तानाशाह हिटलर की ऐतिहासिक घड़ी की नीलामी, 8 करोड़ से अधिक रुपये में इसने खरीदा, यहूदियों ने मचाया बवाल
वाशिंगटन, 01 जुलाईः अमेरिका में हुई एक नीलामी में जर्मनी के तानाशाह एडॉल्फ हिटलर की कलाई घड़ी नीलाम हुई है। यह ऐतिहासिक नीलामी अमेरिका के मैरीलैंड में एक ऑक्शन हाउस में हुई। हालांकि इस नीलामी में घड़ी को उतनी कीमत नसीब नहीं हुई जितनी उम्मीद की गई थी। इससे पहले इस घड़ी को 2 से 4 मिलियन डॉलर कीमत मिलने का अनुमान लगाया गया था। लेकिन यह 1.1 मिलियन डॉलर यानी 8 करोड़ 71 लाख रुपये में ही बिक सकी।

44वें जन्मदिन पर हिटलर को मिली गिफ्ट
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस घड़ी में स्वास्तिक का निशान बना हुआ है और AH लिखा हुआ है। इसका मतलब अडोल्फ हिटलर है इसकी नीलामी एलेक्जेंडर हिस्टोरिकल ऑक्शन द्वारा की गई थी। यह घड़ी संभवतः हिटलर को उसके 44वें जन्मदिन पर 20 अप्रैल, 1933 को तोहफे में दी गई थी। हिटलर इस दौरान जर्मनी का चांसलर बना था।

घड़ी में 3 तारीखें दर्ज
जानकारी के मुताबिक घड़ी में तीन तारीखें दर्ज हैं - पहली हिटलर की जन्म तिथि। दूसरी वह तारीख जब वह चांसलर बना और तीसरी जिस दिन नाजी पार्टी ने मार्च 1933 में चुनाव जीता। ऑक्सन हाउस के मुताबिक घड़ी को एक स्मारिका के रूप में हासिल किया गया था, जब लगभग 30 फ्रांसीसी सैनिकों ने बरगॉफ पर धावा बोल दिया था। तब से लेकर अब तक इस घड़ी को कई पीढ़ियों ने खरीदा और बेचा है।

यहूदी नेताओं ने की नीलामी की कड़ी निंदा की
हिटलर की घड़ी की हुई नीलामी की यहूदी नेताओं ने कड़ी निंदा की है। 34 यहूदी नेताओं द्वारा हस्ताक्षरित एक पत्र में इस घड़ी की बिक्री को 'घृणित' बताया गया है। उन्होंने कहा कि इस बिक्री से उन लोगों को मदद मिली है जो आदर्श रूप से नाजी पार्टी के लिए खड़े थे। उन्होंने यह भी कहा कि इस घड़ी का कोई ऐतिहासिक मूल्य नहीं है। हालांकि ऑक्शन हाउस के अध्यक्ष बिल पैनागोपुलोस ने नीलामी का बचाव किया और कहा कि इस घड़ी को एक यूरोपीय यहूदी ने खरीदा है।

कौन था हिटलर?
ऑस्ट्रिया में जन्मा 5 फीट 8 इंच के प्रथम विश्व युद्ध के दिग्गज नाजी नेता, जो बाद में जर्मनी के चांसलर बना। इसने यूरोप में नासी सुप्रीमेसी की विचारधारा को फैलाने के लिए 3 करोड़ से ज्यादा लोगों को मरवा दिया। इसमें यहूदियों की संख्या अकेले 60 लाख की थी। हिटलर ने तत्कालीन सोवियत संघ पर 40 लाख नाजी सैनिकों के साथ हमला किया था। लेकिन, भीषण सर्दी के कारण नाजी सेना के पैर उखड़ गए और उन्हें हार का सामना करना पड़ा।












Click it and Unblock the Notifications