Year Ender 2025: किसी की मौत ने झकझोरा, कोई प्लेन हादसे में चल बसा, इन 5 नेताओं के निधन ने बदला साल का मिजाज
Year Ender 2025: साल 2025 भारतीय राजनीति और सार्वजनिक जीवन के लिए ये साल 2025 बेहद भावुक भरा रहा। इस साल कई नामी-गिरामी नेता चले गए। सत्ता, संघर्ष और विचारधाराओं के बीच अपनी अलग पहचान बनाने वाले कई दिग्गज नेता इस साल हमेशा के लिए खामोश हो गए। किसी की सांसें लंबी बीमारी से थमीं तो किसी का जीवन अचानक एक भयावह विमान हादसे में खत्म हो गया।
ये सिर्फ व्यक्तियों का जाना नहीं था, बल्कि उन दौरों, संघर्षों और राजनीतिक यात्राओं का अंत था, जिन्होंने देश की दिशा और लोकतंत्र की सोच को दशकों तक आकार दिया। आइए नजर डालते हैं उन पांच नेताओं पर, जिनके निधन ने 2025 को राजनीति के इतिहास में एक भावुक अध्याय बना दिया।

🔹 1. शिबू सोरेन - झारखंड के 'गुरुजी' का आखिरी सलाम
झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के संस्थापक और झारखंड के मुख्यमंत्री रहे शिबू सोरेन का निधन 4 अगस्त 2025 को दिल्ली के एक अस्पताल में हुआ। वे 81 वर्ष के थे और लम्बे समय से किडनी से जुड़ी बीमारी से जूझ रहे थे। सोरेन को आदिवासी अधिकारों के लिये संघर्ष और झारखंड की स्थापना में उनके योगदान के लिए याद किया जाता है।
उनके देहांत पर झारखंड में तीन दिनों का राजकीय शोक घोषित किया गया और राजसभा सहित कई सार्वजनिक संस्थाओं ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की। उनके बेटे हेमंत सोरेन, जो खुद वर्तमान मुख्यमंत्री हैं, ने कहा कि पिता का योगदान आदिवासी और गरीब वर्ग के उत्थान में अमूल्य रहा।
🔹 2. शिवराज पाटिल - लोकतंत्र के प्रतिष्ठित स्तंभ का निधन
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री शिवराज पाटिल का 12 दिसंबर 2025 को लातूर, महाराष्ट्र में निधन हो गया। वे 90 वर्ष के थे और कुछ समय से बीमार चल रहे थे। पाटिल ने भारतीय राजनीति में दशकों तक सेवाएं दीं - वे लोकसभा के अध्यक्ष, पंजाब राज्यपाल, चंडीगढ़ प्रशासक और 2004-2008 के बीच गृह मंत्री भी रहे।
मुंबई हमलों के बाद नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए उन्होंने गृह मंत्री का पद छोड़ दिया था, जिसे उनकी राजनीतिक परिपक्वता के रूप में देखा गया। उनके निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू समेत विभिन्न नेताओं ने शोक प्रकट किया।
🔹 3. सत्यपाल मलिक - चार राज्यों के गर्वनर और बेबाक आवाज
पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक का 5 अगस्त 2025 को निधन हो गया। वे गोवा, बिहार, मेघालय और जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल रह चुके थे। मलिक स्वास्थ्य जटिलताओं से जूझ रहे थे और राम मनोहर लोहिया अस्पताल में उनका उपचार चल रहा था। उन्होंने कई राष्ट्रीय मुद्दों पर अपनी बेबाक राय रखी और किसानों तथा गरीबों के पक्ष में खुलकर बात की। उनके निधन पर राजनीतिक और सामाजिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई।
🔹 4. विजय रूपाणी - अहमदाबाद विमान हादसे में हवाई दुर्घटना में मौत
गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी की मौत 12 जून 2025 को अहमदाबाद में एक विमान हादसे के चलते हो गई। हादसे में वे और अन्य यात्रियों की जान चली गई, जिससे पूरे देश में शोक की लहर फैल गई। रूपाणी ने अपने राजनीतिक जीवन में गुजरात की राजनीति में कई बदलाव और विकास कार्यों का नेतृत्व किया। हादसे के बाद उनके परिवार को डीएनए मद्द से पहचान कर शव सौंपा गया और राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
🔹5. विजय कुमार मल्होत्रा - भाजपा के वरिष्ठ नेता का विदाई
भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और दिल्ली के पहले प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार मल्होत्रा का 30 सितंबर 2025 को दिल्ली के AIIMS में निधन हुआ। वे 93 वर्ष के थे और पार्टी के शुरुआती दिनों से जुड़े रहे। मल्होत्रा को दिल्ली भाजपा का मजबूत चेहरा माना जाता था। वे पांच बार सांसद और दो बार विधायक रहे, साथ ही 1999 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के मनमोहन सिंह को हराकर चर्चा में आए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत राष्ट्रीय नेताओं ने उनके निधन पर गहरा दुःख जताया।












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