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साउथ एशिया में भारत को और मजबूत स्थिति देगी अमेरिका की नई मिसाइल रणनीति

वॉशिंगटन। पेंटागन की मिसाइल डिफेंस रिव्यू (एमडीआर) 2019 ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि भारत के साथ 'संभावित मिसाइल डिफेंस सहयोग' के लिए अमेरिका विचार कर रहा है। एमडीआर ने रिपोर्ट में कहा कि भारत एक बड़ा डिफेंस पार्टनर और इंडो-पैसिफिक स्ट्रेटेजी में मुख्य सहयोगी देश होने की वजह से यह एक सामान्य नतीजों का हिस्सा है। पेंटागन की समीक्षा के अनुसार, वाशिंगटन और नई दिल्ली के बीच यह वार्ता 'दक्षिण एशिया देशों में बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइल क्षमताओं की एक उन्नत और विविध रेंज की मिसाइलों को विकसित करना है।'

साउथ एशिया में अमेरिका के लिए खास भारत

साउथ एशिया में अमेरिका के लिए खास भारत

एमडीआर ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि आने वाले कुछ वर्षों में पेंटागन मिसाइल डिफेंस प्रोग्राम नीति, रणनीति और क्षमताओं के बारे में विस्तार से चर्चा करेगी। अमेरिका ने उस वक्त भारत के साथ मिसाइल डिफेंस सहयोग की रणनीति बनाई है, जब रूस और नई दिल्ली के बीच पिछले साल अक्टूबर में एस-400 मिसाइल डील हो चुकी है। एमडीआर की 108 पन्नों वाली रिपोर्ट में इंडो-पैसिफिक में अमेरिका के साथ जापान, साउथ कोरिया और ऑस्ट्रेलिया के साथ मजबूत द्विपक्षीय संबंधों और भारत जैसे देशों के साथ बढ़ते सुरक्षा सहयोग का जिक्र किया गया है।

रूस, चीन को काउंटर करना सबसे बड़ी चुनौती

रूस, चीन को काउंटर करना सबसे बड़ी चुनौती

भारत के साथ संभावित मिसाइल डिफेंस सहयोग पर समीक्षा करने की मुख्य वजह चीन और रूस को काउंटर करना है। इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में जिस तरह से चीन अपनी ताकत बढ़ाता हुआ अमेरिका को कमजोर करने की कोशिश कर रहा है और शी जिनपिंग अपनी मिलिट्री का मॉडर्नाइजेशन कर पेंटागन को सीधी चुनौती दे रहा है, उसी को काउंटर करने के लिए अमेरिका ने भारत के नई मिसाइल रणनीति बनाई है। एमडीआर की रिपोर्ट में कहा गया है कि इंडो-पैसिफिक में चीन ने 75-100 इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल को तैनात किया है। वही, रूस जिस तरह से एस-500 एडवांस एयर मिसाइल डिफेंस सिस्टम को विकसित कर अपनी आधुनिक मिसाइल तकनीक चीन और ईरान को दे रहा है, जिसे काउंटर करना पेंटागन के लिए सबसे बड़ी चुनौती में से एक हो गया है।

 2+2 मीटिंग में एसटीए-1 और कॉमकासा पर हुए थे हस्ताक्षर

2+2 मीटिंग में एसटीए-1 और कॉमकासा पर हुए थे हस्ताक्षर

अमेरिका ने भारत के साथ पिछले साल एसटीए-1 (Strategic Trade Authorisation) और कॉमकासा (Communications Compatibility and Security Agreement) डील पर हस्ताक्षर किए थे। अमेरिका के साथ एसटीए-1 हस्ताक्षर करने वाला साउथ एशिया में पहला और जापान और साउथ कोरिया के बाद एशिया में भारत तीसरा देश है जिसने कॉमकासा डील पर हस्ताक्षर किए हैं। पिछले साल अक्टूबर में भारत और अमेरिका के बीच 2+2 मीटिंग में एसटीए-1 और कॉमकासा पर हस्ताक्षर हुए थे।

अमेरिका के लिए जापान, साउथ कोरिया और ऑस्ट्रेलिया भी है खास

अमेरिका के लिए जापान, साउथ कोरिया और ऑस्ट्रेलिया भी है खास

जापान और दक्षिण कोरिया पहले से ही अमेरिका के साथ मिसाइल रक्षा प्रणाली बनाने के लिए काम कर रहे हैं जो अमेरिका के बचाव के साथ परस्पर जुड़े हैं। वहीं, अमेरिका और जापान के साथ ऑस्ट्रेलिया मिसाइल रक्षा पर एक त्रिपक्षीय चर्चा में भाग लेता है। इसके अलावा द्विपक्षीय मिसाइल रक्षा सहयोग पर विस्तार से चर्चा के लिए अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया हर साल बैठक करते हैं।

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