योग दिवस- मुंबई और दिल्ली के मुसलमान आमने-सामने
नई दिल्ली(विवेक शुक्ला) अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को 21 जून को मनाने के सवाल पर मुंबई और दिल्ली के मुस्लिम संगठन और नेता एक-दूसरे के सामने हैं। जहां मुंबई के कुछ मुस्लिम नेता कह रहे हैं कि 21 जून को सबको योग दिवस के रूप में मनाने के सरकारी आदेश अपने आप में गलत है। सरकार सबको ये नहीं कह सकती कि वे योग दिवस मनाएं। वे सूर्यनमस्कार करें।
गलत सरकारी फैसला
मुंबई के जमाते-ए-इस्लामी हिन्द के सचिव जहूर अहमद ने कहा कि ये सरकारी फैसला धार्मिक भावनाओं पर कुठाराघात करने के समान है। मुसलमान तो सिर्फ अल्लाह के सामने ही झुकते हैं। वे किसी दूसरे के आगे नहीं झुक सकते।
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योग दिवस का हिस्सा
उधर,दिल्ली की के.जी मार्ग मस्जिद के इमाम मौलाना उमेऱ इलियासी ने कहा कि वे सरकार के योग दिवस मनाने के फैसले का स्वागत करते हैं। वे उसका हिस्सा बनेंगे। हमें योग में कुछ भी एंटी-इस्लामिक नजर नहीं आता। बता दें कि मौलाना उमेर इलियासी मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मिले थे मुसलमानों के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ।
सूर्य नमस्कार का विरोध
मुंबई में स्टुडेंट्स इस्लामिक आर्गेनाइजेशन के सचिव मोहम्मद सलमान ने भी कहा कि मुसलमान छात्र के लिए सूर्य नमस्कार करना मुमकिन नहीं होगा। बेहतर होगा कि सरकार योग दिवस को किसी वर्ग को मनाने की बाबत दबाव न डाले।
सवाल खड़े करना
पर, दिल्ली के एंग्लो एराबिक स्कूल के सीनियर टीचर मकसूद अहमद ने कहा कि ये बेहद अफसोस की बात है कि कुछ लोग हर चीज में सरकार की नीयत पर सवाल करते हैं। ये गलत है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में हमें योग दिवस मनाने को लेकर कोई दिक्कत नहीं है। हम योग दिवस मनाएँगे।
बता दें कि 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर राजधानी के राजपथ पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हजारों लोग योग करेंगे। इस बाबत तेजी से तैयारियां चल रही हैं। उम्मीद है कि 21 जून को देशभर में योगदिवस बहुत बड़े स्तर पर मनाया जाएगा।













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