Makar Sankranti 2023 : पतंगबाज हो जाएं सावधान, MP के इन जिलों में चाइनीज मांझे बैन
एमपी के कई जिलों में जारी आदेश में कोई भी व्यक्ति सार्वजनिक स्थान, मार्ग, मकानों की छतों पर पतंग उड़ाने के दौरान चायनीज मांजे के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया है।

प्रदेशभर में 14 व 15 जनवरी को मकर सक्रांति का पर्व मनाया जाएगा। मकर सक्रांति के अवसर पर बच्चों व अन्य व्यक्तियों द्वारा सामूहिक रूप से पतंगबाजी की जाती है। जिसमें व्यक्तियों पतंग उड़ाने के लिये शीशा युक्त मांजा चायना धागा उपयोग किया जाता है। चायना धागे के उपयोग से पक्षियों के घायल होने तथा मृत्यु की घटना होने, साथ ही सड़क पर चलने वाले व्यक्तियों के भी घायल होने की संभावना रहती है। इन सभी की सुरक्षा ध्यान में रखते हुए मध्यप्रदेश में चाइनीज मांझे को बैन किया गया है, जहां मध्य प्रदेश के कई जिलों में चाइनीज मांझे की बिक्री पर रोक लगा दी गई है। हाल ही में मध्य प्रदेश के कई जिलों से चाइनीज मांझा के चलते कुछ लोगों के घायल होने की खबरें निकलकर सामने आई थी।
कुछ ऐसा है जारी आदेश
प्रदेश के अलग-अलग जिलों में जारी आदेश में कोई भी व्यक्ति सार्वजनिक स्थान, मार्ग, मकानों की छतों पर पतंग उड़ाने के दौरान चायनीज मांजे के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया है। वहीं जिलें के समस्त थोक व्यापारी, विक्रयकर्ता चायनीज मांजे के क्रय विक्रय पर प्रतिबंध रहेगा। पतंग उड़ाने में उपयोग किये जाने वाले प्लास्टिक, सिन्थेटिक मटेरियल से निर्मित चायनीज, नायलोन मांजे से पक्षियों एवं मानवों को होने वाले दुष्प्रभाव के कारण इसके उपयोग को प्रतिबंधित किया है। मकर सक्रांति पर्व पर पतंगबाजी के लिए ऐसी डोर का क्रय-विक्रय एवं निर्माण किया जावे, जिससे किसी भी व्यक्ति, पशु-पक्षियों को किसी भी प्रकार की शारीरिक क्षति न हो।
उज्जैन में भी पतंगबाजी पर प्रतिबंध
धार्मिक नगरी उज्जैन में मकर संक्रांति के पर्व पर पतंगबाजी का अपना अलग महत्व होता है, जहां पतंगबाजी करने देश और दुनिया से लोग धार्मिक नगरी उज्जैन पहुंचते हैं। धार्मिक नगरी उज्जैन में पतंगबाजी बेहद प्राचीन परंपरा है। यही कारण है कि, यहां मकर संक्रांति के पर्व पर पतंगबाजी की जाती है, लेकिन अक्सर पतंग बाजों द्वारा चाइना की डोर का उपयोग किया जाता है, जिससे पशु पक्षियों को नुकसान होने की संभावना अधिक रहती है। इसे ध्यान में रखते हुए लगातार पिछले कई सालों से मकर संक्रांति के पर्व पर चाइना डोर प्रतिबंधित कर दी जाती है, जहां अबकी बार भी चाइना डोर प्रतिबंधित कर दी गई है।
लगातार सामने आते हैं मामले
चाइना की डोर से नुकसान पहुंचने के मामले लगातार सामने आते रहते हैं। इतना ही नहीं चाइना के मांझे से पतंग उड़ाने के चलते हर साल लगभग 500 से ज्यादा पक्षी भी जख्मी हो जाते हैं। वहीं पतंगबाजी का मौसम आने पर प्रशासन हमेशा से ही चाइना डोर पर प्रतिबंध की बात करता है, लेकिन बावजूद इसके अवैध तरीके से चाइना डोर बिकने के कारण लगातार इसका उपयोग पतंगबाजी में किया जाता है, जिसका सीधा असर वाहन चालकों और पक्षियों पर पड़ता है, जहां लगातार इस तरह के मामले सामने आते हैं।
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