Holi से पहले बिखरे भगोरिया के रंग, BJP और कांग्रेस के नेता भी हुए मगन
भगोरिया हाट में आदिवासी समाजजन अपनी संस्कृति के साथ ढोल-मादल की थाप, बांसुरी की धुन पर पैरों में घुघरू बांधकर जमकर थिरके। इस दौरान बीजेपी और कांग्रेस के नेता भी भगोरिया मेले में शामिल हुए.

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मध्यप्रदेश के आदिवासी क्षेत्रों में इन दिनों में भगोरिया का पर्व बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है, जहां भगोरिया पर्व पर अलग-अलग जिलों में मेलों का आयोजन भी किया जा रहा है। बड़वानी में आदिवासी संस्कृति का प्रतीक भगोरिया हाट गुरुवार को पाटी में आयोजित हुआ, जिसमें क्षेत्र के कई गाँवों के आदिवासी महिला-पुरुष व बच्चे अलग-अलग टोली में शामिल हुए। अधिकांश ग्रामीण अपने पारंपरिक परिधान में नजर आए तो कई युवा आधुनिक पोशाक पहनकर भगोरिया हाट में शामिल हुए।

मेले में शामिल हुए सांसद
भगोरिया हाट में आदिवासी समाजजन अपनी संस्कृति के साथ ढोल-मादल की थाप, बांसुरी की धुन पर पैरों में घुघरू बांधकर जमकर थिरके। इस दौरान भगोरिया हाट लगे मे 3 बड़े व 2 छोटे झूले लगाए गए। जिसका आदिवासी बच्चों सहित बड़ो ने जमकर आनंद लिया। वही समूह की टोली ने एक दूसरे को रंग बिरंगी गुलाल लगाकर भगोरिया मनाया।लोकसभा सांसद गजेंद्र सिंह पटेल ने झूले में बैठकर, ढोल बजाकर भोगर्या का आनंद लिया। वहीं ढोल की धुन पर खूब थिरके भी।

कांग्रेस के नेता भी हुए शामिल
आदिवासी अंचल में भगोरिया पर्व बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है, जहां अब युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. विक्रांत भूरिया भी भगोरिया के रंग में रंगे नजर आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो वायरल हो रहे हैं जिसमें आदिवासी हीरो बने डॉ. विक्रांत भूरिया आदिवासियों के साथ नाचते गाते और ढोल बजाते दिखाई दे रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. विक्रांत भूरिया गले में ढोल टांग उसे बजाते नजर आ रहे हैं, साथ ही वे आदिवासी समाजजनों के साथ नाचते गाते दिखाई दे रहे हैं। उधर, डॉ. विक्रांत भूरिया का ये अंदाज देख आदिवासी समाजजन उन्हें आदिवासी हीरो बता रहे हैं।

इस तरह मनाया जाता है पर्व
आदिवासी इलाकों में मनाया जाने वाला भगोरिया पर्व पूरे सप्ताह भर चलता है, जिसमें आदिवासी संस्कृति और कला के रंग बिखरते हैं।भगोरिया पर्व होली से पहले मनाया जाता है, जिसमें आदिवासी युवक-युवतियां पारंपरिक पोशाक में सज-धजकर इस मेले में पहुंचते हैं, और ढोल-मांदल बजाते हुए समूह में नाचते-गाते हैं। बदलते वक्त के साथ अब भगोरिया मेले में युवक-युवतियां मॉर्डन पहनावे में भी नजर आते हैं। वहीं भगोरिया मेले में सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता प्रबंध भी पुलिस प्रशासन की ओर से किए गए हैं।
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