'धमकाया गया, दवाब बनाया गया... ', Zilingo की पूर्व CEO अंकिती बोस ने सह-संस्थापक के खिलाफ दर्ज कराई FIR
Zilingo ex-CEO Ankiti Bose: एक बार फिर से टेक्नोलॉजी स्टार्टअप जिलिंगो (Zilingo) की EX ceo अंकिती बोस सोशल मीडिया पर छाई हुई हैं, वजह उनके सनसनीखेज आरोप हैं, जो कि उन्होंने जिलिंगो (Zilingo) के 2 एग्जिक्यूटिव्स के खिलाफ लगाए हैं।

यहीं नहीं उन्होंने दोनों के खिलाफ मुंबई में दो एफआईआर भी दर्ज कराई है, जिनके खिलाफ अंकिती ने केस फाइल किया हैं, वो हैं कंपनी के को-फाउंडर ध्रुव कपूर और पूर्व चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (COO) आदि वैद्य।
'धोखाधड़ी', 'आपराधिक धमकी', 'साजिश' और 'उत्पीड़न'...
अपनी शिकायत में अंकिती ने दोनों लोगों पर 'धोखाधड़ी', 'आपराधिक धमकी', 'साजिश' और 'उत्पीड़न' के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि ध्रुव कपूर और आदि वैद्य ने वित्तीय लाभ हासिल करने के लिए उन्हें और ज़िलिंगो के निवेशकों को गुमराह किया।
अंकिति बोस की 'छह पन्नों की शिकायत'
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक अंकिति बोस की 'छह पन्नों की शिकायत' दावा किया है कि दोनों ने उन्हें झूठे बहाने के तहत शेयर और व्यवसाय छोड़ने के लिए मजबूर किया था।
ध्रूव कपूर और आदि वैद्य पर केस दर्ज
आपको बता दें कि अंकिती ने अपनी शिकायत की कॉपी को अपने सोशल अकाउंट पर भी शेयर किया है। सिंधानिया एंड कंपनी के मैनेजिंग पार्टनर प्रदीप जैन भी इस बात की पुष्टि कर दी है कि अंकिती बोस ने ध्रूव कपूर और आदि वैद्य पर केस दर्ज करवाया है, हालांकि इसके आगे उन्होंने कुछ भी कहने से मना कर दिया।
साल 2015 में स्टार्ट-अप Zilingo की स्थापना हुई थी
मालूम हो कि Zilingo के फाउंडर्स के बीच हुए विवाद के कारण ही अंकिती बोस को कंपनी के CEO पद से हटना पड़ा था। मालूम हो कि साल 2015 में ध्रुव कपूर के साथ मिलकर अंकिती बोस ने स्टार्ट-अप Zilingo की स्थापना की थी, जो कि फैशन रिटेल सेलर्स का काम करती है, इसने यूनिकॉर्न क्लब में भी जगह बनाई थी।
अंकिती को कंपनी ने बाहर का रास्ता दिखाया था, लगाए थे गंभीर आरोप
लेकिन साल 2022 में उस वक्त लोग चौंक गए थे जब अचानक से अकाउंट्स में हेरफेर के मामले में दोषी करार देते हुए अंकिती को कंपनी ने बाहर का रास्ता दिखा दिया था। कंपनी की ओर से कहा गया था कि 'उन्होंने बिना किसी अप्रूवल और मैनेजमेंट के परमिशन के अपनी सैलरी में 10 गुना इजाफा किया था। उन्होंने अकाउंटस में धोखाधड़ी की ।'
महेश मूर्ति के खिलाफ 820 करोड़ रु का मानहानि का दावा
गौरतलब है कि अंकिती के ऊपर एक्शन तब हुआ था जब अंकिती बोस ने वेंचर कैपिटल इन्वेस्टर महेश मूर्ति के खिलाफ 820 करोड़ रु का मानहानि का दावा ठोका था।
आगे से मेरे बारे में लिखने से रोका जाए...
बॉम्बे हाईकोर्ट की वेबसाइट के मुताबिक अंकिती बोस ने मूर्ति पर आरोप लगाया था कि 'उन्होंने जो भी आर्टिकल लिखा था, वो बिना उनके परमिशन के लिखा गया, उन्होंने गलत बातें लिखीं हैं जिसकी वजह से उनकी छवि खराब हुई इसलिए कोर्ट को उन्हें सख्त सजा देनी चाहिए और आगे से उनके बारे में लिखने से रोका जाए।'
एक साल बाद फिर से सुर्खियों में अंकिती बोस
बता दें कि यह केस 20 अप्रैल 2023 को फाइल किया गया था और ठीक एक साल बाद अब फिर से अंकिती एक और केस की वजह से सुर्खियों में आ गई हैं।












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