MP News Indore: गोवा-इंदौर इंडिगो फ्लाइट में लैंडिंग गियर खराब, जानिए कैसे अटकीं गई थी यात्रियों की सांसें
MP Indore flight News: गोवा से इंदौर आ रही इंडिगो की फ्लाइट 6E 813 में सोमवार शाम लैंडिंग गियर में खराबी आने से अफरा-तफरी मच गई। विमान में सवार 140 यात्रियों की उस वक्त सांसें अटक गईं, जब पायलट को लैंडिंग से ठीक पहले 'अंडर कैरिज वॉर्निंग' मिला।
यह चेतावनी मिलने के बाद पायलट ने विमान को 38 मिनट तक इंदौर के आसमान में चक्कर कटवाया और फिर सावधानीपूर्वक शाम 5:13 बजे देवी अहिल्याबाई होलकर हवाई अड्डे पर आपातकालीन व्यवस्थाओं के बीच सुरक्षित लैंडिंग करवाई। यह घटना पिछले 15 दिनों में इंडिगो की उड़ानों में तकनीकी खराबी का तीसरा मामला है। इससे न सिर्फ विमानन सुरक्षा पर सवाल उठे हैं, बल्कि इंडिगो की रखरखाव नीतियों पर भी बहस तेज हो गई है।

कैसे हुई यह घटना
इंडिगो की फ्लाइट 6E 813 ने गोवा के डबोलिम एयरपोर्ट से निर्धारित समय 2:40 बजे की बजाय 3:03 बजे उड़ान भरी थी। लैंडिंग का समय 4:30 बजे तय था, लेकिन लैंडिंग से कुछ ही मिनट पहले पायलट को कॉकपिट में लैंडिंग गियर खराबी का संकेत मिला। यह 'अंडर कैरिज वॉर्निंग' सिस्टम तब एक्टिव होता है जब लैंडिंग गियर पूरी तरह नहीं खुलता या उसमें कोई सेंसर संबंधी खराबी हो।
पायलट ने एटीसी को तुरंत सतर्क किया और विमान को 38 मिनट तक होल्डिंग पैटर्न में रखकर हवा में चक्कर लगवाया। इसका उद्देश्य ईंधन खपत को नियंत्रित करना और इमरजेंसी लैंडिंग के लिए सभी इंतज़ाम सुनिश्चित करना था।
पायलट की सूझबूझ, एयरपोर्ट की तत्परता
इंदौर एयरपोर्ट पर आपात सेवाएं एक्टिवेट कर दी गईं-फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस और मेडिकल टीम रनवे के किनारे तैनात की गई। आखिरकार 5:13 बजे विमान ने सुरक्षित लैंडिंग की। सभी यात्री और क्रू सदस्य सुरक्षित रहे।
एयरपोर्ट निदेशक विपिनकांत सेठ ने कहा, "पायलट की त्वरित सूचना और एयरपोर्ट स्टाफ की सजगता के कारण स्थिति को संभाल लिया गया। विमान की जांच की जा रही है और यात्रियों को वैकल्पिक व्यवस्था से रवाना किया गया है।"
पूरा मामला विस्तार
इंडिगो फ्लाइट 6E 813, जो गोवा के डबोलिम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से इंदौर के लिए उड़ान भर रही थी, ने सोमवार दोपहर 3:03 बजे (निर्धारित समय 2:40 बजे) उड़ान भरी थी। विमान को इंदौर के देवी अहिल्याबाई होलकर हवाई अड्डे पर दोपहर 4:30 बजे उतरना था। हालांकि, लैंडिंग से ठीक पहले पायलट को कॉकपिट में "अंडर कैरिज वॉर्निंग" का अलार्म प्राप्त हुआ, जो लैंडिंग गियर में तकनीकी खराबी का संकेत था। इस चेतावनी के बाद पायलट ने तुरंत इंदौर हवाई यातायात नियंत्रण (एटीसी) को सूचित किया और आपातकालीन लैंडिंग की तैयारी शुरू की।
विमान को सुरक्षित उतारने के लिए पायलट ने करीब 38 मिनट तक हवा में चक्कर लगाए, ताकि लैंडिंग गियर की स्थिति की जांच की जा सके और ईंधन का स्तर कम किया जा सके। इस दौरान, इंदौर हवाई अड्डे पर आपातकालीन सेवाएं, जिसमें दमकल गाड़ियां, एम्बुलेंस, और चिकित्सा दल शामिल थे, को तैनात कर दिया गया। अंततः, लैंडिंग गियर के सामान्य रूप से काम करने की पुष्टि होने के बाद, विमान ने शाम 5:13 बजे सुरक्षित लैंडिंग की। सभी 140 यात्री और चालक दल के सदस्य सुरक्षित रहे, और किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
इंडिगो का आधिकारिक बयान
