क्या इस चीज को जानते हैं ? वैज्ञानिकों ने पाई पृथ्वी की अबतक की सबसे कठोर धातु, ठंड में हो जाती है और भी सख्त
वैज्ञानिकों ने पृथ्वी पर मौजूद अभी तक की सबसे कठोर धातु का पता लगाया है। CrCoNi एक मिश्र धातु है, जो ठंड के साथ और ज्यादा कठोर होती जाती है, लेकिन इसमें लचक भी बरकरार रहती है।

दुनिया की अबतक की सबसे कठोर धातु का पता लगाया गया है। शोधकर्ताओं की एक टीम ने काफी लंबे समय तक वैज्ञानिक परीक्षणों के बाद जिस पदार्थ को दुनिया की सबसे सख्त धातु माना है, उसका नाम है- CrCoNi. यह एक मिश्र धातु है। आमतौर पर धातु की चीजें ठंड में कठोर होने की वजह उनपर दबाव पड़ने की स्थिति में वह आसानी से टूटने की स्थिति में आ जाती हैं। लेकिन, CrCoNi के साथ बिल्कुल उलटा है। ज्यादा ठंड होने पर यह उतनी ही सख्त होती जाती है, लेकिन इसका लचीलापन भी बरकरार रहता है। यह नया शोध भविष्य में अंतरिक्ष विज्ञान के लिए बहुत बड़ी भूमिका निभा सकता है।

क्रोमियम, कोबाल्ट और निकल की मिश्र धातु सबसे कठोर
वैज्ञानिको ने पृथ्वी पर उपलब्ध अबतक की सबसे कठोर धातु पर मुहर लगाई है। उनके मुताबिक क्रोमियम, कोबाल्ट और निकल की मिश्र धातु सबसे कठोर पदार्थ के तौर पर मापी गई है। साइंस में छपी एक रिसर्च के मुताबिक यह अभूतपूर्व रूप से मजबूत भी है और उतनी ही लोचदार भी है। वैज्ञानिकों ने इसकी गुणवत्ता के चलते इसे 'आउटस्टैंडिंग डैमेज टॉलरेंस' कहा है। रिसर्च में पाया गया है कि ठंड के साथ-साथ इसकी कठोरता भी बढ़ती है और इसका लचीलापन भी बढ़ता है।

अन्य धातुओं के विपरीत व्यवहार
टेनेसी यूनिवर्सिटी में ओक रिज नेशनल लैबोरेटरी और एडवांस्ड एलॉय थ्योरी के गवर्नर धातुविज्ञानी ईआसो जॉर्ज के मुताबिक, 'जब आप स्ट्रक्चरल मैटेरियल की डिजाइन करते हैं तो आप उसे मबजूत बनाना चाहते हैं, लेकिन साथ ही साथ उसे लचकदार और टूट-प्रतिरोधी भी बनाना चाहते हैं।' उन्होंने कहा कि 'आमतौर पर इस काम में समझौता करना पड़ जाता है। लेकिन, इस पदार्थ में यह दोनों ही चीजें हैं, और कम तापमान में यह टूटने लायक होने की जगह और भी सख्त हो जाती है।'

इस धातु को तोड़ माना बहुत ही मुश्किल
कोई भी पदार्थ कितनी टिकाऊ है, इसके लिए तीन गुणों का होना आवश्यक है- मजबूती, लचीलापन और कठोरता। मजबूती इस बात से तय होती है कि वह अपने स्वरूप को बनाए रखने में कितनी सक्षम है। लचीलेपन की वजह से उसके लिए किसी बाहरी दबाव को झेलने में आसानी हो जाती है और जब यह दोनों ही चीजें एक पदार्थ में होती हैं तो वह बहुत ही कठोर हो जाती है यानि उसकी टूट मुश्किल हो जाती है।

CrCoNi जैसी कोई नहीं
वैज्ञानिकों ने निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले धरती पर मौजूद कई कठोर पदार्थों का सूक्ष्म विश्लेषण किया है। लेकिन, आखिरकार इस नतीजे पर पहुंचे कि CrCoNi जैसी कोई नहीं। CrCoNi यानि- क्रोमियम, कोबाल्ट और निकल की मिश्र धातु। जॉर्ज और उनके साथी शोधकर्ताओं ने मूल रूप से दो मिश्र धातुओं को फाइनल परीक्षण लिए चुना था। दूसरा था- CrMnFeCoNi या क्रोमियम, मैगनीज, आयरन, कोबाल्ड और निकल।

हवाई जहाज और अंतरिक्ष यानों की डिजाइन में कारगर !
पहले तरल नाइट्रोज में 77 केल्विन (-196°C, -321°F) की स्थिति में जांच की गई। लेकिन, जब तरल हीलियम (20 केल्विन- -253°C, -424°F) में परीक्षण हुआ तो परिणाम चौंकाने वाला था। आगे कई तरीके से जांच की गई और अंतिम परिणाम यही रहा कि CrCoNi जितनी सख्त कुछ भी नहीं है, जो ठंड के साथ-साथ अपने गुणों में और बढ़ोतरी करती जाती है। यह शोध भविष्य में हवाई जहाज या अंतरिक्ष यानों की डिजाइन में बहुत ही कारगर साबित सकता है।

CrCoNi की गुणवत्ता सबसे बेहतर
CrCoNi एक ऐसे पदार्थ के रूप में निकला है, जिसे हाई एंट्रोपाय एलॉय (HEAs) कहा जाता है। आजतक जितने भी मिश्र धातुओं का इस्तेमाल होता है, उसमें किसी एक धातु की मात्रा अधिक होती है और बाकी धातुओं का इस्तेमाल कम मात्रा या अतिरिक्त धातु के तौर पर किया जाता है। लेकिन, HEA ऐसी मिश्र धातु है, जिसमें मिले सभी पदार्थों की मात्रा समान होती है। इसीलिए इसकी गुणवत्ता बाकियों के मुकाबले बहुत ही बेहतर मानी जा रही है। (तस्वीरें- सांकेतिक)












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