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Wrestlers protest: जंतर-मंतर पर आधी रात को क्या-क्या हुआ, अब कैसा है वहां माहौल?

Wrestlers protest jantar mantar: जंतर-मंतर पर हुए हंगामे के बाद पहलवानों ने कहा कि उनका जिस तरह से अपमान किया गया है, उसके बाद वो अपने मेडल लौटाएंगे।

Wrestlers protest

दिल्ली के जंतर-मंतर पर बुधवार आधी रात को अचानक हंगामा मच गया। भाजपा सांसद और कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे पहलवानों ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस ने उनके साथ बदसलूकी की और हाथापाई में एक पहलवान के भाई को चोट भी लगी।

इसके बाद सोशल मीडिया पर जंतर-मंतर से वीडियो सामने आने लगे और कई नेताओं-पत्रकारों ने पहलवानों के समर्थन में ट्वीट करते हुए दिल्ली पुलिस को घेरा। ऐसे में एक सवाल सभी के मन में है कि आखिर अचानक ये हंगामा क्यों हुआ? इसके पीछे की वजह क्या थी? और जंतर-मंतर पर आखिर हुआ क्या था?

जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन कर रहे पहलवानों के मुताबिक, हंगामा उस वक्त शुरू हुआ, जब बुधवार को हुई बारिश की वजह से जमीन पर बिछे उनके गद्दे-बिस्तर भीग गए और वो धरना स्थल पर फोल्डिंग पलंग लाना चाहते थे, इसके लिए उन्होंने सोशल मीडिया पर अपील भी की।

AAP विधायक सोमनाथ भारती लेकर पहुंचे ट्रक
पहलवानों की अपील पर आम आदमी पार्टी के विधायक सोमनाथ भारती ट्रक में फोल्डिंग पलंग लेकर पहुंचे, लेकिन पहलवानों का कहना है कि दिल्ली पुलिस ने इसकी इजाजत नहीं दी। इसके बाद पहलवानों और पुलिस के बीच नोंक-झोंक होने लगी और इस सबमें एक पहलवान के भाई दुष्यत के सिर में चोट लग गी। पहलवानों का ये भी आरोप है कि कुछ पुलिसवालों ने शराब पी हुई थी और उन्होंने महिला पहलवानों के साथ बदतमीजी की।

दीपेंद्र हुड्डा मिलने पहुंचे, लेकिन हिरासत में लिए गए
इस मामले की खबर जैसे ही सोशल मीडिया के जरिए लोगों को मिली, जंतर-मंतर पर नेताओं और पत्रकारों का आना शुरू हो गया। कांग्रेस नेता दीपेंद्र हुड्डा भी रात में ही जंतर-मंतर पहुंचे, लेकिन पुलिस ने उन्हें धरना स्थल पर जाने की इजाजत नहीं दी। दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि वो केवल अकेले जाकर महिला पहलवानों से मिलना चाहते हैं, लेकिन पुलिस ने कहा कि उन्हें इस समय पहलवानों से मिलने नहीं दिया जा सकता। इसके बाद पुलिस ने दीपेंद्र हुड्डा को हिरासत में ले लिया।

बहुत बेइज्जती हो गई, मेडल लौटाएंगे: विनेश फोगाट
दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल भी रात में ही पहलवानों से मिलने पहुंचीं, लेकिन उन्हें नहीं मिलने दिया गया। स्वाति मालीवाल का आरोप है कि पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया। इसके बाद पहलवानों ने अपील की, कि अपने हक की लड़ाई में उन्हें पूरे देश से समर्थन चाहिए। सुबह होने पर पहलवान विनेश फोगाट और बजरंग पूनिया ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि जिस तरह से दिल्ली पुलिस ने उनकी बेइज्जती की है, उसके बाद वो अपने मेडल सरकार को लौटाएंगे।

अब कैसे हालात हैं?
इस हंगामे के बाद दिल्ली पुलिस ने सभी जिलों के डीसीपी को अपने-अपने जिलों, खासकर बॉर्डर से सटे जिलों में अलर्ट रहने के लिए कहा है। राजधानी में अलग-अलग जगहों पर बैरिकेड्स लगा दिए गए हैं और सेंट्रल दिल्ली की तरफ जाने वाले मार्गों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस को इनपुट मिला है कि धरना दे रहे पहलवानों का समर्थन करने के लिए बड़ी संख्या में लोग जंतर-मंतर पहुंच सकते हैं।

गीता फोगाट को नहीं मिलने दिया गया
वहीं, प्रदर्शन कर रहे पहलवानों से गुरुवार को मिलने आ रहीं महिला रेसलर गीता फोगाट ने ट्वीट कर बताया कि उनकी गाड़ी को करनाल बाईपास पर पुलिस ने रोका है और दिल्ली में एंट्री करने से रोकने की कोशिश कर रहे हैं। इसके अलावा पुलिस ने पहलवानों का समर्थन करने के लिए हरियाणा के सोनीपत से दिल्ली आ रहे 15 लोगों को हिरासत में लिया है। हिरासत में लिए गए लोगों में किसान नेता अभिमन्यू कोहर भी शामिल हैं।

नशे में नहीं था कोई पुलिसकर्मी: डीसीपी
पूरे मामले पर डीसीपी प्रणव तायल ने बताया कि बीती रात हुई हाथापाई में पांच पुलिसकर्मियों को चोटें आईं हैं। वहीं, कुछ पुलिसकर्मियों के नशे में होने के आरोप पर डीसीपी ने बताया कि पुलिसकर्मियों का मेडिकल परीक्षण कराया गया और कोई भी पुलिसकर्मी नशे में नहीं पाया गया।

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