इंडिगो ने इस घटना पर एक आधिकारिक बयान जारी किया, जिसमें कहा गया, "21 जुलाई 2025 को गोवा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (डबोलिम) से इंदौर के लिए उड़ान भर रही इंडिगो फ्लाइट 6E 813 में लैंडिंग से ठीक पहले तकनीकी खराबी की सूचना मिली। मानक प्रक्रियाओं का पालन करते हुए, विमान ने इंदौर हवाई अड्डे पर सुरक्षित लैंडिंग की। विमान का परिचालन फिर से शुरू करने से पहले आवश्यक जांच और रखरखाव किया जाएगा।"
एयरलाइन ने यह भी कहा कि यात्रियों को हुई असुविधा के लिए उन्हें खेद है और उनकी सुरक्षा और संरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। विमान को अब तकनीकी जांच के लिए ग्राउंडेड कर दिया गया है, और यात्रियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है।
यात्रियों का अनुभव: दहशत के 38 मिनट
विमान में सवार यात्रियों ने इस घटना को डरावना बताया। एक यात्री, रमेश पटेल, ने बताया, "जब पायलट ने घोषणा की कि विमान में तकनीकी खराबी है और हमें लैंडिंग के लिए इंतजार करना होगा, तो सभी के चेहरों पर डर साफ दिख रहा था। 38 मिनट तक हवा में चक्कर लगाने के दौरान हर कोई चुप था और प्रार्थना कर रहा था। जब विमान सुरक्षित उतरा, तो सभी ने तालियां बजाकर राहत व्यक्त की।"
एक अन्य यात्री, प्रिया शर्मा, ने कहा, "पायलट और चालक दल की तारीफ करनी होगी। उन्होंने शांत रहकर स्थिति को संभाला। लेकिन इतने समय तक हवा में रहना और यह नहीं जानना कि क्या होगा, यह अनुभव भयावह था।" यात्रियों ने यह भी बताया कि लैंडिंग के बाद हवाई अड्डे पर तैनात आपातकालीन सेवाओं ने तुरंत उनकी सहायता की और उन्हें सुरक्षित रूप से टर्मिनल तक पहुंचाया गया।
मध्य प्रदेश में इंडिगो की तीसरी घटना
यह घटना हाल के दिनों में मध्य प्रदेश से जुड़ी इंडिगो की उड़ानों में तीसरी तकनीकी खराबी की घटना है, जिसने विमानन सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। इससे पहले:
8 जुलाई 2025: इंदौर से रायपुर जा रही इंडिगो फ्लाइट 6E-7295 को उड़ान भरने के 30 मिनट बाद तकनीकी खराबी के कारण इंदौर वापस लौटना पड़ा। इस विमान में 51 यात्री सवार थे, और यह सुरक्षित रूप से इंदौर में उतर गया था।
16 जुलाई 2025: दिल्ली से गोवा जा रही इंडिगो फ्लाइट 6E 6271 को इंजन में खराबी के कारण मुंबई में आपात लैंडिंग करनी पड़ी। इस विमान में 191 यात्री सवार थे, और यह भी सुरक्षित रूप से उतर गया था।
इन घटनाओं ने इंडिगो की रखरखाव प्रक्रियाओं और विमानन सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े किए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बार-बार होने वाली ऐसी घटनाएं यात्रियों के विश्वास को प्रभावित कर सकती हैं। विमानन विशेषज्ञ कैप्टन मोहन रंगनाथन ने कहा, "लैंडिंग गियर की खराबी एक गंभीर मुद्दा है। यह जरूरी है कि एयरलाइंस नियमित रखरखाव और सुरक्षा जांच को और सख्त करें।"
इंदौर हवाई अड्डे की तत्परता
इंदौर के देवी अहिल्याबाई होलकर हवाई अड्डे के निदेशक विपिनकांत सेठ ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पायलट ने लैंडिंग से पहले एटीसी को अंडर कैरिज वॉर्निंग के बारे में सूचित किया था। उन्होंने कहा, "हमने तुरंत आपातकालीन प्रोटोकॉल लागू किए। दमकल गाड़ियां, एम्बुलेंस, और चिकित्सा दल तैयार थे। पायलट ने सूझबूझ दिखाई और विमान को सुरक्षित उतारा। सभी यात्री सुरक्षित हैं, और विमान की जांच शुरू कर दी गई है।"
हवाई अड्डे के अधिकारियों ने बताया कि लैंडिंग के बाद यात्रियों को टर्मिनल में सुरक्षित ले जाया गया, और उनकी आगे की यात्रा के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। इस घटना से हवाई अड्डे की नियमित उड़ानों पर कोई असर नहीं पड़ा।












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