ऐतिहासिक: जापान और ऑस्ट्रेलिया का 'एंटी चायना पैक्ट' हुआ एक्टिवेट, दो समंदरों में चीन के खिलाफ एक साथ लड़ाई
Australia-Japan Anti-China' Military Pact: इंडो-पैसिफिक के साथी और क्वाड के सदस्य ऑस्ट्रेलिया और जापान के बीच एंटी चायना समझौता 'जापान-ऑस्ट्रेलिया रेसिप्रोकल एस्सेस एग्रीमेंट' यानि RAA एक्टिवेट कर दिया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, 13 अगस्त से दोनों देशों के बीच ये समझौता लागू हो गया गया है।
इस समझौते के एक्टिवेट होने के बाद अब दोनों देश एक दूसरे को सैन्य प्रशिक्षण, रसद सामग्री की सप्लाई करने के साथ साथ अब दोनों देशों की सेना एक दूसरे का घनिष्ठ सहयोग कर पाएंगी। दोनों देशों के विदेशी कार्यालयों से एक साथ जारी बयान के अनुसार, आरएए ऑस्ट्रेलियाई रक्षा बल और जापान सेल्फ-डिफेंस फोर्स (जेएसडीएफ) के बीच अधिक रक्षा सहयोग के लिए कानूनी ढांचा प्रदान करता है।

संयुक्त राज्य अमेरिका के बाद जापान द्वारा किसी भी देश के साथ किया गया ये पहला विजिटिंग फोर्स समझौता है। और ऑस्ट्रेलिया दूसरा देश है, जिसके सशस्त्र बलों को अमेरिका के बाद अब जापानी धरती पर आने की अनुमति दी जाएगी।
जब व्यावहारिक परिणामों की बात आती है, तो इस समझौते में दोनों देशों के बीच अधिक सैन्य प्रशिक्षण और अभ्यास देखने को मिलेंगे और ये समझौता सीधे तौर पर चीन के खिलाफ किया गया है, लिहाजा अब चीन को एक नहीं, बल्कि दो-दो समंदर, साउथ चायना सी और ईस्ट चायना सी में ये देश घेर पाएंगे।
आपको बता दें, कि ऑस्ट्रेलिया का चीन के साथ दक्षिण चीन सागर में, तो जापान का चीन के साथ पूर्वी चीन सागर में विवाद चल रहा है।
समझौता लागू होने के बाद क्या होगा?
जापानी F-35 अगस्त के अंत में पहली बार ऑस्ट्रेलिया में RAAF बेस टिंडल पर तैनात किए जाएंगे।
बुशिडो गार्जियन अभ्यास, जहां ऑस्ट्रेलियाई एफ-35 को सितंबर की शुरुआत में पहली बार जापान में तैनात किया जाएगा
और, ऑस्ट्रेलिया पहली बार पूर्ण भागीदार के रूप में अभ्यास यम सकुरा में भाग लेगा, जिसमें 150 से ज्यादा सैन्य कर्मी दिसंबर में जापान की यात्रा करेंगे।
ऑस्ट्रेलियाई उप प्रधान मंत्री और रक्षा मंत्री रिचर्ड मार्ल्स के मुताबिक, "पारस्परिक पहुंच समझौता हमारे संबंधित रक्षा बलों के बीच संबंधों को गहरा करेगा, निकट सहयोग का समर्थन करेगा और एडीएफ और जेएसडीएफ, दोनों की क्षमताओं को मजबूत करेगा। ऑस्ट्रेलिया और जापान दोनों हमारे सुरक्षा वातावरण की बढ़ती जटिलता और एक स्थिर और समृद्ध क्षेत्र का समर्थन करने के लिए हमारी साझेदारी को बढ़ाने की आवश्यकता को पहचानते हैं।"
ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री पेनी वोंग ने कहा है, कि "ऑस्ट्रेलिया और जापान एक स्थिर, शांतिपूर्ण और समृद्ध क्षेत्र की आकांक्षा साझा करते हैं, और यह द्विपक्षीय पारस्परिक पहुंच समझौता, हमें अपने रक्षा सहयोग को गहरा करने में मदद करेगा।"
उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला, "ऑस्ट्रेलिया और जापान के बीच सुरक्षा और रक्षा संबंध, दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण हैं और यह हमारी विशेष रणनीतिक साझेदारी पर आधारित है।"
जापानी विदेश मंत्री योशिमासा हयाशी के लिए, आरएए दोनों देशों के बीच सहयोग को मजबूत करने में मदद करेगा। और जापानी प्रधान मंत्री किशिदा के अनुसार, यह एक "ऐतिहासिक समझौता है, जो जापान-ऑस्ट्रेलिया सुरक्षा सहयोग को एक नए स्तर पर लाएगा।"
चीन को काउंटर करने के लिए समझौता
हालांकि RAA अब लागू हो गया है, लेकिन वास्तव में इस पर तत्कालीन ऑस्ट्रेलियाई प्रधान मंत्री स्कॉट मॉरिसन और उनके जापानी समकक्ष फुमियो किशिदा के बीच 2021 की वार्षिक नेताओं की शिखर बैठक के दौरान हस्ताक्षर किए गए थे।
दोनों देशों ने इसकी आवश्यकता महसूस की थी, जिसे बीजिंग से उत्पन्न होने वाली उत्तेजक और निरंतर कार्रवाइयों के खिलाफ एक समझौता कहा जा रहा है। अब ये दोनों देश, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चीन की आर्थिक जबरदस्ती, सेनकाकू द्वीपों के पास चीन की बढ़ती सैन्य गश्ती का साथ मिलकर मुकाबला कर पाएंगे।
आरएए समझौता, न केवल ऑस्ट्रेलिया में जापानी सैन्य कर्मियों की तैनाती और प्रशिक्षण को सक्षम करेगा, बल्कि संयुक्त अभ्यास और मानवीय मिशनों के लिए, हथियारों और उपकरणों के आसान परिवहन की सुविधा भी प्रदान करेगा।
चीन के खिलाफ बन रहे हैं गठबंधन
कुछ जापानी विशेषज्ञों का कहना है, कि इंडो-पैसिफिक में किसी भी नाटो जैसे आपसी रक्षा गठबंधन की गैर मौजूदगी और अमेरिकी राजनीति के उतार-चढ़ाव के कारण, जापान की सुरक्षा के ऊपर खतरा गहरा गया है, और जापान इस बात को लेकर असुरक्षित महसूस करता है, कि क्या युद्ध की स्थिति में अमेरिका का उसे पूरा साथ मिल पाएगा या नहीं।
टोक्यो स्पष्ट रूप से चीन के मुकाबले असुरक्षित महसूस करता है, वहीं यूक्रेन युद्ध रोक पाने में अमेरिका की नाकामी ने अमेरिका के सहयोगी देशों के मन में एक डर पैदा कर दिया है और वो अब युद्ध की स्थिति के लिए खुद को तैयार करने में लग गये हैं।












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