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Khamenei Post: 'खोर्रमशहर मोमेंट'...मर चुके खामेनेई के अकाउंट से आया रहस्यमयी मैसेज, कौन चला रहा अकाउंट?

Ayatollah Ali Khamenei X Post Khorramshahr: ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत के बाद एक ऐसा रहस्यमयी सोशल मीडिया पोस्ट सामने आया है जिसने पूरी दुनिया में नई हलचल पैदा कर दी है। अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले में मारे गए खामेनेई के आधिकारिक X (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट से शुक्रवार 6 मार्च को अचानक एक पोस्ट किया गया, जिसमें एक मिसाइल की तस्वीर के साथ लिखा था, "खोर्रमशहर मोमेंट्स आने वाले हैं..."।

यह पोस्ट ऐसे समय सामने आया है जब ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच तनाव चरम पर है। खामेनेई की मौत को 5 दिन हो चुके हैं, ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर उनके अकाउंट से यह संदेश किसने पोस्ट किया और इसका असली मतलब क्या है। खामेनेई के इस पोस्ट में लिखे कैप्शन का मतलब क्या है। आइए सिलसिलेवार तरीके से समझते हैं।

Ayatollah Ali Khamenei X Post Khorramshahr

खामेनेई के मौत के बाद अचानक आया रहस्यमयी संदेश (Khamenei X Post)

1 मार्च को ईरान ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की थी कि अमेरिकी और इजरायली संयुक्त हमले में सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत हो गई। उस हमले में खामेनेई के परिवार के कई सदस्य और ईरान के कई शीर्ष सैन्य और राजनीतिक नेता भी मारे गए थे।

लेकिन 6 मार्च को उनके X अकाउंट से मिसाइल की तस्वीर के साथ एक पोस्ट सामने आया। कैप्शन में केवल इतना लिखा था कि "खोर्रमशहर के पल आने वाले हैं।" यह संदेश सामने आते ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई। विशेषज्ञों का मानना है कि यह या तो ईरान की ओर से संभावित जवाबी कार्रवाई का संकेत हो सकता है या फिर किसी शक्ति प्रदर्शन की रणनीति का हिस्सा। असल में खोर्रमशहर ईरान के पास एक शक्तिशाली बैलिस्टिक मिसाइल है। इस मिसाइल का नाम ही खोर्रमशहर है।

पोस्ट में फारसी भाषा में क्या लिखा था?

पोस्ट में जो मिसाइल की तस्वीर थी, उस पर फारसी भाषा में भी कुछ लिखा हुआ था। जब इसका अंग्रेजी अनुवाद किया गया तो संदेश कुछ इस तरह सामने आया। इसमें कहा गया कि यह मिसाइल युवा ईरानियों के हाथों से बनाई गई है और यह जियोनिस्ट शासन के अहम ठिकानों तक पहुंचकर उन्हें नष्ट करने की क्षमता रखती है।संदेश में यह भी कहा गया कि यह मिसाइल ईरान के युवाओं की पहचान और ताकत का प्रतीक है।

इस रहस्यमयी पोस्ट से ठीक एक दिन पहले ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दावा किया था कि खोर्रमशहर-4 मिसाइलों का इस्तेमाल इजरायल पर हमले में किया गया था।

कौन चला रहा है खामेनेई का अकाउंट? (Who is operating Khamenei account)

खामेनेई की मौत के बाद उनके आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। आम तौर पर किसी देश के शीर्ष नेता के सोशल मीडिया अकाउंट को उनकी मीडिया टीम या सरकारी संचार विभाग संचालित करता है।

ऐसे में माना जा रहा है कि ईरान की सरकारी मीडिया टीम या फिर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़े अधिकारी फिलहाल यह अकाउंट संभाल रहे हो सकते हैं।

कुछ विश्लेषकों का मानना है कि यह पोस्ट युद्ध मनोविज्ञान का हिस्सा भी हो सकता है ताकि विरोधी देशों पर दबाव बनाया जा सके।

