5 दिन तक कार में फंसी रही घायल बुजुर्ग महिला, बारिश का पानी चाटकर बचाई अपनी जान
नई दिल्ली, 31 दिसंबर। कितनी भी मुश्किलें क्यों न आ जाएं, जब तक आप हिम्मत नहीं हारेंगे तब तक काल भी आपका कुछ नहीं बिगाड़ सकता। ऐसा ही कुछ एक 68 वर्षीय बुजुर्ग महिला ने कर दिखाया, जो बर्फ से ढकी कार में बिना कुछ खाए 5 दिनों तक फंसी रही लेकिन उसने हार नहीं मानी और जिंदा बाहर निकली। आप को लग सकता है ये किसी फिल्म की कहानी है लेकिन नहीं यह सच्ची घटना है। कोहनी और घुटने टूटने के बाद भी महिला ने गिवअप नहीं किया और खुद को मुश्किल से बाहर निकाला।

5 दिन तक कार में फंसी रही महिला
घटना अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन की है जहां एक रिटायर्ड नर्स अपनी रिश्तेदार के घर से लौटते समय एक्सीडेंट हो जाता है। हादसा इतना भयानक होता है कि महिला की कार कई फीट गहरी खांई में गिर जाती है और पांच दिनों तक किसी को उसकी कोई खबर नहीं मिलती। लेकिन कहते हैं न, 'जाको राखे साइयां, मार सके न कोई' बुजुर्ग महिला की मौत का समय अभी आया नहीं था, उसने चुनौतियों से लड़कर खुद को जिंदा बचाए रखा।

भारी बर्फबारी में कार का हुआ एक्सीडेंट
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक 68 साल की रिटायर्ड नर्स की कार भारी बर्फबारी के चलते दुर्घटना की शिकार हो गई थी। इस बीच खाईं में महिला की मदद के लिए आस-पास कोई नहीं था। ऊपर से कार बर्फ के नीचे दबी हुई थी जिसके चलते ना ही महिला शीशा तोड़ सकती थी और न ही दरवाजा खोल सकती थी। एक्सीडेंट में महिला की कोहनी और घुटने भी टूट चुके थे। ऐसी स्थिति में कोई और होता तो हिम्मत हार जाता लेकिन महिला ने लड़ाई जारी रखी।

अपनी हड्डियों को देखा
कार के अंदर पांच दिनों तक कैद रहने के दौरान महिला ने बारिश का पानी पीकर खुद को जिंदा रखा। बचाए जाने के बाद महिला ने बताया कि उसने किसी तरह अपनी सीट बेल्ट को काटा, इस दौरान उन्होंने अपनी हड्डियां देखीं, जो टूटकर बाहर निकल आई थीं। किसी तरह कार की पिछली सीट पर पहुंचने के बाद वो गाड़ी में रखे कंबल की मदद से खुद को कड़ाके की ठंड से बचाने में कामयाब रहती हैं।

इस तरह बच सकी जान
इसी दौरान उनका फोन लगातार बजता रहा लेकिन हाथ टूट जाने की वजह से वह फोन नहीं उठा पा रही थीं। भूख लगने और खुद को डिहाइड्रेशन से बचाने के लिए बुजुर्ग महिला ने किसी तरह बर्फ और बारिश से रिसकर आने वाले पानी को चाटकर अपनी प्यास बुझाती। किसी तरह उन्होंने खुद को पांच दिनों तक जिंदा रखने में कामयाबी हासिल की इस बीच ट्रांसपोर्टेशन डिपार्टमेंट की नजर उनपर पड़ी और उन्हें रेस्क्यू किया जा सका। अब तक महिला की तीन सर्जरी की जा चुकी है।
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