MP में खेत तक पहुंचने के लिए किसान बने खतरों के खिलाड़ी, रस्सी पर चलकर पार कर रहे नाला
मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर से हैरान कर देने वाला मामला निकलकर सामने आया है, जहां किसान अपने खेत पर जाने के लिए खतरों के खिलाड़ी बनते नजर आ रहे हैं। यहां किसान नाला पार करने के लिए रस्सी के पुल पर पैदल चलते दिखाई दे रहे हैं, जहां हाल ही में पुल पार करते समय एक किसान का हाथ छूटने से वह नीचे जा गिरा और मौत के मुंह में समा गया। वहीं अब किसान स्थाई पुल बनाने की मांग कर रहे हैं। उधर, रस्सी पर चलकर नाला पार कर रहे किसानों का वीडियो देख हर कोई हैरान नजर आ रहा है, जहां किसान रस्सी पर चलकर नाला पार करते दिखाई दे रहे हैं।

कुछ इस तरह हुआ हादसा
हाल ही में इंदौर के नजदीक शिप्रा थाना क्षेत्र में ग्राम सलोटिया से किसान की मौत का मामला सामने आया था, जहां शाम को किसान अपने खेत से नाला पार कर लौट रहा था, तभी उसका हाथ रस्सी से छूट गया, और वह पानी में जा गिरा, जिसके बाद किसान को पानी में गिरता देख आसपास के ग्रामीण किसान के पास पहुंचे, और उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं इस पूरे घटनाक्रम के बाद इलाके में हड़कंप मच गया, जहां अब ग्रामीण रस्सी के सहारे नाला पार करने से घबराते नजर आ रहे हैं।

6 किलोमीटर दूर है दूसरा रास्ता
किसानों ने बताया कि, यह हमारी खेती का मुख्य रास्ता है। यदि हम दूसरे रास्ते से जाते हैं तो वह रास्ता 6 किलोमीटर दूर है, पुलिया बनती तो आज हमारे साथ यह घटना नहीं होती। हम करीब 10 से 20 सालों से इसी तरह नाला पार कर रहे हैं। यह नाला 10 से 15 फीट गहरा है। शिप्रा नदी से जुड़ा नाला है। जनप्रतिनिधियों ने पुलिया बनाने का आश्वासन दिया, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ। इससे पहले राजस्थानी भेड़ बकरी वाला भी शांत हो गया था, और आने वाले दिनों में जनहानि और बढ़ सकती है। किसान इतना सक्षम नहीं है की पुलिया बना ले।

आए दिन होते हैं हादसे
ग्रामीणों ने बताया कि, आए दिन इस तरह के हादसे होते रहते हैं, जहां इससे पहले भी एक हादसा हो चुका है तो वहीं आने वाले दिनों में भी हादसा होने की घटनाओं से इनकार नहीं किया जा सकता। उधर, किसान अपनी जान हथेली पर रखते हुए रस्सी के सहारे नाला पार करते हैं, जहां कभी भी कोई अनहोनी होने की आशंका बनी रहती है। बहरहाल, अब ग्रामीणों की समस्या की ओर ध्यान देते हुए जनप्रतिनिधि आखिर कब तक पुलिया का निर्माण करवाते हैं, यह आने वाला वक्त बताएगा।

महिलाओं को भी आती है परेशानी
ग्रामीणों की माने तो पुरुष किसान तो जैसे-तैसे रस्सी के सहारे नाला पार कर लेते हैं, लेकिन महिलाओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, जहां महिलाएं और बच्चे रस्सी के सहारे नाला पार करने में असमर्थ नजर आते हैं। यही कारण रहता है कि, महिलाएं और बच्चे 6 किलोमीटर दूर दूसरे रास्ते से खेतों में पहुंचते हैं। ग्रामीणों ने कई बार नाले पर स्थाई पुल की मांग करते हुए सरकार को पत्र भी लिखा, लेकिन ग्रामीणों की मांग का कोई निष्कर्ष नहीं निकला।












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