MP में स्टूडेंट बनी सरकारी स्कूल की प्रिंसिपल, टीचर्स को दिए समय पर आने के निर्देश
मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित नालछा से एक ऐसा मामला सामने आया है, जहां 12वीं कक्षा में पढ़ने वाली एक छात्रा को सीएम राइस स्कूल का प्रिंसिपल बनाया गया है।

मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित नालछा से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने यह सभी को हैरान कर दिया। दरअसल, यहां 12वीं कक्षा में पढ़ने वाली एक छात्रा को सीएम राइस स्कूल का प्रिंसिपल बनाया गया है। 15 दिनों तक के लिए छात्रा को स्कूल की कमान सौंपते हुए प्रिंसिपल बनाया गया है। वहीं अब प्रिंसिपल बनने के बाद छात्रा लगातार छात्र हित में फैसले लेती नजर आ रही है। इतना ही नहीं छात्रा ने लापरवाही बरतने वाले और देरी से स्कूल पहुंचने वाले स्टाफ को भी सख्त निर्देश दे दिए हैं। वहीं अब यह छात्रा प्रदेश में चर्चा का विषय बनी हुई है।

कुछ ऐसा है पूरा मामला
दरअसल, नालछा में स्थित सीएम राजे स्कूल में उच्च अधिकारियों से मिले निर्देश के बाद छात्र संघ ने 12वीं कक्षा में पढ़ने वाली छात्रा को स्कूल का प्राचार्य मनोनीत किया है। 15 दिनों तक छात्रा स्कूल की कमान संभालते हुए प्राचार्य के रूप में अपना दायित्व निर्वहन करेगी। वहीं छात्रा को प्राचार्य के सारे पावर देते हुए स्कूल की व्यवस्थाओं को सुचारू बनाने तक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके बाद छात्रा लगातार नए-नए फैसले लेकर छात्र हित में किस तरह से काम किया जा सकता है, इसे लेकर प्रयास में जुटी हुई नजर आ रही है।

स्टूडेंट ने अब तक लिए यह फैसले
छात्रा को जब से स्कूल का प्राचार्य बनाया गया है, तभी से छात्रा ने छात्र हित में कई महत्वपूर्ण फैसले लेने शुरू कर दिए हैं। प्राचार्य बनी छात्रा ने हर कक्षा में कक्षा प्रतिनिधि के रूप में एक अध्यक्ष बनाया है। साथ ही स्कूल की अन्य समस्याओं का भी निराकरण किया है। प्राचार्य बनी छात्रा ने स्कूल स्टाफ को समय पर स्कूल आने के निर्देश दिए हैं। साथ ही अपनी कक्षाएं भी व्यवस्थित रूप से समय पर लगाने के लिए कहा है। उधर, स्कूल के बाहर लंबे वक्त से लगने वाले असामाजिक तत्वों के डेरे को खत्म करने के लिए छात्रा से प्राचार्य बनी स्कूल में स्थानीय विधायक और थाना प्रभारी को छात्राओं की परेशानी से अवगत कराया है।

कोर्स पूरा कराने को लेकर योजना तैयार
उधर, प्राचार्य बनी छात्रा ने सभी कक्षाओं का कोर्स पूरा कराने के लिए भी योजना तैयार कर ली है, जहां अब इस योजना के तहत सभी कक्षाओं का कोर्स जल्द से जल्द पूरा करा लिया जाएगा। छात्रा से प्राचार्य बनी छात्रा का कहना है कि, यह उसका सौभाग्य है कि उसे 15 दिन तक प्राचार्य बनने का मौका मिला है। उधर, स्कूल की प्राचार्य की मानें तो उच्च अधिकारियों से मिले निर्देश के बाद 12वीं की छात्रा को 15 दिन के लिए स्कूल का प्राचार्य बनाया है। वहीं अब यह प्रयोग कारगर साबित होता दिखाई दे रहा है, जहां छात्र छात्राओं की समस्या को बेहद नजदीकी से समझने वाली छात्रा को जब से स्कूल का प्राचार्य बनाया गया है तभी से स्कूली छात्र छात्राओं की समस्याओं का निराकरण भी शुरू हो गया है।
ये भी पढ़े- True Love : राधा से शादी के लिए अफसर मंसूरी ने बदला धर्म, कृष्णा बन रचाया ब्याह












Click it and Unblock the Notifications