एस्ट्राजेनेका वैक्सीन का US में नया ट्रायल, कोरोना पर 79 फीसदी प्रभावी होने का दावा
नई दिल्ली: एस्ट्राजेनेका वैक्सीन के डोज के बाद खून का थक्के जमने यानी ब्लड क्लॉटिंग के कई केस सामने आए थे। इसके बाद कई देशों में इस वैक्सीन के यूज करने पर रोक लगा दी गई थी, लेकिन अब वैक्सीन के नए ट्रायल में सामने आया है कि कोरोना के खिलाफ जंग में यह दवा 79 फीसदी प्रभावकारी बताई गई है। कंपनी ने सोमवार को बताया कि यूएस बेस्ड क्लिनिकल ट्रायल में एस्ट्राजेनेका-ऑक्सफोर्ड की तैयार की गई ये वैक्सीन गंभीर बीमारी और अस्पताल में भर्ती होने की दर को रोकने में 100 फीसदी प्रभावी है।

हालांकि भी अमेरिका में वैक्सीन के इस्तेमाल को मंजूरी नहीं दी गई है, लेकिन जल्द ही इसको यूज करने की इजाजत मिल सकती है। ब्रिटिश दवा निर्माता कंपनी ने 30 हजार वॉलंटियर्स पर दवा का सफल परीक्षण का डेटा पब्लिश किया है। इस रिपोर्ट में वैक्सीन बुजुर्ग लोगों पर काफी प्रभावकारी साबित हुई। परीक्षण में एक चौथाई वॉलंटियर्स 65 साल से ज्यादा उम्र के लोग थे। ट्रायल में वैक्सीन से फीवर और अन्य गंभीर बीमारी की रोकथाम में मदद मिली है।
कंपनी ने कहा कि परीक्षण से पता चला है कि वैक्सीन को अच्छी तरह से सहन किया गया और सुरक्षा संबंधी भी सब कुछ ठीक रहा। एस्ट्राजेनेका के अनुसार नया डेटा अमेरिका के चिली और पेरू में किए गए फेस 3 के क्लिनिक ट्रायल का है।
आपको बता दें कि ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका वैक्सीन उस वक्त विवाद का हिस्सा बन गई थी, जब नॉर्वे, फ्रांस और डेनमार्क सहित कई यूरोपीय देशों में टीकाकरण के बाद खून के थक्के जमने की खबरों सामने आई थी, हालांकि फिर इसके इस्तेमाल पर रोक लगा दी थी। एस्ट्राजेनेका वैक्सीन को दुनियाभर के 50 से अधिक देशों में मंजूरी मिली हुई है, लेकिन अभी तक इसे अमेरिका में हरी झंडी नहीं मिली है।












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