‘मुस्लिम देश की यात्रा करने से बचें’, इजराइल ने नागरिकों के लिए जारी की एडवाइजरी, तुर्की को बताया सबसे खतरनाक
इजराइल-हमास युद्ध के बीच सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए इजराइल ने शनिवार को अपने नागरिकों के लिए मुस्लिम देशों की यात्रा न करने के लिए अपनी ट्रैवल एडवाइजरी को अपडेट किया है।
इजराइल के विदेश मंत्रालय और प्रधानमंत्री कार्यालय की सुरक्षा परिषद ने एक साझा बयान में विदेश में रह रहे अपने नागरिकों के लिए यात्रा एडवाइजरी जारी की है।

बयान में कहा गया है, कि देश के बाहर रह रहे 'इजराइली के नागरिक खतरे में है'। मिस्र, जॉर्डन और मोरक्को के लिए ट्रैवल अलर्ट का स्तर बढ़ा दिया गया है।
प्रधानमंत्री कार्यालय की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि अग्रिम सूचना तक किसी भी मध्य पूर्व के देश या अरब देश, तुर्की, मिस्र, जॉर्डन, बहरीन, मोरक्को और यूएई की यात्रा से बचें।
बयान में कहा गया है, "जिन मुस्लिम देशों के लिए यात्रा अलर्ट जारी किए गए हैं, उनके अलावा मलेशिया, बांग्लादेश और इंडोनेशिया के साथ-साथ मालदीव जैसे बिना यात्रा अलर्ट वाले मुस्लिम देशों की यात्रा करने से बचें।"
इजराइल की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने बुधवार को अरब देशों की यात्रा करने वाले नागरिकों के खिलाफ नई चेतावनी जारी की, जिसमें तुर्की को सबसे बड़ा खतरा बताया गया।
तुर्की की यात्रा के विरुद्ध चेतावनी अब स्तर 4 पर है, जो उच्चतम ख़तरे का स्तर है। एनएससी ने कहा, "तुर्की में सभी इजरायलियों को तुरंत छोड़ने के लिए कहा जाता है।"
आपको बता दें कि इजराइल-हमास की जंग का आज 15वां दिन है। इस बीच दोनों पक्षों के बीच सीजफायर करवाने के लिए मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतेह अल सीसी के नेतृत्व में एक सम्मेलन किया जा रहा है। इस सम्मेलन में कतर, यूएई, इटली, स्पेन, ग्रीस, कनाडा और यूरोपियन काउंसिल सहित 10 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधि मौजूद हैं।
इससे पहले जॉर्डन के किंग अब्दुल्लाह द्वितीय ने फिलिस्तीनयों की मौत पर पश्चिमी देशों की चुप्पी की निंदा की। उन्होंने कहा कि फिलिस्तीनियों को बेघर करना पूरी अरब दुनिया के लिए चिंता की बात है। फिलिस्तीन की राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने कहा कि कोई भी चुनौति हो, हम अपनी जमीन छोड़कर कहीं और नहीं जाएंगे।












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