क्या हाल ही में इस्तेमाल हुई थी खोर्रमशहर मिसाइल? (Khorramshahr Missile Attack)

रिपोर्ट के मुताबिक इन मिसाइलों को तेल अवीव, बेन गुरियन एयरपोर्ट और इजरायली एयर फोर्स के 27वें स्क्वाड्रन बेस को निशाना बनाकर दागा गया। हालांकि इन हमलों की पूरी स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो पाई है, लेकिन इससे क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया है।

क्या है खोर्रमशहर मिसाइल? (Khorramshahr Missile)

खोर्रमशहर ईरान की एक मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल है, जिसका नाम ईरान के शहर खोर्रमशहर के नाम पर रखा गया है। missilethreat वेबसाइट के मुताबिकयह मिसाइल उत्तर कोरिया की Musudan (BM-25) तकनीक पर आधारित मानी जाती है, जिसकी जड़ें सोवियत संघ की R-27 पनडुब्बी से लॉन्च होने वाली मिसाइल तक जाती हैं। ईरान ने पहली बार इसका परीक्षण जनवरी 2017 में किया था और उसी साल सितंबर में तेहरान की सैन्य परेड में इसे सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किया गया था।

खोर्रमशहर मिसाइल कीविशेषता डिटेल
मिसाइल का प्रकार मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल
लंबाई लगभग 13 मीटर
रेंज 1000 से 2000 किमी (कुछ अनुमान 3000 किमी तक)
वॉरहेड क्षमता लगभग 1800 किलोग्राम
ईंधन लिक्विड फ्यूल
पहली टेस्टिंग जनवरी 2017
ऑपरेटर IRGC एयरोस्पेस फोर्स

खोर्रमशहर मिसाइल के बारे में जानिए (Khorramshahr Missile)

  • खोर्रमशहर ईरान की एक लिक्विड फ्यूल से चलने वाली मीडियम-रेंज बैलिस्टिक मिसाइल है।
  • माना जाता है कि यह मिसाइल उत्तर कोरिया की Musudan (BM-25) मिसाइल पर आधारित है।
  • ईरान ने इसका पहला टेस्ट जनवरी 2017 में किया था।
  • इसके बाद सितंबर 2017 में तेहरान की सैन्य परेड में इसे पहली बार सार्वजनिक रूप से दिखाया गया।
  • इसकी आधिकारिक रेंज करीब 2000 किलोमीटर बताई जाती है।
  • हालांकि 2019 में ईरान ने इसका एक नया वर्जन दिखाया था, जिसकी रेंज करीब 3000 किलोमीटर तक पहुंचने की बात कही गई।

खोर्रमशहर मिसाइल की प्रमुख खासियतें (Specifications)

  • लंबाई: लगभग 13 मीटर
  • बॉडी डायमीटर: 1.5 से 2 मीटर
  • लॉन्च वेट: लगभग 19,000 से 26,000 किलो
  • रेंज: करीब 2000 किमी (संभावित 2500-3000 किमी)
  • वॉरहेड क्षमता: 1800 किलोग्राम तक
  • ईंधन: लिक्विड फ्यूल
  • संभावित स्टेज: दो स्टेज वाली मिसाइल
Khorramshahr missile
Photo Credit: (ये तस्वीर @Khamenei_fa हैंडल से ली गई है)

खोर्रमशहर मिसाइल का विकास (Khorramshahr Development)

  • माना जाता है कि यह मिसाइल उत्तर कोरिया की Musudan मिसाइल से विकसित हुई है।
  • Musudan मिसाइल की जड़ें सोवियत संघ की R-27/RSM-25 पनडुब्बी से लॉन्च होने वाली मिसाइल से जुड़ी मानी जाती हैं।
  • यह R-27 मिसाइल 1968 में सोवियत सेना में ऑपरेशनल हुई थी।
  • रिपोर्ट्स के मुताबिक उत्तर कोरिया ने 2003 के आसपास जमीन से लॉन्च होने वाली R-27 पर काम शुरू किया, जिसे बाद में Musudan कहा गया।
  • माना जाता है कि ईरान ने 2005 के आसपास उत्तर कोरिया से करीब 18 मिसाइल और उससे जुड़ा उपकरण खरीदा था।
  • ईरान ने 2007 और 2016 में Musudan का टेस्ट किया।
  • बाद में ईरान ने इसमें बदलाव करके इसका नाम खोर्रमशहर रख दिया।

नाम क्यों पड़ा खोर्रमशहर?

