अमेरिकी अध्ययन रिपोर्ट में खुलासा, लॉन्ग कोविड के लक्षण बच्चों और किशोरों में अलग-अलग
अमेरिका में बच्चों और किशोरों में लॉन्ग-कोविड के विश्लेषण पर आधारित एक नए अध्ययन में पाया गया है कि इन दोनों समूहों में लक्षण अलग-अलग थे। जबकि बच्चों में मस्तिष्क और पेट से संबंधित समस्याएं अधिक देखी गईं। किशोरों ने थकान, शारीरिक दर्द और स्वाद व गंध खोने जैसी समस्याओं का सामना किया। इसके अलावा किशोरों और वयस्कों के बीच लॉन्ग-कोविड के सामान्य लक्षणों की तुलना में किशोरों और बच्चों के बीच अधिक अंतर पाया गया। जिससे आयु-समूह आधारित कोविड-19 अनुसंधान के महत्व को उजागर किया गया।
यह अध्ययन 140 से अधिक शोधकर्ताओं की टीम द्वारा किया गया और इसे द जर्नल ऑफ द अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन में प्रकाशित किया गया है। यह अध्ययन अमेरिका के नेशनल इंस्टीट्यूट्स ऑफ हेल्थ की रिकवर पहल का हिस्सा है। जिसका उद्देश्य लॉन्ग-कोविड को समझना और रोकना है। लॉन्ग-कोविड उन लक्षणों को संदर्भित करता है। जो कोविड-19 संक्रमण के महीनों बाद भी बने रहते हैं।

शोधकर्ताओं ने 5,300 से अधिक बच्चों और किशोरों का अध्ययन किया। जिनमें से लगभग 3,860 लोगों में इस वायरस का इतिहास था। देखभाल करने वालों से उन 75 लक्षणों के बारे में सर्वेक्षण किया गया। जो प्रारंभिक कोविड-19 संक्रमण के 90 दिनों के बाद भी कम से कम एक महीने तक बने रहे। इसके अलावा उनसे उनके बच्चे के समग्र स्वास्थ्य और जीवन की गुणवत्ता के बारे में भी जानकारी मांगी गई।
6-11 साल के बच्चों में सबसे आम लॉन्ग-कोविड लक्षण सिरदर्द थे। इसके बाद स्मृति, ध्यान केंद्रित करने में समस्या, नींद में परेशानी और पेट दर्द था। वहीं किशोरों में लगभग 80 प्रतिशत में दिन के समय थकान या ऊर्जा की कमी पाई गई। जबकि शारीरिक दर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द 60 प्रतिशत किशोरों में देखा गया। 55 प्रतिशत किशोरों में सिरदर्द बना रहा। जबकि 47 प्रतिशत किशोरों को याददाश्त या ध्यान केंद्रित करने में परेशानी जारी रही।
शोधकर्ताओं ने प्रत्येक आयु वर्ग के लिए विशिष्ट लक्षण समूहों की पहचान करते हुए एक लॉन्ग-कोविड अनुसंधान सूचकांक विकसित किया। जो किसी बच्चे या किशोर में इस स्थिति की संभावना को दर्शाता है। यह सूचकांक दोनों आयु समूहों के लिए अलग-अलग था। जिसमें 18 लक्षण बच्चों में और 17 लक्षण किशोरों में अधिक आम थे।
अध्ययन की प्रमुख लेखिका और न्यूयॉर्क विश्वविद्यालय के बाल रोग और जनसंख्या स्वास्थ्य विभागों में एसोसिएट प्रोफेसर रेचल ग्रॉस ने कहा कि शोध सूचकांक में शामिल लक्षण केवल वही लक्षण नहीं हैं। जो किसी बच्चे में हो सकते हैं और वे सबसे गंभीर भी नहीं हैं। लेकिन वे लॉन्ग-कोविड की संभावना को निर्धारित करने में सबसे अधिक भविष्यसूचक हैं।
अध्ययन समूह में संक्रमित बच्चों में से 45 प्रतिशत और अप्रभावित बच्चों में से 33 प्रतिशत साथ ही संक्रमित किशोरों में से 39 प्रतिशत और अप्रभावित किशोरों में से 27 प्रतिशत ने कम से कम एक लक्षण को लंबे समय तक अनुभव करने की सूचना दी। शोधकर्ताओं के अनुसार संक्रमित स्कूली उम्र के बच्चों में 26 लक्षण और संक्रमित किशोरों में 18 लक्षणों का कम से कम 5 प्रतिशत प्रतिभागियों में बने रहना पाया गया।
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