अफगानिस्तान में तालिबान ने ईद के मौके पर तीन दिनों के लिए किया युद्धविराम का ऐलान
अफगानिस्तान में तालिबान के आतंकियों ने शनिवार को तीन दिन के लिए युद्धविराम का ऐलान किया है। तालिबान ने युद्धविराम का यह ऐलान ईद की छुट्टियों को देखते हुए युद्धविराम लागू किया है। गुरुवार को अफगानिस्तान की सरकार की ओर युद्धविराम की घोषणा की जा चुकी है।
काबुल। अफगानिस्तान में तालिबान के आतंकियों ने शनिवार को तीन दिन के लिए युद्धविराम का ऐलान किया है। तालिबान ने युद्धविराम का यह ऐलान ईद की छुट्टियों को देखते हुए युद्धविराम लागू किया है। गुरुवार को अफगानिस्तान की सरकार की ओर युद्धविराम की घोषणा की जा चुकी है। इसे देखते हुए ही तालिबान ने भी युद्धविराम का फैसला किया है। आतंकियों की ओर से कहा गया है कि उनके युद्धविराम में विदेशी सेनाओं को शामिल नहीं किया गया है और विदेशी सेनाओं के खिलाफ हमले जारी रहेंगे। तालिबान के आतंकियों ने कहा है कि वह खुद को भी किसी भी हमले से बचाने के लिए किसी भी स्तर पर जाएंगे। तीन दिनों तक तालिबान के आतंकियों की ओर से किया गया संघर्षविराम के ऐलान ने कई लोगों को हैरान कर दिया है।

तालिबान का बड़ा टेस्ट
एक यूरोपियन डिप्लोमैट ने न्यूज एजेंसी रायटर्स को बताया है कि अगले तीन दिनों तक तालिबान के आतंकियों की एकता का भी टेस्ट होगा। अगर अलग-अलग ग्रुप्स की ओर से इस युद्धविराम को स्वीकार नहीं किया गया तो फिर हमले जारी रहेंगे। अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ घनी ने गुरुवार को तालिबान के साथ बिना बिना शर्त संघर्षविराम का ऐलान किया था। 20 जून तक लागू इस संघर्षविराम से दूसरे आतंक संगठनों जैसे आईएसआईएस को बाहर रखा गया है। काबुल में एक मौलाना की ओर से हाल ही में आत्मघाती हमलों के खिलाफ एक फतवा जारी किया गया था। इसके बाद घनी ने संघर्षविराम का फैसला किया। हाल ही में आईएसआईएस की ओर से भी एक आत्मघाती हमला किया गया था जिसमें 14 लोगों की मौत हो गई थी। इस फतवे का मकसद काबुल में शांति कायम करना था। मौलान की ओर से ही तालिबान के साथ युद्धविराम की सलाह दी गई थी।
2014 के बाद पहला युद्धविराम
तालिबान ने साल 2001 से अफगानिस्तान में शरिया कानून को सख्ती से लागू किया हुआ है। अभी तक यह साफ नहीं हो सका है कि इस युद्धविराम की शुरुआत ईद का चांद दिखेगा तब होगी , या रमजान के 29वें या फिर 30वें दिन पर होगी। अफगानिस्तान में चांद अलग-अलग समय पर दिखता है। घनी पहले भी तालिबान के साथ युद्धविराम की अपील कर चुके हैं। लेकिन साल 2014 के बाद से यह पहला मौका जब किसी तरह कोई सशर्त युद्धविराम तालिबान के साथ हुआ है। घनी उसी वर्ष सत्ता में चुनकर आए थे। पिछले वर्ष अगस्त में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अफगानिस्तान के खिलाफ अपनी एक युद्धनीति के बारे में सबको बताया। इसके तहत उन्होंने हवाई हमलों के अलावा तालिबान को वार्ता के रास्ते पर लाने के विकल्प को भी शामिल किया था।
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