-जिमी' को जब मंदारिन में गाया गया तो यह सुनने पर कुछ-कुछ 'जी मील' जैसा लगता है। जी मिल को चीनी भाषा में 'मुझे चावल दो' कहा जाता है। अब यह चीनी सोशल मीडिया पर खूब गाया जा रहा है। जिसका भाव है.. "मुझे कुछ चावल दो? मुझे कौन दे सकता है? मैं इससे बाहर भागा। ज्यादा चावल देने की जरूरत नहीं है, मेरे परिवार में कुछ ही सदस्य हैं।"

जिमी-जिमी बना लोगों की आवाज
इस गाने के द्वारा लोग सरकार से कठोर कोविड प्रतिबंध नियमों से ढ़ील देने की मांग कर रहे हैं। लोग निराश हैं क्योंकि एक इलाके से मुट्ठी भर कोविड -19 मामले सामने आने पर ही सरकार सख्त हो जाती है और सबकुछ बंद कर देती है जिसके बाद लोगों को दो वक्त का खाना जुटाने के लिए भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। गाने के विभिन्न संस्करणों को सोशल मीडिया विशेष रूप से डॉयिन (टिकटॉक) पर लाखों बार देखा गया है। इस वीडियो में, नेटिज़न्स हाथों में खाली बर्तन लिए गाने पर नाचते हुए दिखाई दे रहे हैं, जिनमें से कई ताल पर झूमते हुए इम्प्रोवाइज्ड साड़ी पहने हुए हैं।
चीनी सेंसर से बचा ये गाना
चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) के नेतृत्व या उसकी नीतियों के खिलाफ किसी भी प्रकार की आलोचना को तुरंत सेंसर कर देने की प्रथा रही है लेकिन ऐसा लगता है कि गीत अब तक सेंसर से बच गया है, क्योंकि इस गाने के मूल में इसका स्वभाव हास्य है। बतादें कि चीन में 30 अक्टूबर को 2,675 मामले दर्ज किए। यह कई देशों की तुलना में बेहद कम आंकड़ा है लेकिन चीनी सरकार इस आंकड़े पर भी लगाम लगाने के लिए "शून्य-कोविड" नीति का पालन कर रही है।

चीन की आईफोन सिटी में कोरोना हुआ बेकाबू
इस बीच चीन के झेंगझोऊ शहर में कोरोना वायरस का संक्रमण एक बार फिर से तेजी से बढ़ रहा है। इंफेक्शन की चेन को रोकने के लिए चीनी प्रशासन की ओर से यहां कड़ा लॉकडाउन लगा दिया गया है। देश के सबसे बड़े आईफोन फैक्ट्री के तौर पर मशहूर झेंगझोऊ में दहशत का माहौल है। आलम यह है कि शहर में काम करने वाले प्रवासी मजदूर यहां से भाग रहे हैं। कामगारों ने भागने के लिए एप्पल की सबसे बड़ी असेंबली साइट को तोड़ दिया है। यहां से भाग निकलने के बाद कई लोगों 100 किलोमीटर से भी अधिक दूर स्थित अपने घर को पैदल ही जा रहे हैं। ये लोग कोरोना के संक्रमण को फैलने से रोकने को लेकर बनाए गए ऐप को भी चकमा देने की कोशिशों में जुटे हुए हैं।












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