  • इस मिसाइल का नाम ईरान के खोर्रमशहर शहर के नाम पर रखा गया है।
  • यह शहर ईरान-इराक युद्ध (1980-1982) के दौरान इराक के कब्जे में रहा था।
  • उसी युद्ध की याद में इस मिसाइल का नाम रखा गया।

रेंज को लेकर क्यों उठते हैं सवाल?

  • Musudan मिसाइल की रेंज 2500 से 4000 किमी तक मानी जाती है।
  • लेकिन ईरान खोर्रमशहर की रेंज सिर्फ 2000 किमी बताता है।
  • कुछ विश्लेषकों का मानना है कि
  • ईरान ने मिसाइल को छोटा और ज्यादा टैक्टिकल बना दिया है।
  • इसलिए इसकी रेंज कम बताई जाती है।
  • एक दूसरी थ्योरी यह भी है कि यूरोप को चिंतित न करने के लिए ईरान जानबूझकर रेंज कम बताता है।

क्या यह पूरी तरह ईरानी तकनीक है?

  • ईरान का दावा है कि खोर्रमशहर पूरी तरह घरेलू तकनीक से बनाई गई मिसाइल है।
  • ईरान के एयरोस्पेस डिवीजन के कमांडर अमीर अली हाजीज़ादेह ने कहा था कि
  • मिसाइल का डिजाइन से लेकर उत्पादन तक सब कुछ देश के अंदर ही विकसित किया गया है।

टेस्टिंग और नए वर्जन

  • 29 जनवरी 2017 को इसका एक टेस्ट किया गया था, जिसमें मिसाइल करीब 950 किमी उड़ने के बाद फट गई थी।
  • यह टेस्ट तेहरान से लगभग 225 किमी दूर सेमनान इलाके से किया गया था।
  • 2019 में ईरान ने एक नया वर्जन दिखाया जिसमें छोटा वॉरहेड सेक्शन था।
  • माना गया कि इससे मिसाइल की रेंज 3000 किमी तक बढ़ सकती है।
  • 2020 में ईरानी मीडिया ने दावा किया कि इस नए वर्जन ने 40×40 मीटर के लक्ष्य को सटीक निशाना बनाया।

कितनी सटीक है यह मिसाइल?

  • ईरान का दावा है कि इसमें रडार से बचने और टर्मिनल गाइडेंस सिस्टम है।
  • लेकिन अगर इसमें पुराना इनर्शियल नेविगेशन सिस्टम इस्तेमाल हुआ हो, तो इसकी सटीकता लगभग 1500 मीटर तक की त्रुटि के साथ हो सकती है।

किसके पास है यह मिसाइल?

  • खोर्रमशहर मिसाइल का संचालन ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की एयरोस्पेस फोर्स करती है।
  • ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक यह मिसाइल ईरान की रणनीतिक लंबी दूरी की मिसाइलों में शामिल है।

दुनिया में क्यों बढ़ गई टेंशन? (Iran Israel US War)

अली खामेनेई की मौत के बाद ईरान की सत्ता संरचना और सैन्य प्रतिक्रिया को लेकर पहले से ही वैश्विक चिंता बनी हुई है।

अब उनके अकाउंट से आए इस मिसाइल संदेश ने यह आशंका और बढ़ा दी है कि ईरान जल्द ही किसी बड़े सैन्य कदम की तैयारी कर रहा हो सकता है।

युद्ध विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया के जरिए इस तरह के संकेत देना अक्सर रणनीतिक दबाव बनाने का तरीका होता है। लेकिन अगर यह संदेश सचमुच किसी कार्रवाई का संकेत है, तो आने वाले दिनों में मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ सकता है।

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