'शिव' के गले तक 'शिवना', भगवान पशुपतिनाथ के चार मुख जलमग्न! गर्भगृह में 4 फीट पानी भरा
भगवान के 'शिव' के गले तक आकर 'शिवना' नदी ने भोलेनाथ का जलाभिषेक किया है...मंदसौर के विश्व प्रसिद्ध पशुपतिनाथ मंदिर शिवना नदी की बाढ़ से घिर गया। शिवलिंग के चार मुख जलमग्न हो गए। गर्भगृह में करीब 4 से 5 फीट पानी भरा था।

मंदसौर जिल में भारी बारिश से प्रसिद्ध भगवान पशुपतिनाथ की अष्टमुखी मूर्ति के चार मुख पानी में डूब गए। रविवार दोपहर तक यही हालात थे। मंदिर परिसर में बीती रात करीब ढाई बजे से रविवार शाम तक गर्भगृह पानी से डूबा हुआ रूथा। मंदिर के श्रद्धालुओं के अनुसार यहां 4 से पांच फीट पानी भरा है।
दक्षिण-पश्चिमी मध्यप्रदेश में तेज बरिश का दौर तीन दिन से जारी है। मालवा इलाके में छोटी-बड़ी नदियां उफान पर हैं। बता मंदसौर की करें तो यहां बीती देर पशुपति नाथ मंदिर के किनारे से बहने वाली शिवना नदी में बाढ़ आ गई। पानी बढ़ते-बढ़ते घाटों को पार करते-करते मंदिर परिसर में जा पहुंचा। लगातार बढ़ते पानी से सारा मंदिर परिसर भर गया। इधर गर्भगृह में पानी पहुंचने लगा। रात करीब दो बजे भगवान पशुपतिनाथ के गले तक शिवना नदी पहुंच चुकी थीं। रात में मंदिर कमेटी के सदस्य व लोग यहां मौजूद थे। श्रद्धालु इसे शिवना नदी के द्वारा भगवान पशुपतिनाथ का जलाभिषेक करना बताते हैं। माना जाता है कि हर साल मानसून सीजन में बारिश के दौरान एक बार शिवना नदी का पानी शिवलिंग तक भगवान का जलाभिषेक करने पहुंचता जरूर है।
शनिवार-रविवार को 4.22 इंच बारिश
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार मंदसौर जिले में पिछले शनिवार से रविवार सुबह तक 4.22 इंच बारिश दर्ज की गई है। वहीं, रविवार को भी रुक-रुक कर बारिश का दौर बना हुआ है। शुक्रवार शाम से शुरू हुई बारिश से रविवार दोपहर तक बाढ़ जैसे हालात नजर आ रहे थे। इधर शिवना पर बने कालाभाटा बांध के शाम को 5 गेट खोले गए हैं।












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