UP News: यमुना एक्सप्रेस-वे : जापान सिटी और सिंगापुर सिटी के लिए 500-500 एकड़ भूमि प्रस्तावित
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने ग्रेटर नोएडा, सेक्टर 5ए और सेक्टर 7 में जापान सिटी और सिंगापुर सिटी के लिए भूमि आवंटन को औपचारिक रूप दिया है। प्रत्येक चीन सिटी परियोजना ईपीसी विकास के तहत 500 एकड़ का प्रस्ताव करती है, जिसमें कम से कम 70% औद्योगिक उपयोग और मिश्रित आवास, वाणिज्यिक और संस्थागत स्थान शामिल हैं, जिसका उद्देश्य एक एकीकृत औद्योगिक शहर बनाना है।
यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने जापान सिटी और सिंगापुर सिटी के विकास को लेकर औपचारिक प्रस्ताव उत्तर प्रदेश शासन को भेज दिया है। 18 फरवरी 2026 को जारी पत्र में प्राधिकरण ने अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त को अवगत कराया कि प्राधिकरण क्षेत्र में दोनों प्रस्तावित शहरों के लिए भूमि चिन्हित कर ली गई है। प्राधिकरण के सीईओ आर.के. सिंह ने बताया कि दोनों परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण से संबंधित योजना तैयार कर ली गई है।

पत्र के अनुसार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रस्तावित जापान और सिंगापुर यात्रा के मद्देनजर प्राधिकरण से अपने क्षेत्राधिकार में जापान सिटी और सिंगापुर सिटी के लिए उपयुक्त भूमि चिन्हित कर जानकारी उपलब्ध कराने को कहा गया था। इसी क्रम में सेक्टर-5ए और सेक्टर-7 को इन परियोजनाओं के लिए प्रस्तावित किया गया है।
मल्टीपर्पज औद्योगिक क्षेत्र के रूप में होगा विकास
प्राधिकरण की महायोजना के तहत सेक्टर-5ए और सेक्टर-7 को मल्टीपर्पज औद्योगिक क्षेत्र के रूप में नियोजित किया गया है। इन क्षेत्रों में न्यूनतम 70 प्रतिशत भूमि औद्योगिक उपयोग के लिए निर्धारित है। इसके अतिरिक्त अधिकतम 12 प्रतिशत भूमि आवासीय उपयोग के लिए, अधिकतम 13 प्रतिशत वाणिज्यिक उपयोग के लिए तथा न्यूनतम 5 प्रतिशत संस्थागत सुविधाओं के लिए निर्धारित की गई है। पत्र में कहा गया है कि इन सेक्टरों को एक इंटीग्रेटेड औद्योगिक सिटी के रूप में विकसित किया जा सकता है।
500-500 एकड़ भूमि का प्रस्ताव
जापान सिटी के लिए ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-5ए में 500 एकड़ भूमि प्रस्तावित की गई है। इसी प्रकार सिंगापुर सिटी के लिए ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-7 में 500 एकड़ भूमि चिन्हित की गई है। दोनों परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण प्रस्तावित है और विकास कार्य ईपीसी (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन) मोड पर कराए जाने की योजना है। यह पहल यमुना एक्सप्रेस-वे क्षेत्र को एक प्रमुख औद्योगिक एवं निवेश हब के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।












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