पोस्टमार्टम के बाद नहीं मिला किसी का सहारा, पति की सड़ती लाश के साथ 8 दिनों तक बैठी रही महिला
मुजफ्फरपुर। बिहार के मुजफ्फरपुर में दिल दहला देनी वाली घटना सामने आई है। जहां एक महिला को आठ दिनों तक अपने पति की लाश के साथ पोस्टमार्टम हाउस के बाहर रहना पड़ा है। इस बेजुबां महिला पर ना तो पुलिस ने कोई संवेदना दिखाई और ना ही राहगीरों ने। स्थिति ये हो गई थी कि लाश भी सड़ने लगी थी फिर भी महिला पोस्टमार्ट हाउस के सामने पड़ी रही। इस बीच उस महिला के पास उसकी एक परिचित महिला आई, जिसके बाद वो गूंगी महिला और उसके पति की लाश को गांव ले गई। लेकिन इस महिला के पति के साथ जो हुआ उसके बारें में आपको जानना बहुत जरूरी है।

रक्षाबंधन के बाद कोठिया की रजिया अपने मायके अहियारपुर से पति के साथ ससुराल कोठिया गांव के लिए वापस लौट रही थी। इसी बीच ऑटों में किसी ने उसके पति को नशे की गोली खिला दी। किसी तरह से दोनों जंक्शन पहुंचे। इसके बाद जीआरपी की नजर पड़ी तो उसने महिला की पति को अस्पताल में भर्ती कराया। बाद में हालत नाजुक होते देख उसके मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया जहां उसकी मौत हो गई। मौत के बाद लोग रजिया से पता पूछते रहे लेकिन बोल नहीं पाने की वजह से वो कुछ बता नहीं सकी। इसके बाद पोस्टमार्ट हाउस के कर्मचारियों ने लाश का पोस्टमार्टम कर हाउस के बार ही रख दिया। अकेली रजिया करे तो क्या करे। आठ दिनों तक वो पति के लाश के बगल में सोती-जागती रही।
लोगों ने पागल समझ खाना तो दिया लेकिन दर्द नहीं समझा
राहगीर आते-जाते रहे लेकिन पागल समझ किसी ने उसके बारे में पूछना तक सही नहीं समझा। लोग उसे पागल समझ खाना तो जरूर दे गए लेकिन किसी को ये नहीं लगा कि आखिर ये महिला लाश के साथ क्या कर रही है और इसकी क्या परेशानी है। पोस्टमार्टम हाउस वालों का दिल नहीं पिघला कि वो कम से कम लाश का अंतिम संस्कार ही किसी सामाजिक संस्था से करा सके या फिर किसी तरह से महिला के बारे में जानकारी इकट्ठा कर सके। इसी बीच गुरुवार को एक महिला रजिया को देख उसके पास पहुंची तो उसने महिला और पति के बारे में लोगों को बताया और फिर लाश और बेजुबां महिला को लेकर वो गांव के लिए निकल गई।
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