भारत-अमेरिका रक्षा संबंध पर अमेरिकी रक्षा मंत्रालय की सोच सार्वजनिक हो गई
अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने भारत-अमेरिका संबंधों को लेकर बड़ा बयान दिया है। बयान में कहा गया है कि डोनाल्ड ट्रंप के समय में जो भी समझौते हुए थे वो जारी रहेंगे।
America-India Relationship: वाशिंगटन: अमेरिकी रक्षामंत्री लॉयड एस्टन (Lloyd Aston) ने अपने बयान में कहा है कि अमेरिका और भारत जो बाइडेन (Joe Biden) के शासनकाल में भी अच्छे दोस्त बने रहेंगे। अमेरिकी रक्षमंत्री ने कहा कि जो बाइडेन प्रशासन भारत से अपने अच्छे संबंध बरकरार रखने के लिए प्रतिबद्ध है। अमेरिकी रक्षामंत्रालय पेंटागन का ये बयान उस वक्त आया है जब एक दिन पहले ही भारत के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और अमेरिकी रक्षामंत्री लॉयड एस्टन के बीच पहली बार टेलीफोन पर बात हुई।

भारत और अमेरिका अच्छे दोस्त
पेंटागन ने अपने बयान में कहा है कि भारत के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और अमेरिकी रक्षामंत्री लॉयड एस्टन के बीच कई मुद्दों पर बेहद अच्छी बातचीत हुई है। दोनों नेताओं ने कोरोना वायरस संक्रमण, कोरोना वैक्सीन से लेकर दोनों देशों के बीच हुए रक्षा समझौतों के बारे में बात की। पेंटागन की प्रेस सेक्रेटरी जॉन किर्बी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि पेंटागन किसी भी हाल में नई दिल्ली से अपनी दोस्ती बरकरार रखने के लिए प्रतिबद्ध है। दोनों देश आने वाले वक्त में कई और रक्षा समझौतों को लेकर आगे बढ़ेंगे। भारतीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह से बातचीत में अमेरिकी रक्षामंत्री लॉयड ऑस्टिन ने कहा कि अमेरिका भारत के साथ मिलकर विश्व शांति के लिए एकसाथ काम करता रहेगा। दोनों नेताओ के बीच अमेरिका और भारत की सामूहिक जिम्मेदारियों के साथ इंडो-पेसिफिक क्षेत्र में शांति और सुरक्षा लेकर भी बातचीत हुई।
भारत-अमेरिका में कई रक्षा समझौते
पिछले एक दशक में भारत और अमेरिका एक दूसरे के काफी करीब आए हैं। दोनों देशों के बीच कई रक्षा समझौते हुए हैं। खासकर डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन में अमेरिका ने इस बात को महसूस कर लिया है, कि अगर उसे चीन को रोकना है, तो उसमें उसकी सिर्फ भारत ही मदद कर सकता है। लिहाजा, अमेरिका अब हर हाल में भारत का दोस्त बनकर रहना चाहता है। अमेरिकी रक्षामंत्रालय के इस बयान के बाद ये बात और पुख्ता हो चुकी है। इसके साथ ही दोनों देशों के बीच डिफेंस सिक्योरिटी को लेकर भी करार किया जा चुका है। 2016 में भारत और अमेरिका के बीच लॉजिस्टिक एक्सचेंज मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट (LEMOA) का करार किया गया था। इस समझौते का मतलब ये है कि दोनों देश एक दूसरे के मिलिट्री बेस का इस्तेमाल अपने रक्षा सामानों की साफ-सफाई, उसकी मरम्मत और दूसरी जरूरतों को पूरा करने के लिए कर सकते हैं।
इसके साथ ही भारत और अमेरिका के बीच 2018 में कम्यूनिकेशन कंपेटिबिलिटी एंड सिक्योरिटी एग्रीमेंट (COMCASA) पर भी करार किया जा चुका है। जिसके तहत दोनों देशों के बीच सैन्य जानकारियां साझा करने से लेकर टेक्नोलॉजी को लेकर भी एक साथ काम करने का करार है। इन समझौतों के बाद भारत-अमेरिका का रक्षा संबंध एक नई ऊंचाई को प्राप्त कर चुका है। जिसे आगे बढ़ाने की बात अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने भी की है।












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