Ajeya Warrior: दो देशों के सैनिकों का संयुक्त अभ्यास, ब्रिटिश सरजमीं पर दिखा भारत का सैन्य कौशल
Ajeya Warrior भारत और ब्रिटेन के सैनिकों के लिए ऐसा मौका रहा, जहां दोनों देशों के सैनिकों ने अपने युद्ध कौशल को और बेहतर बनाया। जानिए क्या है इस आयोजन का मकसद

Ajeya Warrior भारत और ब्रिटेन के सैनिकों का द्विवार्षिक अभ्यास है। ब्रिटिश और भारतीय सेनाओं के दल पिछले दो सप्ताह से ब्रिटेन के सैलिसबरी प्लेन ट्रेनिंग एरिया में प्रशिक्षण ले रहे हैं।
अजेय वारियर में यूके की 16 एयर असॉल्ट ब्रिगेड कॉम्बैट टीम और रॉयल गोरखा राइफल्स की दूसरी बटालियन और बिहार रेजिमेंट की भारत की 6वीं बटालियन के सैनिक शामिल थे।
लंदन में भारतीय उच्चायोग ने कहा, अजेय योद्धा का समापन सैलिसबरी के इम्बर गांव में हुआ। ट्वीट में उच्चायुक्त- @VDoraiswami को टैग कर गुरुवार को हाईकमीशन ने कहा, समापन समारोह के मुख्य अतिथि की मौजूदगी में सैन्य अभ्यास उच्च स्तरीय एकीकरण की दिशा में बेहद सफल रहा।
पिछले छह अभ्यासों में दोहराई गई चीजों और जटिलता के साथ सैन्य गतिशीलता को काफी आगे बढ़ाया गया है। बिहार रेजिमेंट की एक कंपनी को दूसरी बटालियन रॉयल गोरखा राइफल्स बैटलग्रुप में इंटीग्रेट किया गया था। इसका मकसद अग्रणी सिम्युलेटेड प्रशिक्षण वातावरण में उच्च गति का सैन्य संचालन है।
Ajeya Warrior के बारे में भारत में ब्रिटिश उच्चायुक्त एलेक्स एलिस ने कहा, "ब्रिटेन और भारत रक्षा में स्वाभाविक साझेदार हैं। उनमें अंतरसंक्रियता का स्तर बढ़ रहा है। हमारी सेनाओं के बीच इस अत्यधिक जटिल और व्यावहारिक बातचीत से इसका पता चलता है।"
उन्होंने कहा, ब्रिटेन भारत- प्रशांत क्षेत्र हमारी अंतरराष्ट्रीय नीति के स्थायी स्तंभ के करीब है। यह क्षेत्र हमारी अर्थव्यवस्था, हमारी सुरक्षा और एक खुली और स्थिर अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था में हमारे हित के लिए महत्वपूर्ण है।"
ब्रिटिश उच्चायोग के रक्षा सलाहकार ब्रिगेडियर निक सॉयर ने कहा, सैन्य अभ्यास अजेय वारियर दोनों देशों के सैनिकों का पूरी तरह से परीक्षण करता है। इसमें समकालीन मल्टी-डोमेन संचालन में अनुभव की गई अनिश्चितता और जटिलता शामिल है।
उन्होंने कहा, पूरे अभ्यास के दौरान, दोनों सेनाओं को आधुनिकीकरण की दिशा में उनके संबंधित अभियानों के हिस्से के रूप में उनकी क्षमताओं और उभरती सैन्य प्रौद्योगिकियों को प्रदर्शित करने का अवसर मिला। इसमें कोई संदेह नहीं है कि हमने एक बार फिर एक-दूसरे से सीखा होगा।"
उन्होंने कहा कि अजेय वारियर दोनों देशों को एक-दूसरे की सैन्य क्षमताओं और रणनीति की बढ़ती समझ देता है। यह एक मजबूत यूके-भारत रणनीतिक साझेदारी के लिए महत्वपूर्ण है।
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बता दें कि भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच संयुक्त-सैन्य अभ्यास "अजेय वारियर-23" का 7वां संस्करण 27 अप्रैल से 11 मई 2023 तक सैलिसबरी प्लेन्स, यूनाइटेड किंगडम में आयोजित किया गया।
दोनों देशों के एक साथ आने पर क्या फायदा हुआ
ब्रिटिश सेना के ब्रिगेडियर निक ने बताया कि इस विशेष अभ्यास के मौके पर दो युद्ध समूहों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। भारतीय भाइयों के साथ भी प्रशिक्षण ले रहे हैं। भारत के साथ हमारा बहुत मजबूत साझा इतिहास और रणनीतिक साझेदारी है, लेकिन जो वास्तव में प्रभावशाली रहा है वह यह है कि हमारे बीच सामरिक संबंध कितनी तेजी से बने हैं।
भारत के कमांडर का बयान
भारत-यूके अभ्यास के लिए भारतीय दल के संयुक्त कमांडर कर्नल एनएस राठौर ने कहा, इंडो-यूके संयुक्त अभ्यास से शहरी और अर्ध-शहरी परिवेशों में ड्रिल और संचालन की सर्वोत्तम प्रथाओं को शेयर करने और सीखने का आदर्श मंच मिलता है। दोनों सेनाओं के बीच संयुक्त उद्यम और अंतर-क्षमता के नए मानक स्थापित हुए हैं।
दोनों देशों के पास एक दूसरे से सीखने का मौका
ब्रिटेन में भारतीय उच्चायुक्त विक्रम दोरईस्वामी ने बताया, Ajeya Warrior का उद्देश्य सेनाओं के बीच अंतरसंक्रियता बढ़ाने की कोशिश करना और एक-दूसरे से सीखना भी है।
उन्होंने कहा, ये कुछ ऐसा है जो ब्रिटिश सेना हमसे सीख सकती है और ब्रिटिश सेना की योजना प्रक्रियाओं की गुणवत्ता और अनुभव को देखते हुए, कुछ चीजें हैं जो हमारे लोग उनसे सीख सकते हैं।












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