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अलकायदा ने जारी किया मारे जा चुके अल-जवाहिरी का वीडियो, आतंकियों को 35 मिनट का दिया संदेश

अमेरिका ने 31 जुलाई को अल-जवाहिरी को काबुल के एक अपार्टमेंट में बालकनी में आने के बाद मार गिराया था। कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया है, कि पाकिस्तान ने अल-जवाहिरी को धोखा दिया था।

Al Qaeda latest video of Zawahiri: दुनिया के सबसे खतरनाक आतंकी संगठनों में शामिल रहे अलकायदा ने अपने मारे गये मुखिया अल-जवाहिरी का 35 मिनट का वीडियो जारी किया है। इस वीडियो को लेकर अलकायदा का दावा है, कि इस वीडियो में उसके प्रमुख अल-जवाहिरी की आवाज है, जिसके बारे में अमेरिका ने इस साल दावा किया है, कि उसे अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में मार दिया गया था। अल-जवाहिरी के इस वीडियो में कोई तारीख नहीं है, जिससे पता नहीं चल पा रहा है, कि ये वीडियो कब रिकॉर्ड किया गया है।

अल-जवाहिरी ने जारी किया वीडियो

अल-जवाहिरी ने जारी किया वीडियो

एसआईटीई खुफिया समूह ने शुक्रवार को कहा है, कि अल कायदा का ये 35 मिनट का वीडियो बिना तारीख के है और उसमें ट्रांस्क्रिप्ट किया हुआ है, लिहाजा ये वीडियो कब बनाया गया है, इसकी कोई जानकारी नहीं मिल रही है। अमेरिका ने अपने स्पेशल ड्रोन से काबुल में छिपे अल-जवाहिरी को मार गिराया था, जब वो अपने घर की बालकनी में धूप सेकने आया था। 2011 में अलकायदा का मुखिया बनने वाले अल-जवाहिरी का मारा जाना अलकायदा के लिए बहुत बड़ा झटका था और कई सालों के खुफिया ऑपरेशन के बाद अल-जवाहिरी को मारने में अमेरिका को कामयाबी मिली थी। कई सैन्य एक्सपर्ट्स ने ये भी दावा किया था, कि पाकिस्तान की मुखबिरी के बाद अल-जवाहिरी की जानकारी अमेरिका को मिली थी।

अमेरिकी हमले का जिम्मेदार

अमेरिकी हमले का जिम्मेदार

अल-जवाहिरी अमेरिका पर हुए 9/11 हमले के लिए मास्टरमाइंड था और ओसामा बिन लादेन के साथ मिलकर उसने अमेरिका पर भीषण आतंकवादी हमला किया था। अमेरिका ने अपनी धरती पर हुए हमले के 20 सालों के बाद जवाहिरी से बदला लिया था और उसे 31 जुलाई की सुबह काबुल में ड्रोन हमले में मार गिराया। 2011 में इसके संस्थापक ओसामा बिन लादेन के मारे जाने के बाद से इसे आतंकवादी संगठन पर सबसे बड़ा स्ट्राइक माना गया था। ओसामा बिन लादेन और जवाहिरी, दोनों ही 1998 में अमेरिकी दूतावास पर हुए हमले और फिर 9/11 हमले के लिए मोस्ट वांटेड थे। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, थिंक टैंक ने कहा है कि, अल-जवाहिरी कई सालों तक पाकिस्तान के सीमावर्ती इलाके में छिपा हुआ था और अभी तक ये साफ नहीं हो पाया है, कि आखिर वो बाद में काबुल क्यों लौट आया था। अफगानिस्तान से अमेरिकी सैनिकों की वापसी के बाद उसका परिवार काबुल में सुरक्षित घर लौट आया था।

सालों तक चला था खुफिया ऑपरेशन

सालों तक चला था खुफिया ऑपरेशन

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में अमेरिकी प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से कहा गया है, कि उसका पता लगाने और उसे मारने के लिए अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने सालों तक "सावधानीपूर्वक, धैर्यपूर्वक और लगातार" ऑपरेशन चलाया था और उसी का नतीजा था, कि अल-जवाहिरी मारा गया था। अमेरिका ने अल-जवाहिरी के सिर पर एक करोड़ डॉलर का इनाम रखा था। वहीं, अलकायदा ने अल-जवाहिरी के मारे जाने के बाद नये मुखिया के नाम की घोषणा नहीं की है, लेकिन कई रिपोर्ट्स में अंदाजा लगाया गया है कि, मिस्र के स्पेशल फोर्स के एक पूर्व अधिकारी और रहस्यमयी सैफ अल-अदेल के हाथों में अब अलकायदा की जिम्मेदारी आ गई है।

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