MP Assembly Election 2023: क्या कहते हैं सेंधवा विधानसभा के चुनावी समीकरण, कौन पड़ेगा किस पर भारी, जानिए?
मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव की हलचल तेज हो चली है। इस बीच आदिवासी बाहुल्य सेंधवा विधानसभा में भी चुनावी हलचल देखने मिल रही है। वर्तमान में इस विधानसभा से कांग्रेस के ग्यारसीलाल रावत विधायक हैं।
सेंधवा विधानसभा आदिवासी और किसान बाहुल्य विधानसभा मानी जाती है। यही कारण है कि, सेंधवा विधानसभा सीट अनुसूचित जनजाति के लिए सुरक्षित मानी जाती है। सेंधवा विधानसभा निमाड़ अंचल की बेहद चर्चित विधानसभाओं में एक है। मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव की हलचल तेज है, ऐसे में अब बीजेपी और कांग्रेस के साथ ही अन्य दल मैदान में नजर आ रहे हैं. वहीं अब जल्द ही प्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए आचार संहिता लागू होने की संभावना है.

साल 2018 में थे ऐसे चुनाव परिणाम
साल 2018 विधानसभा चुनाव में सेंधवा विधानसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के अंतर सिंह आर्य और कांग्रेस के ग्यारसी लाल रावत के बीच मुकाबला था। कांग्रेस उम्मीदवार ने 94722 वोट पाकर जीत हासिल की है। बीजेपी को 78844 वोट मिले। साल 2013 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी के अंतर सिंह आर्य ने जीत हासिल की है। उन्होंने 2013 के चुनाव में कांग्रेस के दयाराम पटेल को 25 हजार से ज्यादा वोटों से हराया था। इस चुनाव में अंतर सिंह को 88821 वोट मिले थे, तो वहीं कांग्रेस के दयाराम पटेल को 63135 वोट मिले थे।
कुछ ऐसा है सेंधवा का चुनावी गणित
सेंधवा विधानसभा में त्रिकोणीय मुकाबला होने की संभावना है, जहां बीजेपी और कांग्रेस के साथ निर्दलीय भी चुनावी मैदान में नजर आ सकते हैं। सेंधवा विधानसभा जिले के साथ-साथ निमाड़ अंचल की प्रमुख विधानसभाओं में से एक है। इस विधानसभा पर जीतने वाले दल का वर्चस्व आसपास की विधानसभाओं पर भी दिखाई देता है। सेंधवा विधानसभा प्रमुख तौर पर आदिवासी और किसान बाहुल्य विधानसभा मानी जाती है। यही कारण है कि, यहां किसानों से जुड़े मुद्दे और आदिवासियों से जुड़े मुद्दे चुनाव में चर्चा का विषय बने रहते हैं।
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