106 साल की इस महिला से यमराज भी खाते हैं खौफ, 1918 में स्पेनिश फ्लू और अब Corona को दी मात

नई दिल्ली। भारत में एक प्रसिद्ध कहावत है 'जाको राखे साइयां मार सके ना कोई', मतलब ये कि जिसकी रक्षा ऊपर वाला करता है, उसका कोई बाल भी बांका नहीं कर सकता। भारत ये पंक्ति स्पेन में रहने वाली एक 106 वर्षीय बुजुर्ग महिला पर एकदम सटीक बैठती है। दरअसल, जिस महिला की बात हम कर रहे हैं उन्होंने साल 1918 में आई भयानक महामारी स्पेनिश फ्लू को तो हराया ही लेकिन अब वर्तमान में बुजुर्ग ने कोरोना वायरस को भी मात देकर सबको चौंका दिया है।

106 वर्षीय महिला ने कोरोना को दिया मात

106 वर्षीय महिला ने कोरोना को दिया मात

जी हां, 106 वर्षीय एक स्पेनिश महिला एना डेल वैले ने अपने जीवन काल में दो महामारियों पर विजय पायी है। एना डेल वैले की बहु पाकी सांचेज ने बताया कि उनसी सास ने पहले 1918 के स्पेनिश फ्लू को मात दिया और अब हाल ही में वह कोरोना वायरस से पूरी तरह ठीक होकर अस्पताल से घर लौटी हैं। डेल वेले, जो गंभीर रूप से कोरोना से बीमार हो गई थीं उन्हें डॉक्टरों ने कड़ी निगरानी में रखा गया था।

बचपन में स्पैनिश फ्लू को दिया था मात

बचपन में स्पैनिश फ्लू को दिया था मात

पाकी सांचेज ने बताया कि उनकी सास ने अविश्वसनीय तरीके से कोरोना वायरस को हरा दिया है जिसके बाद से हर कोई हैरान है। एना डेल वैले के संघर्ष की कहानी तब शुरू हुई जब उन्होंने एक बच्ची के रूप में तथाकथित स्पैनिश फ्लू महामारी से पार पाया। इस महामारी से दुनियाभर में लाखों लोगों की मौत हो गई थी। सांचेज के मुताबिक उस दौरान भी महामारी ने पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया था।

नर्सिंग होम के कर्मचारी से फैला था संक्रमण

नर्सिंग होम के कर्मचारी से फैला था संक्रमण

मना जा रहा है कि 106 वर्षीय एना, कोरोना वायरस से ठीक होने वाली दुनिया की सबसे बुजुर्ग महिला हैं। एना, पिछले 8 साल से अल्कालो डेल वैले (अंडालुसिया, दक्षिणी स्पेन का क्षेत्र) के नर्सिंग होम में रह रही हैं। उसके परिवार को पिछले महीने मार्च में सूचना मिली कि उनकी यात्राओं पर रोक लगा दी गई है क्योंकि उनके नर्सिंग होम के एक कर्मचारी में कोरोना वायरस पॉजिटिव पाया गया था।

20 लोग की रिपोर्ट पॉजिटिव आई

20 लोग की रिपोर्ट पॉजिटिव आई

प्रशासन ने अनौपचारिक रूप से वहां रहने वाले 22 कर्मचारियों का कोरोना टेस्ट किया जिसमें से 20 लोग की रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई। हालांकि इस रिपोर्ट को आने में और अधिक समय लग गया क्योंकि नमूनों को एक प्रयोगशाला में भेजा गया था। परिणामों से पता चला कि एना डेल वैले को बीमारी थी और उन्हें एक अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया था। पाकी सांचेज ने बताया कि अस्पताल के कर्मचारियों के सहयोग से हम उनसे फोन पर कॉल, वीडियो कॉल से संपर्क में थे।

अक्टूबर 1913 में हुआ था जन्म

अक्टूबर 1913 में हुआ था जन्म

एना का जन्म अक्टूबर 1913 में हुआ था और छह महीने से भी कम समय में वह 107 साल की होने वाली हैं। वह स्पेन में महामारी के प्रकोप में आने वाली सबसे बुजुर्ग महिला हैं, एना के अलावा 107 वर्षीय डच कोरोना वायरस पीड़ित कॉर्नेलिया रास दुनिया के सबसे ज्यादा उम्र के पुरुष मरीज हैं। स्पेन की एना डेल वैले ने अस्पताल में डॉक्टरों के साथ पूरा सहयोग किया और सभी नियमों का पालन किया।

101 साल की दो महिलाओं ने भी कोरोना को हराया

101 साल की दो महिलाओं ने भी कोरोना को हराया

आखिरकार अंत में बुजुर्ग महिला एना डेल वैले ने कोरोना वायरस पर काबू पा लिया और उनकी तीसरी कोरोना टेस्ट रिपोर्ट नेगेटिव आई है। स्पेन में एना के बाद दो अन्य महिलाएं हैं जिन्होंने 101 साल की उम्र में कोरोना वायरस को मात दिया है। बता दें कि स्पेन में महामारी की चपेट में आने के बाद मरने वालों की कुल संख्या अब तक 22,524 पहुंच गई है। जबकि 92,355 मरीज अब तक कोरोना वायरस से ठीक हो चुके हैं।

यह भी पढ़ें: एक ATM से रुपए निकालने पर 4 फौजी कोरोना से संक्रमित, कैंटोनमेंट सैनिटाइज किया गया

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+