Loan Waivers of Rs 10: BJP ने किसानों को कर्जमाफी के नाम पर दिए 10-10 रुपए के सर्टिफिकेट
लखनऊ। भले ही योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में चल रही भाजपा सरकार किसानों का 36000 करोड़ रुपए का कर्ज माफ करने का दावा कर रही हो, लेकिन सच कुछ और है। किसानों को कर्ज माफी के सर्टिफिकेट 10 रुपए और 215 रुपए के भी मिल रहे हैं। उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में किसान तब हैरान रह गए, जब उन्हें 10 रुपए तक के भी कर्ज माफी के सर्टिफिकेट दिए गए। इस कार्यक्रम में राज्य के श्रम और रोजगार कार्यालयों के मंत्री मनोहर लाल (मन्नु कोरी) भी उपस्थित थे।

पहले से ही मुसीबतें झेल रहे उस किसानों को 10 और 20 रुपए के कर्ज माफी के सर्टिफिकेट दिए गए, जिन पर 50 हजार तक का भी कर्ज है। अब किसान ये सोच-सोच कर परेशान हैं कि आखिर उनके साथ ये कैसा मजाक हो गया है। जैसे ही इसे लेकर मन्नु कोरी से शिकायत की गई तो वह बोले कि यह छपाई में गलती होने की वजह से हो गया होगा, मामले की जांच की जाएगी और गलतियों को सही किया जाएगा।

किसान इससे बहुत ही आहत हैं और उन्होंने सरकार के प्रति अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा है कि यह उनके साथ एक मजाक के अलावा और कुछ नहीं है। हमीरपुर के उमरी गांव के एक किसान मुन्नी लाल ने मंत्री को अपनी बैंक पासबुक दिखाते हुए कहा कि उन पर 50 हजार रुपए का कर्ज है और बदले में उन्हें 215 रुपए का कर्जमाफी का सर्टिफिकेट मिला है। एक अन्य किसान बाबूलाल ने भी शिकायत की कि उन पर 50 हजार रुपए का कर्ज है, जबकि उन्हें सिर्फ 28 हजार रुपए का कर्जमाफी का सर्टिफिकेट मिला है।
भाजपा सरकार की इस योजना के पहले चरण में सिर्फ हमीरपुर जिले से ही 12,460 किसानों के कर्ज माफी होने हैं। सोमवार को मन्नु कोरी ने करीब 5000 किसानों को यह कर्जमाफी सर्टिफिकेट दिया। जिन 45 किसानों को सर्टिफिकेट देने के लिए स्टेज पर बुलाया गया था, उनमें से भी कइयों ने बेहद कम रकम का सर्टिफिकेट मिलने की शिकायत की है।
ऐसा पहली बार नहीं है कि किसानों को इतनी कम रकम के कर्जमाफी के सर्टिफिकेट दिए गए हैं। इससे पहले 8 सितंबर को बाराबंकी जिले से भी इस तरह की घटना सामने आई थी, जहां पर 5000 किसानों को सर्टिफिकेट बांटे गए थे। वहां के किसानों ने भी 12 और 24 रुपए जैसे छोटी रकम के कर्जमाफी के सर्टिफिकेट मिलने की शिकायत की थी।












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