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Bangladesh: 2008 में शेख हसीना की हत्या की साजिश के बाद छोड़ा था देश, अब PM का चेहरा बनकर तारिक रहमान लौटे घर

Bangladesh: बांग्लादेश के पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के सबसे बड़े बेटे तारिक रहमान करीब 17 साल के निर्वासन के बाद आखिरकार अपने वतन लौट आए हैं। गुरुवार को ढाका एयरपोर्ट पर उनका ऐतिहासिक स्वागत हुआ। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के हजारों समर्थक बैनर, पोस्टर और तख्तियां लेकर एयरपोर्ट पहुंचे और अपने नेता की वापसी का जश्न मनाया।

सड़कों पर उमड़ा समर्थकों का सैलाब

गुरुवार सुबह से ही ढाका के बनानी एयरपोर्ट रोड पर भारी भीड़ देखने को मिली। हजारों BNP समर्थक और पार्टी कार्यकर्ता पैदल मार्च करते हुए एयरपोर्ट की ओर बढ़े। हर कोई पार्टी के कार्यवाहक अध्यक्ष तारिक रहमान की वापसी को एक ऐतिहासिक पल मान रहा था। एयरपोर्ट से लेकर स्वागत स्थल तक समर्थकों का हुजूम फैला हुआ था।

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बेटी जाइमा की पोस्ट ने भावनाओं को छुआ

तारिक रहमान की बेटी जाइमा रहमान ने अपने फेसबुक पेज पर विमान के अंदर की तस्वीरें साझा कीं। उन्होंने लिखा, "अपनी मातृभूमि, बांग्लादेश वापस जाते हुए!" तस्वीरों में तारिक रहमान और उनकी पत्नी मुस्कुराते नजर आए, जिसने समर्थकों के बीच भावनात्मक माहौल और गहरा कर दिया।

प्रधानमंत्री पद के दावेदार रहमान

BNP ने तारिक रहमान के स्वागत के लिए एक बड़ी रणनीति बनाई थी। पार्टी का दावा है कि ढाका एयरपोर्ट से स्वागत स्थल तक करीब 50 लाख समर्थकों को इकट्ठा करने का लक्ष्य रखा गया। पार्टी इस भव्य स्वागत के जरिए अपनी ताकत दिखाना चाहती है, खासकर ऐसे समय में जब तारिक रहमान फरवरी के चुनावों में प्रधानमंत्री पद के मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं।

बांग्लादेश में आपराधिक मामले, लंदन में निर्वासन

तारिक रहमान 2008 से लंदन में रह रहे थे। उनके खिलाफ बांग्लादेश में कई आपराधिक मामले दर्ज थे, जिनमें मनी लॉन्ड्रिंग और शेख हसीना की हत्या की साजिश से जुड़ा एक मामला भी शामिल था। हालांकि, हसीना सरकार के हटने के बाद उन्हें सभी मामलों से बरी कर दिया गया, जिससे उनकी वापसी का रास्ता साफ हो गया।

विदेश से ही पार्टी का नेतृत्व

सितंबर 2008 में देश छोड़ने के बाद तारिक रहमान लंबे समय तक लंदन में स्व-निर्वासन में रहे। दिसंबर 2009 में BNP की 5वीं राष्ट्रीय परिषद में उन्हें वरिष्ठ उपाध्यक्ष चुना गया। इसके बाद उन्होंने विदेश से ही पार्टी की कमान संभाली और राजनीतिक फैसलों में अहम भूमिका निभाई।

ब्रिटिश नागरिकता से जुड़ा विवाद

2015 में तारिक रहमान ने लंदन में "व्हाइट एंड ब्लू कंसल्टेंट्स लिमिटेड" नाम की एक PR और कम्युनिकेशन कंपनी रजिस्टर कराई। UK कंपनी हाउस के दस्तावेजों में उन्होंने खुद को ब्रिटिश नागरिक बताया था। हालांकि 2016 में उन्होंने रिकॉर्ड में संशोधन कर अपनी नागरिकता बांग्लादेशी घोषित कर दी।

