मामले को अब माना जा सकता है खत्म, दूर रहे अमेरिका... इजराइल पर भीषण हमले के बाद ईरान की चेतावनी
Israel Iran Conflict News: ईरान ने शनिवार को सीरिया में अपने वाणिज्य दूतावास पर हुए हमले के जवाब में इजराइल पर जवाबी हमला शुरू कर दिया है और करीब 100 की संख्या में ड्रोन और मिसाइलों से इजराइल पर हमला कर दिया है।
वहीं, ये हमला करने के बाद ईरान ने कहा है, कि अब "मामले को समाप्त माना जा सकता है।" लेकिन, इसके साथ ही ईरान ने इजराइल के सबसे करीबी सहयोगी अमेरिका को इस संघर्ष से दूर रहने की चेतावनी दी है। ईरान ने कहा है, कि अगर इजरायल ने 'एक और गलती' की तो उसकी प्रतिक्रिया और ज्यादा गंभीर होगी।

ईरान ने अमेरिका को दी चेतावनी
संयुक्त राष्ट्र में ईरान के स्थायी मिशन ने कहा है, कि "वैध रक्षा से संबंधित संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 के आधार पर, ईरान की सैन्य कार्रवाई दमिश्क में हमारे राजनयिक परिसर के खिलाफ ज़ायोनी शासन की आक्रामकता के जवाब में थी। मामले को समाप्त माना जा सकता है।"
ईरानी मिशन ने आगे कहा है, कि "हालांकि, अगर इजरायली शासन ने एक और गलती की, तो ईरान की प्रतिक्रिया काफी गंभीर होगी। यह ईरान और दुष्ट इजरायली शासन के बीच एक संघर्ष है, जिससे अमेरिका को दूर रहना चाहिए!"
सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, इस बीच, इजरायली वायु रक्षा प्रणाली ने शनिवार को शुरू किए गए ईरानी हमलों को रोक दिया है। जमीन पर मौजूद सीएनएन टीम ने यरूशलेम के आसमान में विस्फोटों और सायरन बजते हुए सुना है।
सीएनएन के एक रिपोर्टर रॉबर्टसन ने कहा, कि "हम अपने ऊपर आसमान में कई अलग-अलग दिशाओं से आने वाले कई इंटरसेप्ट्स को देख रहे हैं। यह बताना मुश्किल है कि आने वाली मिसाइल क्या है और इंटरसेप्ट क्या है।"
रॉबर्टसन ने कहा, "मैं कई धमाकों की आवाज सुन रहा हूं, मैं इंटरसेप्ट्स की आवाज सुन रहा हूं, लेकिन उनके असर की आवाज नहीं सुन पा रहा हूं।"
उन्होंने कहा, "हमने शायद 20 से 30 इंटरसेप्ट देखे हैं।"
सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, एक अमेरिकी रक्षा अधिकारी ने रविवार को कहा है, कि ईरानी हमलों के बीच अमेरिका इजरायल के साथ खड़ा है और अमेरिका ने "इजरायल को निशाना बनाने वाले लॉन्च किए गये ईरानी मिसाइलों और ड्रोनों को मार गिराया है।" अधिकारी ने कहा, "इजरायल की सुरक्षा के प्रति हमारी दृढ़ प्रतिबद्धता के हिसाब से, क्षेत्र में अमेरिकी सेनाएं इजरायल को निशाना बनाने वाले ईरानी-लॉन्च किए गए ड्रोनों को मार गिराना जारी रखे हुआ है।"
लेकिन, ईरानी हमले के बाद आशंका जताई जा रही है, कि इजराइल अब ईरान के खिलाफ जवाबी कार्रवाई के जवाब में एक और जवाबी कार्रवाई करेगा।
ईरानी हमले पर क्या बोला इजराइल?
इजराइली प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने रक्षात्मक और आक्रामक तरीके से जवाब देने की कसम खाई है, और कहा है, कि इजराइल वर्षों से ईरान द्वारा सीधे हमले की तैयारी कर रहा है।
इजराइली प्रधानमंत्री दफ्तर ने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का एक वीडियो पोस्ट किया है, जिसमें उन्होंने कहा है, कि "हाल के वर्षों में, और विशेष रूप से हाल के हफ्तों में, इजराइल, ईरान की तरफ से होने वाले सीधे हमले की तैयारी कर रहा है। हमारे डिफेंस सिस्टम्स तैनात हैं। हम रक्षात्मक और आक्रामक दोनों तरह से किसी भी स्थिति के लिए तैयार हैं। इजराइल राज्य मजबूत है। इजराइल डिफेंस फोर्स मजबूत है। इजराइल की जनता मजबूत है।"
उन्होंने कहा, "हम अमेरिका के इजराइल के साथ खड़े होने के साथ-साथ ब्रिटेन, फ्रांस और कई अन्य देशों के समर्थन की सराहना करते हैं।"
ईरान ने क्यों किया है इजराइल पर हमला?
गाजा पट्टी में पिछले 6 महीने से चल रही लड़ाई के बीच पिछले हफ्ते सीरिया के दमिश्क में ईरानी वाणिज्य दूतावास पर हमले किए गये, जिसमें ईरानी रिवॉल्यूशनरी गार्ड के 2 जनरलों समेत कम से कम 13 सैन्य अधिकारियों की मौत हो गई। ईरान ने इजराइल पर हमले का आरोप लगाया, लेकिन इजराइल ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
और इसी हमले का जवाब देने के लिए अब ईरान ने इजराइल पर हमला किया है।
इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने एक बयान जारी कर इजराइल पर हमले की पुष्टि की है और कहा है, कि यह हमला, दमिश्क में एक कांसुलर परिसर पर इजराइल रक्षा बल (आईडीएफ) के हमले के जवाब में था जिसमें दो जनरलों सहित कई आईआरजीसी सदस्य मारे गए थे।
आईआरजीसी ने ये भी कहा है, कि वह दर्जनों ड्रोन और क्रूज मिसाइलों के साथ इजराइल में विशिष्ट लक्ष्यों पर हमला करेगा।












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