Indore news: शुरू होने जा रहा मछलियों के प्रजनन का समय, 15 अगस्त तक मत्स्य खोट पर लगी रोक
इंदौर जिले में 15 अगस्त 2023 तक की अवधि को बन्द ऋतु (क्लोज सीजन) घोषित किया गया है। इसके अनुसार छोटे तालाब या अन्य स्त्रोत जिनका संबंध किसी नदी या नाले से नही हैं और जिन्हें निर्दिष्ट जल की परिभाषा के अन्तर्गत नहीं लिया गया हैं, को छोडकर समस्त नदियों व जलाशयों में बन्द ऋतु में मत्स्याखेट पूर्णतयः प्रतिबंधित रहेगा।
इस संबंध में कलेक्टर डॉ. इलैयाराजा टी द्वारा आदेश जारी कर दिया गया है। बन्द ऋतु की अवधि में अवैधानिक मत्स्याखेट/परिवहन/क्रय/ विक्रय आदि कार्य करते पाये जाने पर नदीय मत्स्योद्योग नियम के प्रावधान एवं म.प्र. मत्स्य क्षेत्र (संशोधन) अधिनियम के तहत उल्लंघनकर्ता के विरूद्ध एक वर्ष के कारावास अथवा 5 हजार रूपये तक के जुर्माना या दोनों से दण्डित किये जाने का प्रावधान है।

कुछ ऐसा है आदेश
मछली के प्रजनन काल होने से वंशवृद्धि को दृष्टिगत रखकर मत्स्य संरक्षण हेतु उक्त काल को बन्द ऋतुकाल घोषित किया गया है। सभी संबंधित व्यक्तियों से कहा गया है कि इस अवधि में किसी प्रकार का मत्स्याखेट/ परिवहन/क्रय/विक्रय आदि कार्य ना तो स्वयं करे और ना ही इन कार्यो मे सहयोग दे। अन्यथा उल्लंधनकर्ता के विरूद्ध उक्त नियम के तहत कार्रवाई की जायेगी। कुलमिलाकर, देखा जाए तो इंदौर जिले में 15 अगस्त 2023 तक की अवधि को बन्द ऋतु (क्लोज सीजन) घोषित किया गया है।
इस कारण लगती है रोक
मछुआरों को सबसे ज्यादा फायदा बारिश के समय होता है, जिसमें सर्वाधिक मात्रा में मछलियां मिलती है और बारिश की अवधि में मछलियों का प्रजनन समय भी होता है। बीते कई सालों से देखने में आ रहा है कि बारिश शुरू होने पर क्षेत्र के नदी-नालों व नर्मदा तटीय घाटों पर मछुआरे मछली पकड़कर इन्हें व्यापारियों को कम दरों पर बेच देते हैं। खास बात तो यह है कि मछलियों के प्रजनन की अवधि 15 जून से 15 अगस्त तक रहती है। इस अवधि में सर्वाधिक मछलियां जलाशयों से पकड़ी जाती है। मछली के अवैध व्यापार पर पुलिस पैनी निगाह रखेगी। साथ ही घाटों पर मछुआरों को भी सख्त निर्देश दिए गए हैं कि प्रजनन अवधि में मछली का शिकार न करें।
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