हसीना सरकार गिरने के बाद बदले हालात

2024 में शेख हसीना सरकार के पतन के बाद तारिक रहमान ने बांग्लादेश लौटने का फैसला लिया। उन्होंने मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार की सुधार प्रक्रिया का समर्थन करने की बात भी कही।

फिर से मजबूत हुई BNP

तारिक रहमान की वापसी ऐसे समय पर हुई है जब BNP पिछले साल हुए छात्र-नेतृत्व वाले आंदोलन के बाद मजबूत स्थिति में है। इसी आंदोलन के बाद लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहीं शेख हसीना को सत्ता छोड़नी पड़ी थी।

संवेदनशील दौर में वापसी

करीब 17.5 करोड़ की आबादी वाले बांग्लादेश में यह वापसी ऐसे समय पर हुई है जब नोबेल पुरस्कार विजेता मुहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार चुनाव की तैयारी कर रही है। यह चुनाव दो साल की राजनीतिक उथल-पुथल के बाद स्थिरता लाने के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।

चुनाव में BNP सबसे आगे

60 साल के तारिक रहमान, जिन्हें तारिक जिया भी कहा जाता है, BNP के कार्यवाहक अध्यक्ष हैं। 12 फरवरी को होने वाले संसदीय चुनाव में उनकी पार्टी के जीतने की संभावनाएं मजबूत मानी जा रही हैं।

सर्वे में BNP को बढ़त

अमेरिकी संस्था International Republican Institute के दिसंबर सर्वे के मुताबिक BNP सबसे ज्यादा संसदीय सीटें जीत सकती है। इस्लामी जमात-ए-इस्लामी पार्टी भी चुनावी दौड़ में है। वहीं शेख हसीना की अवामी लीग पार्टी को चुनाव से प्रतिबंधित कर दिया गया है।

अशांति की आशंका भी बरकरार

अवामी लीग ने चुनाव के दौरान अशांति की धमकी दी है, जिससे कई लोगों को निष्पक्ष मतदान को लेकर चिंता है। मीडिया संस्थानों पर हालिया हमलों और छिटपुट हिंसा ने कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मां की बीमारी भी बनी वापसी की वजह

पार्टी सूत्रों के अनुसार, तारिक रहमान की मां खालिदा जिया पिछले कई महीनों से गंभीर रूप से बीमार हैं और वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं। इसे भी उनकी तत्काल घर वापसी की एक बड़ी वजह माना जा रहा है।

लोकतंत्र के लिए अहम परीक्षा

बांग्लादेश आज एक निर्णायक मोड़ पर खड़ा है। तारिक रहमान की वापसी यह परखेगी कि BNP शांतिपूर्ण तरीके से समर्थकों को संगठित कर पाती है या नहीं, और क्या अंतरिम सरकार सच में निष्पक्ष सत्ता हस्तांतरण कर पाएगी।

युवा आंदोलन से उभरी पार्टी का समर्थन

नेशनल सिटिजन पार्टी (NCP), जो हसीना विरोधी छात्र आंदोलन से निकली है, ने तारिक रहमान की वापसी का स्वागत किया है। पार्टी के प्रवक्ता खान मुहम्मद मुर्सलिन ने कहा कि तारिक रहमान को भारी दबाव और धमकियों के चलते निर्वासन में जाना पड़ा था।

"उनकी वापसी से लोकतंत्र को ताकत मिलेगी"

मुर्सलिन ने कहा, "उनके लौटने से पार्टी नेताओं और समर्थकों में नई ऊर्जा आएगी। लोकतंत्र के रास्ते पर हम उनके साथ खड़े रहेंगे।" तारिक रहमान की वापसी को लेकर देश में उम्मीद और चिंता-दोनों का माहौल बना हुआ है।

इस खबर पर आपकी क्या राय है, हमें कमेंट में बताएं।

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