Weather: मौसम बिगड़ते ही बढ़ने लगे आकाशीय बिजली गिरने से हादसे, इन बातों का ध्यान रखने पर बचेगी जान
आकाशीय बिजली या वज्रपात के कारण व्यापक स्तर पर जान- माल का नुकसान होता है। अधिकांश घटनाओं में खेतों अथवा खुले क्षेत्रों में काम करने वाले लोग प्रभावित होते हैं। व्यापक स्तर पर जन-जागरूकता, मैदानी स्तर तक चेतावनी प्रसारण की व्यवस्था तथा स्थानीय स्तर पर तैयारी के उपायों द्वारा इन घटनाओं में जान माल के नुकसान को रोका जा सकता है।
कलेक्टर डॉ. इलैयाराजा टी ने यह जानकारी देते हुए निर्देश दिये हैं कि आकाशीय बिजली या वज्रपात की आपदाओं से बचाव हेतु विभागीय तथा जिला स्तर पर पूर्व- तैयारी के सभी आवश्यक कदम उठाए जाएँ। मध्य प्रदेश में प्री मानसून के चलते भारी बारिश का सिलसिला देखने मिल रहा है, जहां अब प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में लगातार बारिश का सिलसिला जारी है।

कुछ ऐसी है प्रशासन की तैयारी
कलेक्टर डॉ. इलैयाराजा टी ने बताया है कि डिस्ट्रिक कमांड एंड कण्ट्रोल सेंटर (District Command and Control Contre) के माध्यम से भारतीय मौसम विभाग द्वारा प्रतिदिन जारी की जाने वाली Now Casting (वैध्यता अवधी से 6 घंटे तक ) चेतावनी तथा Short and Medium range (वैध्यता अवधी-1 से 5 दिन) चेतावनी को मैदानी स्तर के अधिकारीयों तक भेजने की व्यवस्था की जायेगी। निर्देश दिये हैं कि चेतावनी अवधि के दौरान जिला कमांड, कण्ट्रोल एवं कोआर्डिनेशन सेंटर (DCCC) को 24X7 कार्यरत रखा जाये तथा DOCC का समन्वय पुलिस कण्ट्रोल रूम तथा स्वास्थ्य सेवा कण्ट्रोल रूम, नगरीय निकाय कण्ट्रोल रूम आदि से सुनिश्चित की जाये।
इन बातों का रखना होगा ध्यान
भारतीय मौसम विभाग अथवा "DAMINI मोबाइल एप द्वारा स्थानीय स्तर पर आकाशीय बिजली या वज्रपात की चेतावनी प्राप्त होने की स्थिति में निम्नलिखित सावधानियां आवश्यक रूप से ली जाएँ। खेतों में कार्य करने वाले किसानों को तत्काल सुरक्षित स्थलों में जाने की सलाह दी जाए। उन्हें यह विशेष रूप से निर्देशित किया जाए कि बारिश से बचाव हेतु पेड़ों के नीचे समूह में खड़े नहीं हो। विशेषकर ऊंचे पेड़ों से दूर रहें। खेतो के मध्य बने खलिहानों अथवा अन्य स्थलों में बारिश से बचाव हेतु समूह में नहीं रहें। अपने पास किसी भी प्रकार के धातू की वस्तु जैसे कुदाल, फावड़ा, खुरपी, छाता आदि नहीं रखें। ट्रेक्टर आदि धातु से बने खुले वाहनों से दूर रहें। ऐसे घरों में अपना बचाव नहीं करें जिसका छत धातु का बना हो। जल अथवा जलीय क्षेत्रों में नहीं जाए। यदि धान रोपने का कार्य चल रहा हो, तो चेतावनी अवधि तक इस कार्य को स्थगित रखें। जल के संपर्क में आने वाले कोई भी कार्य चेतावनी अवधि तक स्थगित रखें। स्थानीय प्रशासन द्वारा यह सुनिश्चित किया जाए कि चेतावनी अवधि में खुले क्षेत्रों, जलीय क्षेत्रों में अथवा उसके समीप पिकनिक, धार्मिक अथवा अन्य सामाजिक आयोजन नहीं हो।
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