मार्च तक यूरोप में 7 लाख लोगों की हो सकती है मौत, कोरोना पर WHO की नई चेतावनी भारत के लिए चिंता

यूरोप में कोरोना वायरस की वजह से अगले साल मार्च तक 7 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हो सकती है, डब्ल्यूएचओ की चेतावनी भारत के लिए भी बड़ी चिंता।

नई दिल्ली, नवंबर 24: विश्व स्वास्थ्य संगठन यानि डब्ल्यूएचओ ने आज चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि, कि अगले साल मार्च में, यानि अगले 4 से पांच महीनों में यूरोपीय देशों में सात लाख से ज्यादा लोगों की मौत कोरोना वायरस की वजह से हो सकती है। डब्ल्यूएचओ के अधिकारियों ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि, कोरोना की एक और क्रूर चौथी लहर की वजह से अगले साल मार्च तक पूरे महाद्वीर में मृत्यु का आंकड़ा बढ़कर 15 लाख से 22 लाख तक जा सकता है।

डब्ल्यूएचओ की डराने वाली चेतावनी

डब्ल्यूएचओ की डराने वाली चेतावनी

डब्ल्यूएचओ के आंकड़ों के मुताबिक, यूरोपी के 53 देशों के अलावा पूरे महाद्वीप, जिसमें यूनाइटेड किंगडम, कजाकिस्तान और रूस भी शामिल हैं, इन सभी देशों को मिलाकर मरने वालों का आंकड़ा 15 लाख से 22 लाख तक जा सकता है। डब्ल्यूएचओ की यह भविष्यवाणी अगर सही साबित होती है, तो इसका मतलब हुआ कि, यूरोप में पिछले साल की सर्दी तुलना में इस साल की स्थिति थोड़ा ही सही, मगर बेहतर रहने वाली है और इसके पीछे सबसे बड़ी वजह ज्यादा से ज्यादा लोगों का टीका लगा लेना है।

फिर से बिगड़ने लगी है स्थिति

फिर से बिगड़ने लगी है स्थिति

डब्ल्यूएचओ की चेतावनी के बीच रोमानिया में एक बार फिर से स्थिति काफी खराब हो चुकी है और अस्पतालों में शवों के ढेर लगे हुए हैं। वहीं, बुखारेस्ट के मुख्य अस्पताल के मुर्दाघर में क्षमता से तीन गुना ज्यादा शव रखे हुए हैं। डब्ल्यूएचओ ने कहा कि यूरोपीय देशों में बर्बादी के पीछे चायनीज कोरोना वायरस का 'डेल्टा' संस्करण की नई लहर जिम्मेदार है। यूरोपीय संघ में लगभग 66 प्रतिशत लोग पहले से ही कोरोना वायरस वैक्सीन की दोनों खुराक ले चुके हैं और अब कई देशों ने लोगों को वैक्सीन का बूस्टर डोज देना शुरू कर दिया है। बढ़ते मामलों ने वायरस के प्रसार को रोकने के लिए कई देशों को लॉकडाउन और कड़े प्रतिबंधों को फिर से लागू करना शुरू कर दिया है।

हर दिन 4 हजार लोगों की मौत

हर दिन 4 हजार लोगों की मौत

डब्ल्यूएचओ के अधिकारियों ने कहा कि, यूरोप में कोविड की मौतें सितंबर से पहले ही दोगुनी होकर हर दिन 4 हजार से ज्यादा हो चुकी हैं। अमेरिका के इंस्टीट्यूट फॉर हेल्थ मेट्रिक्स एंड इवैल्यूएशन की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए रिपोर्ट में कहा गया है कि, एक बार फिर से कोरोना वायरस से होने वाली मौतों का आंकड़ा बढ़ना शुरू हो चुका है। डब्ल्यूएचओ के यूरोप के क्षेत्रीय निदेशक डॉ हैंस क्लूज ने यूरोपीय देशों से जल्द से जल्द वैक्सीनेशन करने और एक बार फिर से सख्ती के साथ सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने, फेस, मास्क लगाने और नियमित तौर पर हाथ साफ करने की अपील जारी की है। उन्होंने कहा कि, 'जैसा कि हम 2021 के अंत तक पहुंच चुके है, तो एक बार फिर से हमें कोविड-19 के सभी नियमों का पालना करना चाहिए और अपनी रक्षा के तमाम उपायों पर जोर देना चाहिए।

भारत के लिए खतरे की घंटी

भारत के लिए खतरे की घंटी

भारत में इस वक्त कोरोना वायरस का कहर पूरी तरह से कंट्रोल में हैं और देश के बाजार पूरी तरह से खुल चुके हैं। लेकिन, मामलों की कमी के साथ ही लोग एक बार फिर से लापरवाही बरतने लगे हैं और ऐसा लग रहा है, मानो देश में अप्रैल-मई के महीने में जो देखा था, उसे भुला दिया है। लिहाजा एक बार फिर से खतरे की घंटी बज चुकी है। क्योंकि, अगर 65 प्रतिशत से ज्यादा वैक्सीनेशन के बाद यूरोप के ऊपर खतरे की तलवार मंडरा रहा है, तो फिर भारत में क्या स्थिति हो सकती है, इसका अंदाजा आप आसानी से लगा सकते हैं, क्योंकि भारत में अभी तक 40 फीसदी भी वैक्सीनेशन नहीं हुआ है।

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