पीएम मोदी और राष्ट्रपति ओबामा के बीच मुलाकात की 10 खास बातें
वाशिंगटन। मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के बीच एक और मुलाकात हुई। दोनों के बीच मुलाकात के साथ ही भारत को एमटीसीआर में एंट्री मिली तो साथ ही एनएसजी सदस्यता का रास्ता भी खुला। इस दौरान राष्ट्रपति ओबामा ने आतंकवाद पर चर्चा तो ही साथ ही साथ पठानकोट आतंकी हमले को 26/11 जैसा हमला करार दिया।

राष्ट्रपति बराक ओबामा ने मीटिंग के दौरान पाकिस्तान के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार किया है। ओबामा ने पाक साफ संदेश देते हुए कहा कि वह पठानकोट हमले को अंजाम देने वालों को सजा दे।
पीएम मोदी और राष्ट्रपति ओबामा के बीच मुलाकात की 10 खास बातें
मीटिंग की 10 खास बातें
- अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने भारत को एनएसजी की सदस्यता हासिल करने में मदद का वादा किया है।
- एक अमेरिकी अधिकारी ने मीटिंग के बाद कहा कि अमेरिका की पूरी कोशिश होगी कि भारत को न्यूक्लियर सप्लायर्स ग्रुप की सदस्यता इस माह के अंत में सियोल में होने वाली मीटिंग के दौरान होने वाली वोटिंग में ही मिल जाए।
- पीएम मोदी और ओबामा की मीटिंग के बाद भारत को एमटीसीआर में एंट्री मिली। भारत इस ग्रुप का 34वां देश है। इसके साथ ही भारत के पास एडवांस्ड मिसाइल डेवलप करने का अधिकार भी मिलेगा।
- ओबामा ने उम्मीद जताई है भारत इस वर्ष के आखिर तक पेरिस में हुए जलवायु समझौते को औपचारिक तौर से अपना लेगा।
- अमेरिका और भारत दोनों के बीच उस डॉक्यूमेंट्स पर भी सहमति हो गई है, जिसके तहत दोनों देश जरूरत पड़ने पर एक दूसरे के सैन्य तंत्रों का प्रयोग कर सकेंगे।
- इसके अलावा अमेरिका ने अमेरिका की न्यूक्लियर एनर्जी कंपनी वेस्टिंगहाउस को भारत में छह न्यूक्लियर रिएक्टर्स बनाने का कांट्रैक्ट पर भी खुशी जताई।
- यह समझौता भारत और अमेरिका के बीच उस समय हुआ था जब जार्ज बुश अमेरिका के राष्ट्रपति थे।
- समझौते के बाद ये पहली अमरीकी कंपनी है, जिसे भारत में बिजलीघर लगाने की मंज़ूरी मिली है।
- अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि भारत और अमेरिका दोनों ही जगह इससे हजारों नौकरियां पैदा होंगी।
- जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और दाउद कंपनी जैसे पाकिस्तान में मौजूद आतंकी संगठनों से आतंकी खतरे के खिलाफ भारत के साथ खड़े होने का संकल्प भी जताया।












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