दुनिया के कई देशों में मंकी पॉक्स का खतरा, MP में अलर्ट!
इंदौर, 23 मई: कोरोना संक्रमण के बाद अब दुनियाभर में मंकी पॉक्स का खतरा बढ़ता चला जा रहा है, जहां इसी को देखते हुए मध्यप्रदेश में भी अलर्ट जारी किया गया है. दुनिया के 10 से ज्यादा देशों में मंकी पॉक्स बीमारी के फैलने के बाद केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को विदेश से आने वाले यात्रियों की विशेष निगरानी के निर्देश दिए हैं. केंद्र सरकार ने स्वास्थ्य विभाग को मंकी पॉक्स के हालातों पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं. केंद्र से मिले दिशा निर्देशों के बाद मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग का अमला अलर्ट नजर आ रहा है. मंकी पॉक्स से संबंधित गाइडलाइन स्वास्थ्य विभाग जल्द जारी कर सकता है. साथ ही विदेश से आने वाले संदिग्ध मरीजों की जांच और उनके इलाज की व्यवस्था करने के निर्देश भी जारी किए जा चुके हैं. कुल मिलाकर देखा जाए तो कोरोना के बाद अब बढ़ते मंकी पॉक्स के खतरे को भांपते हुए स्वास्थ्य विभाग का अमला अलर्ट नजर आ रहा है.

क्या है मंकी पॉक्स वायरस?
मंकी पॉक्स वायरस मुख्य रूप से चूहे और खरगोश जैसे जानवरों से फैलता है, जानवरों से होकर इंसानों में यह वायरस तेज गति से फैलता है. यह बीमारी संक्रमित मरीज के छुआछूत और उसके उपयोग किए बिस्तरों और कपड़ों के उपयोग से फैलता है. वहीं यदि मंकी पॉक्स संक्रमित जानवर किसी व्यक्ति को काटता है, तब भी उसके संक्रमित होने की संभावना बढ़ जाती है.
यह है मंकी पॉक्स बीमारी के लक्षण
यदि कोई व्यक्ति मंकी पॉक्स बीमारी से संक्रमित हो जाता है, तो उसे लक्षण 5 से 10 दिनों में दिखने शुरू हो जाते हैं, जिसमें उसे बुखार, बदन दर्द और उल्टी-दस्त जैसे लक्षण दिखने लगते हैं. इसके साथ ही संक्रमित व्यक्ति के शरीर पर छोटे-छोटे दाने भी उठने लगते हैं, जो फोड़े-फुंसी की तरह दिखाई पड़ते हैं. साथ ही ज्यादा ने कुछ दिनों बाद पपड़ी बनकर समाप्त हो जाते हैं.
यह है मंकी पॉक्स बीमारी से बचने के उपाय
सावधानी और सुरक्षा रखकर मंकी पॉक्स बीमारी से बचा जा सकता है, जहां मंकी पॉक्स के लक्षण दिखने पर तुरंत जांच के लिए सैंपल चिकित्सक के पास दें, साथ ही चिकित्सक से उचित परामर्श लेते हुए इलाज शुरू करें. फिलहाल, मंकी पॉक्स का टीका और दवा बनाने का काम जोरों पर चल रहा है, लेकिन तब तक सावधानी और सुरक्षा ही इस बीमारी से बचने का मुख्य शस्त्र है.












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