Indore temple accident: मंत्री और सांसद ने जाना घायलों का हाल, हर संभव मदद का भरोसा दिलाया
इंदौर हादसे में घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया गया है। वहीं घायलों का हाल जानने प्रदेश के कैबिनेट मंत्री तुलसी सिलावट और सांसद शंकर लालवानी पहुंचे, जहां दोनों ही नेताओं ने घायलों का हाल जाना।

मध्यप्रदेश के इंदौर में उस वक्त बड़ा हादसा हो गया, जब श्रद्धालु मंदिर में बावड़ी पर डले स्लैब पर बैठकर हवन पूजन कर रहे थे, तभी अचानक स्लैब धंस गया, और सभी श्रद्धालु बावड़ी में जा गिरे। इस हादसे में 13 लोगों की मौत हो गई तो वहीं 15 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। सभी घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया गया है। वहीं घायलों का हाल जानने प्रदेश के कैबिनेट मंत्री तुलसी सिलावट और सांसद शंकर लालवानी पहुंचे, जहां दोनों ही नेताओं ने घायलों का हाल जाना। इस दौरान मंत्री तुलसी सिलावट और सांसद शंकर लालवानी ने घायलों के उचित उपचार के दिशा-निर्देश भी अस्पताल प्रबंधन को दिए हैं। वहीं से पहले महापौर पुष्यमित्र भार्गव भी घायलों का हाल जानने अस्पताल पहुंचे थे।
कुछ ऐसा हुआ घटनाक्रम
प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के लिए गुरुवार का दिन दर्दनाक रहा, जहां बालेश्वर महादेव झूलेलाल मंदिर पर उस वक्त बड़ा घटनाक्रम घटित हो गया, जब कुछ लोग मंदिर में स्थित बावड़ी के स्लैब पर बैठकर हवन पूजन कर रहे थे, तभी अचानक बावड़ी के ऊपर डाला स्लैब धंस गया, और लगभग 60 से ज्यादा लोग बावड़ी में समा गए। बावड़ी में समाए 60 से ज्यादा लोगों को निकालने का काम जारी है, अब तक 19 लोगों को सकुशल बाहर निकाला गया था, जिनमें से दो की मौत हो गई है, तो वहीं 11 शव बावड़ी से बाहर निकाले गए हैं। कुल मिलाकर अब तक 13 लोगों की मौत इस घटनाक्रम में हुई है तो वहीं 17 लोग अस्पताल में इलाजरत हैं।
बावड़ी पर डली छत धंसी
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि, जिस मंदिर में यह हादसा हुआ है। वह लगभग 60 साल पुराना है। शहर के सपना संगीता रोड स्थित स्नेह नगर में स्थित इस मंदिर में राम नवमी के अवसर पर 25 से ज्यादा लोग बावड़ी की छत पर बैठकर हवन कर रहे थे, तभी अचानक वजन ज्यादा होने से बावड़ी पर डली छत धंस गई, जिसके चलते बावड़ी पर बैठे 60 से ज्यादा लोग बावड़ी में समा गए। हादसे के बाद घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने राहत और बचाव कार्य शुरू किया, जिसमें लगभग 18 से ज्यादा लोगों को बाहर निकाला गया है। बावड़ी में 4 से 5 फीट पानी है, जिसमें कुछ और लोगों के फंसे होने की संभावना है। मंदिर में कन्या पूजन का कार्यक्रम होने के कारण भीड़ ज्यादा थी। इस बीच यह हादसा हो गया।
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