Apple का चाइनीज वेंडर LuxShare वियतनाम में करेगा भारी-भरकम निवेश, भारत को कितना बड़ा झटका?
Apple LuxShare Vietnam Investment: एप्पल के सबसे बड़े वेंडर निर्माताओं में से एक, लक्सशेयर ने भारत की जगह वियतनाम में भारी-भरकम निवेश करने का फैसला लिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, लक्सशेयर ने वियतनाम में निवेश करने के पीछे चीन और भारत के बीच तनावपूर्ण संबंधों का हवाला दिया है।
बिजनेस स्टैंडर्ड की एक रिपोर्ट के मुताबिक, तीन साल बाद, लक्सशेयर का वियतनाम में निवेश करने का कदम, भारत में अपने ऑपरेशंस के विस्तार में कई बार नाकामयाबी मिलने के बाद लिया गया फैसला है। भारत के लिए ये एक बहुत बड़ा झटका इसलिए है, क्योंकि एक तरफ एप्पल ने भारत में इन्वेस्टमेंट बढ़ाने का फैसला लिया है, जबकि उसकी वेंडर कंपनियां भारत नहीं आ रही हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, लक्सशेयर पिछले तीन सालों से भारत में निवेश करने का प्लान तैयार कर रही थी, लेकिन कई असफलताओं के बाद उसने अब फैसला किया है, कि वो वियतनाम में 330 मिलियन डॉलर का निवेश करेगा।
वियतनाम में लक्सशेयर का निवेश
आपको बता दें, कि लक्सशेयर AirPods के लिए Apple का प्राइमरी कंपोनेंट वेंडर है और अब ये iPhones के लिए आपूर्तिकर्ता बन सकता है। रिपोर्टों में कहा गया है, कि लक्शशेयर कंपनी का लक्ष्य अब अपने 330 मिलियन डॉलर के निवेश को वियतनाम के उत्तरी प्रांत बाक गियांग में ट्रांसफर करना है।
इसके अलावा, रिपोर्ट में बताया गया है, कि वियतनाम सरकार ने पिछले हफ्ते Apple के निर्माता के लिए लाइसेंस को मंजूरी दे दी है। जिसके बाद इसका वियतनाम में कुल निवेश बढ़कर 504 मिलियन डॉलर हो गया है।
लक्शशेयर के वियतनाम में निवेश करने के फैसले से भारत को बड़ा नुकसान हो सकता है, खासकर जब ऐप्पल, भारत की टाटा जैसे दिग्गजों को अपने सप्लाई चेन नेटवर्क में जोड़ने की योजना बना रहा था।
इससे पहले, मिंट ने बताया था, कि अब तक, ऐप्पल अपनी मैन्युफैक्चरिंग मांग को पूरा करने के लिए चीन पर बहुत अधिक निर्भर रहा है, लेकिन अब, एप्पल ने चीन से धीरे धीरे अपने व्यापार को बाहर निकालने की दिशा में कदम बढ़ा दिया है, ताकि भविष्य में चीन और अमेरिका के बीच चल रहे तनाव से कंपनी को नुकसान ना हो।
16 अगस्त को, बिजनेस अखबार मिंट ने बताया था, कि Apple ने ताइवानी निर्माता Hon Hai Precision Industry Co. Ltd- जिसे फॉक्सकॉन के नाम से जाना जाता है, उसके माध्यम से भारत में अपने iPhone 15 लाइनअप की असेंबली शुरू की है। हालांकि, मिंट की रिपोर्ट में इस उद्योग से जुड़े दो वरिष्ठ अधिकारियों के हवाले से कहा गया था, कि Apple ने देश में केवल अपने गैर-प्रो iPhone 15 मॉडल को असेंबल किया है और अभी भी इसकी प्रमुख iPhone 15 Pro सीरिज का विनिर्माण भारत से दूर है।

धीरे-धीरे बढ़ रहा भारत की तरफ रूझान
मिंट की रिपोर्ट में टेक्नोलॉजी क्षेत्र के एक वरिष्ठ उद्योग सलाहकार, जो विभिन्न कंपनियों के साथ-साथ केंद्र सरकार के साथ भी काम करते हैं, उनका नाम बताए बगैर कहा गया है, कि "एप्पल ने भारत में नवीनतम पीढ़ी के iPhones की अपनी असेंबली में विविधता ला दी है, यह कोई आश्चर्य की बात नहीं है।"
उन्होंने कहा, कि "एक राष्ट्र के रूप में भारत में असेंबली क्षमता प्रचुर मात्रा में है, और यहां अपने फोन बनाने से इसकी अपेक्षित मांग को पूरा करने का अच्छा लाभ मिलता है। हालांकि इससे पता चलता है, कि वैश्विक टेक्नोलॉजी सप्लाई चेन पर भारत का प्रभाव धीरे-धीरे बढ़ रहा है, अगर ऐप्पल अपने 'प्रो' आईफोन की असेंबलिंग भारत में लाता, तो वास्तव में एक बड़ा कदम होता।"












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