World Air Quality Index: एशिया की टॉप-10 सबसे प्रदूषित जगहों में 8 भारत की, दिल्ली नहीं है इस लिस्ट में
World Air Quality Index: देश में बढ़ता प्रदूषण का स्तर एक बड़ी समस्या है। सर्दियों के मौसम में प्रदूषण का स्तर और भी बढ़ जाता है जिसकी वजह से लोगों को सांस लेना जानलेवा साबित होता है। दिल्ली-एनसीआर में हवा में प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है, जिसकी वजह से लोगों को सांस लेने में भी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। ना सिर्फ देश की राजधानी बल्कि देश के कई और ऐसे हिस्से हैं जहां पर हवा में प्रदूषण का स्तर काफी ज्यादा है जिसकी वजह से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है

10 में से 8 जगह भारत की
वर्ल्ड एयर क्वालिटी इंडेक्स (World Air Quality Index) की ओर से जो ताजा आंकड़े जारी किए गए हैं उसमे एशिया के 10 सबसे प्रदूषित शहरों की लिस्ट में 8 शहर भारत के हैं। वहीं सबसे कम वायु प्रदूषण की टॉप-10 शहरों की लिस्ट में भारत के सिर्फ एक शहर ने जगह बनाने में सफलता हासिल की है। आंध्र प्रदेश के शहर राजामहेंद्रवरम को इस लिस्ट में जगह मिली है।

गुरुग्राम का सेक्टर 51 पहले पायदान पर
टॉप-10 सबसे प्रदूषित जगहों की लिस्ट में गुरुग्राम का सेक्टर-51 पहली लिस्ट पर है, यहां पर एयर क्वालिटी इंडेक्स रवुवार को 679 था, जबकि दूसरे पायदान पर देहरादून का नंबर है, यहां पर रेवाड़ी के करीब एयर क्वालिटी इंडेक्स 543, तीसरे पायदान पर मुजफ्फरपुर है, जहां का एयर क्वालिटी इंडेक्स 316 है। चौंकाने वाली बात यह कि इस लिस्ट में फिलहाल दिल्ली शामिल नहीं है।

भारत के इन जगहों सर्वाधिक प्रदूषण
लखनऊ के तालकटोरा इलाके में एयरक्वालिटी इंडेक्स 298, आनंदपुर डीआरसीसी, बेगूसराय में 269, भोपाल चौराहा देवास में 266, खादकपड़ा कल्याण में 256, दर्शन नगर छपरा में 239 है। इसके अलावा चीन के लूझो में एयर क्वालिटी इंडेक्स 262 है, जबकि मंगोलिया के बयानखोशू को भी इस लिस्ट में जगह मिली है। बता दें कि एयर क्वालिटी इंडेक्स को 0-50 के बीच अच्छा यानि गुड माना जाता है, 51-100 के बीच मॉडरेट, 101-150 के बीच सेंसिटिव ग्रुप के लिए नुकसानदायक, 1151-200 के बीच अनहेल्दी, 201-300 के बीच वेरी अनहेल्दी, 300 से अधिक को खतरनाक माना जाता है। इस इंडेक्स को यूएस-ईपीए 2016 ने निर्धारित किया है।

सर्दियों में क्यों बढ़ता है वायु प्रदूषण
वर्ल्ड एयर क्वालिटी इंडेक्स प्रोजेक्ट की शुरुआत 2007 में की गई थी, इसका लक्ष्य वायु प्रदूषण को लेकर लोगों में जागरुकता फैलाना था। सर्दियो में वायु प्रदूषण बढ़ने की बड़ी वजह यह है कि सर्दियों में ठंडी हवा चलती है, जिसकी वजह से वायु प्रदूषण के कण धरती के करीब रहते हैं और ऊपर नहीं जा पाते हैं। रात में पारा और गिर जाता है जिसकी वजह से वायु प्रदूषण और बढ़ जाता है। दीवाली के मौके पर प्रदूषण में अधिक बढ़ोत्तरी होती है क्योंकि पटाखों का धुआं काफी होता है। इसके अलावा पराली को जलाने से भी प्रदूषण का स्तर बढ़ता है।












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