पत्नी चाहती थी की जिस्मफरोशी के लिए दलाली करे पति, कोर्ट ने दी सजा
इंदौर। कोर्ट की फाइलों में अकसर उन महिलाओं की चीखें दबी होती हैं जो जिनके पति या फिर ससुराल वाले उन्हें प्रताडि़त करते हैं। मगर मध्य प्रदेश के जबलपुर हाईकोर्ट ने बीते सोमवार को उन फाइलों में से एक व्यक्ति की फाइल खोली जिसकी पत्नी उसे प्रताडि़त कर रही थी। कोर्ट ने पति के हक में फैसला देते हुए पत्नी पर घरेलू हिंसा का मामला दर्ज करने का फरमान सुनाया है। मामला मंदसौर-नीमच रोड पर गुजर बसर करने वाली बाछड़ा जाति समुदाय का है।

यहां एक पत्नी अपने पति को देह व्यापार में धकेलना चाहती थी। पति ने पत्नी के इस घिनौने प्रस्ताव को इंकार कर दिया और उसके खिलाफ कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। यहां लंबी कानूनी लड़ाई के बाद पति के हक में फैसला सुनाया गया है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक इंदौर के रहने वाले नवनीत जोशी की शादी वर्ष 2007 में नीमच की रहने वाली ममता से हुई थी। विवाह के कुछ महीनों बाद ही ममता नवनीत को नीमच ले कर आ गई।
कुछ समय साथ रहने के बाद दोनों में झगड़ा होने लगा। आप सुनकर हैरान हो जाएंगे कि झगड़ा का कारण क्या? ममता चाहती थी कि नवनीत जिस्मफरोशी का दलाल बन जाए। ममता का भाई गोपाल पुलिस कंट्रोल रूम में काम करता है। ममता के कहने पर गोपाल भी नवनीत पर मंदसौर-नीमच रोड पर बाछड़ा जाति द्वारा किए जाने वाले देह व्यापार में शामिल होने का दबाव बना रहा था। लेकिन नवनीत ने यह घिनौना काम करने से मना कर दिया। इस पर ममता और गोपाल बौखला गए और नवनीत को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने लगे।
नशीली गोलियां देकर करने लगे मानसिक बीमार
ममता और गोपाल जब सीधे तौर पर अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हुए तो उन लोगों ने नवनीत को नशीली दवाइयां देकर नशीली दवाइयां उसे मानसिक रूप से बीमार करने की कोशिश करने लगे। नवनीत ने फिर भी हार नहीं मानी और अपनी मां पूजावती को पूरी बात बताई। बेटे को न्याय दिलाने के लिए पूजावती ने कोर्ट की शरण ली और दोनों आरोपियों को खिलाफ घरेलू हिंसा का मामला दर्ज करने की गुहार लगाई। कोर्ट ने महिला एवं बाल विकास विभाग को जांच सौंपी।
विभाग की जांच में सामने आया कि नवनीत को काफी समय से उसकी पत्नी द्वारा प्रताड़ित किया जा रहा था और पत्नी और साला उसे लंबे समय से देह व्यापार में शामिल होने के लिए उकसा रहे थे। घटना सही पाए जाने पर सोमवार को कोर्ट ने ममता और गोपाल को आरोपी बनाते हुए उनके खिलाफ घरेलू हिंसा का मामला दर्ज करने का आदेश दिया।












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