World Environment day पर पीएम मोदी ने लगाया 'सिंदूर का पौधा', क्या संदेश देने की है कोशिश? जानिए पीछे की कहानी

World Environment day 2025: विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार (5 जून 2025) को अपने 7 लोक कल्याण मार्ग स्थित आवास पर सिंदूर का पौधा रोपकर एक खास संदेश दिया। यह पौधा उन्हें उन वीरांगनाओं के एक समूह ने भेंट किया था, जिन्होंने 1971 के भारत-पाक युद्ध के दौरान भुज एयरस्ट्रिप को फिर से तैयार करने में असाधारण साहस और देशभक्ति का परिचय दिया था। दिलचस्प बात यह है कि कई लोग इस पौधारोपण को हाल ही में आतंकवाद के खिलाफ़ चलाए गए 'ऑपरेशन सिंदूर' से भी जोड़कर देख रहे हैं। ऐसे में सवाल उठता है क्या यह पौधा एक प्रतीक है? और अगर हाँ, तो किसे दिया गया है यह सांकेतिक संदेश?

ये पौधा क्यों है खास?

बता दें कि, प्रधानमंत्री मोदी ने जो सिंदूर का पौधा रोपकर एक खास संदेश दिया उसे 1971 के युद्ध की वीर नारियों ने दिया था। यह महिलाएं वही हैं जिन्होंने 1971 में भुज के वायुसेना हवाई पट्टी को दुबारा बनाने में निर्णायक भूमिका निभाई थी। उस समय 300 से अधिक महिलाओं ने युद्ध के बीच हिम्मत और देशभक्ति का परिचय देते हुए, भारतीय वायुसेना के लिए हवाई पट्टी तैयार की थी। प्रधानमंत्री मोदी ने इस मौके को पर्यावरण संरक्षण, महिला शक्ति और सांस्कृतिक परंपरा का संगम बताते हुए कहा कि यह पौधा केवल एक जैविक प्रतीक नहीं, बल्कि हमारी चेतना, संस्कार और सामूहिक कर्तव्य का प्रतीक है।

World Environment day

सिंदूर के पौधे के पीछे क्या संदेश?

वहीं प्रधानमंत्री मोदी ने एक बार फिर सिंदूर का पौधा लगाकर 'ऑपरेशन सिंदूर' की ओर संकेत कर दिया है। कई लोग इस कदम को हालिया आतंकवाद विरोधी अभियान 'ऑपरेशन सिंदूर' से जोड़कर देख रहे हैं। लोगों का मानना है कि प्रधानमंत्री ने पर्यावरण दिवस के मौके पर एक प्रतीकात्मक संदेश देते हुए यह साफ कर दिया है कि भारत की लड़ाई सिर्फ बाहरी प्रदूषण से नहीं, बल्कि आतंकी मानसिकता से भी है। इसके साथ ही लोग यह भी कहते हैं कि प्रधानमंत्री के यह संकेत लगातार दुनिया को याद दिलाने के प्रयास हैं कि जब तक आतंकवाद पूरी तरह समाप्त नहीं हो जाता, यह ऑपरेशन लगातार जारी रहेगा।

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आंखों में लहू नहीं, गरम सिंदूर बह रहा है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में राजस्थान के बिकानेर में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा था,'मोदी का दिमाग ठंडा है, हमेशा ठंडा रहता है, लेकिन मोदी का लहू गरम होता है। और अब तो मोदी की नसों में लहू नहीं, गरम सिंदूर बह रहा है।' पीएम मोदी ने अपने इस संबोधन के जरिए भी गहरा संदेश देने की कोशिश की थी।

मोदी का संदेश क्लियर

दरअसल, पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना ने जवाबी कार्रवाई करते हुए 'ऑपरेशन सिंदूर' को अंजाम दिया था। इस ऑपरेशन के तहत सेना ने पाकिस्तान के भीतर घुसकर 100 से अधिक आतंकवादियों को ढेर किया और कई आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया था। सरकार ने उस समय स्पष्ट कर दिया था कि जब तक आतंकवाद का पूरी तरह से सफाया नहीं हो जाता, तब तक 'ऑपरेशन सिंदूर' जारी रहेगा। इसी संदर्भ में माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी लगातार अपने बयानों और प्रतीकों के माध्यम से यह संदेश दोहराते रहे हैं। आज विश्व पर्यावरण दिवस पर सिंदूर का पौधा लगाना भी इसी दिशा में एक और प्रतीकात्मक संदेश माना जा रहा है कि भारत की जंग न केवल पर्यावरण के संरक्षण के लिए है, बल्कि आतंकी सोच और ढांचों के खात्मे तक भी जारी रहेगी।

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