Indore में G-20 Summit का उद्घाटन, CM Shivraj ने कही ये बात

प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में G-20, कृषि कार्य समूह की बैठक के अंतर्गत विभिन्न देशों की कृषि पद्धति, उत्पादों तथा मध्यप्रदेश के जैविक उत्पादों को प्रदर्शित करने वाली प्रदर्शनी का उद्घाटन किया गया.

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Indore में G-20, कृषि कार्य समूह की बैठक के अंतर्गत विभिन्न देशों की कृषि पद्धति, उत्पादों तथा मध्यप्रदेश के जैविक उत्पादों को प्रदर्शित करने वाली प्रदर्शनी का सीएम शिवराज सिंह चौहान ने उद्घाटन कर अवलोकन किया। जी-20 समूह के कृषि प्रतिनिधियों की प्रथम बैठक में सहभागिता की। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री तुलसी सिलावट, सांसद शंकर लालवानी और महापौर पुष्यमित्र भार्गव एवं अन्य गणमान्य जनप्रतिनिधि तथा विभिन्न देशों से पधारे प्रतिनिधि एवं अतिथि उपस्थित रहे।

सीएम शिवराज ने कही ये बात

सीएम शिवराज ने कही ये बात

उद्घाटन अवसर पर सीएम शिवराज ने कहा कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत G-20 की अध्यक्षता कर रहा है। हमारे यहाँ वसुधैव कुटुंबकम् की सोच हजारों साल पुरानी है। हम मानते हैं कि सारा विश्व ही हमारा परिवार है। खाद्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए हम कृषि योग्य भूमि का समुचित उपयोग भी करें और इसकी उत्पादकता बढ़ाने के लिए सम्मिलित प्रयास भी करें। उत्तम खेती मध्यम वान, अधम चाकरी भीख निदान। भारत में खाद्य की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए खेती को सबसे उत्तम कार्य माना गया है। इसलिए भारत में एक बड़ी आबादी कृषि कार्य में लगी हुई है।

खाद्यान्न की आवश्यकताओं को पूरा करना है

खाद्यान्न की आवश्यकताओं को पूरा करना है

इसी में साथ सीएम शिवराज ने कहा की, लगातार बढ़ती जनसंख्या के कारण खाद्य सुरक्षा बहुत महत्वपूर्ण विषय है। दुनिया का मात्र 12% भू-भाग ही कृषि के योग्य है। वर्ष 2030 तक हमारी खाद्यान्न की मांग 345 मिलियन टन हो जाएगी। यदि हमें दुनिया के खाद्यान्न की आवश्यकताओं को पूरा करना है, तो हमें उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ नये विचारों का स्वागत और टेक्नोलॉजी का उपयोग करना होगा। मध्यप्रदेश में हम जीरो प्रतिशत की दर पर किसानों को कृषि ऋण उपलब्ध कराते हैं ताकि ब्याज का बोझ उसके सिर पर ना रहे। उत्पादन की लागत घटाने के लिए मध्यप्रदेश में एक नहीं अनेकों प्रयास किए गए हैं।

भारत में अभियान चल रहा है

भारत में अभियान चल रहा है

सीएम शिवराज ने कहा की, अलग-अलग आवश्यकतानुसार कृषि का विविधीकरण का प्रयत्न हम कर रहे हैं। फूलों-फलों की खेती, सब्जी व औषधियों की खेती के साथ ही पशुपालन, मत्स्य पालन का प्रयास हम कर रहे हैं।प्रधानमंत्री जी ने भारत के मोटे अनाजों को श्री अन्न नाम दिया है। मध्यप्रदेश का आप यदि कोदो-कुटकी खा लें, तो आपको स्वास्थ्य के रूप में बहुत लाभ होगा। संयुक्त राष्ट्र संघ ने 2023 को अंतरराष्ट्रीय मोटा अनाज वर्ष घोषित किया है। भारत के पारंपरिक मोटे अनाज ज्वार, बाजरा, कोदो, कुटकी में बहुत पोषण है। इनको हम धरती से खत्म न होने दें इसलिए भारत में अभियान चल रहा है।

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